मधुमेह की स्क्रीनिंग से लेकर मृदा स्वास्थ्य कार्ड तक…चित्रकूट ने गाड़े झंडे, नीति आयोग की ओर से DM सम्मानित
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Chitrakoot ki local news : चित्रकूट के लिए अच्छी खबर है. भारत सरकार के नीति आयोग की ओर से जिलाधिकारी पुलकित गर्ग को सम्मानित किया गया है. नीति आयोग की ओर से संचालित ‘सम्पूर्णता अभियान’ के तहत जुलाई से सितंबर 2024 के बीच विकास मानकों पर चित्रकूट के रामनगर ब्लॉक ने शानदार प्रदर्शन किया है. रामनगर ने कई महत्त्वपूर्ण संकेतकों पर 100 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर ली है. इनमें गर्भवती महिलाओं का प्रथम त्रैमास में पंजीकरण, मधुमेह की स्क्रीनिंग, उच्च रक्तचाप की जांच और मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण शामिल है.
चित्रकूट. बुंदेलखंड का चित्रकूट जिला अब विकास की नई इबारत लिखता नजर आ रहा है. कभी पिछड़ेपन और संसाधनों की कमी से जूझने वाला यह इलाका अब योजनाबद्ध प्रयासों और प्रशासनिक सक्रियता के चलते पहचान बना रहा है. ताजा उदाहरण जिले के रामनगर विकासखंड का है, जिसने नीति आयोग के आकांक्षात्मक ब्लॉक कार्यक्रम में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर पूरे जिले को गौरवान्वित कर दिया है. भारत सरकार के नीति आयोग की ओर से संचालित ‘सम्पूर्णता अभियान’ के तहत जुलाई से सितंबर 2024 के बीच विभिन्न विकास मानकों पर मूल्यांकन किया गया है. इसमें चित्रकूट के रामनगर ब्लॉक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई महत्त्वपूर्ण संकेतकों पर 100 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर ली है. इसी उपलब्धि के लिए जिलाधिकारी पुलकित गर्ग को सम्मानित किया गया है. कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया.
इस संबंध में जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने लोकल 18 को बताया कि चित्रकूट जिले का रामनगर ब्लॉक ने कुल छह प्रमुख संकेतकों में से चार में शत-प्रतिशत सफलता प्राप्त की है. इनमें गर्भवती महिलाओं का प्रथम त्रैमास में पंजीकरण, मधुमेह की स्क्रीनिंग, उच्च रक्तचाप की जांच और मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण शामिल है. इसके अलावा अन्य दो संकेतकों में भी ब्लॉक ने सराहनीय प्रदर्शन किया है. अनुपूरक पोषण कार्यक्रम में 93.03 प्रतिशत और स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फंड उपलब्ध कराने में 85.80 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है. इन कामों को देखते हुए नीति आयोग की ओर से मेडल देकर सम्मानित किया गया है.
कभी इतने खराब थे हालात
एक समय था कि बुंदेलखंड के चित्रकूट को सबसे पिछड़े इलाके में गिना जाता था. इस इलाके में न तो कोई कार्य सही ढंग से हो पता था और न ही यह जिला जल्दी कोई पुरस्कार के लिए चुना जाता था, लेकिन बदलते दौर के साथ यहां की विकास की रफ्तार बढ़ी है और अब चित्रकूट जिले का नाम प्रदेश और देश स्तर तक पहुंच रहा है.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें