पद्मश्री मालिनी अवस्थी बनीं प्रोफेसर! मेरठ के CCSU में बच्चों को सिखाएंगी लोक संगीत के गुर
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Meerut News: पद्मश्री मालिनी अवस्थी सीसीएसयू मेरठ में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस नियुक्त की गई हैं. नई शिक्षा नीति के तहत हुई इस नियुक्ति से विद्यार्थियों को उनके 30 वर्षों के समृद्ध गायन अनुभव और लोक संस्कृति का व्यावहारिक ज्ञान मिलेगा.

मेरठ के CCSU में बच्चों को लोक संगीत के गुर सिखाएंगी मालिनी अवस्थी
मेरठ: फेमस लोक गायिका और पद्मश्री से सम्मानित मालिनी अवस्थी अब चौधरी चरण सिंह विवि (CCSU), मेरठ में विद्यार्थियों को लोक संस्कृति और संगीत के गुर सिखाएंगी. विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में हुई कार्यपरिषद की बैठक में मालिनी अवस्थी को हिंदी विभाग में ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ (PoP) नामित किया गया है. उन्हें तीन वर्ष के कार्यकाल के लिए नियुक्ति पत्र सौंप दिया गया है.
नई शिक्षा नीति के तहत बड़ी पहल
यूजीसी की नई पहल और नई शिक्षा नीति के तहत विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों को विश्वविद्यालयों से जोड़ने के लिए ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ पद का सृजन किया गया है. इसी कड़ी में मालिनी अवस्थी के साथ-साथ प्रबंधन विभाग में प्रसिद्ध उद्यमी शैलेंद्र जायसवाल को भी पीओपी नियुक्त किया गया है. उनके व्यावहारिक अनुभव का लाभ अब सीधे मैनेजमेंट के छात्रों को मिलेगा.
एआई पर मालिनी अवस्थी के विचार
न्यूज 18 से खास बातचीत में मालिनी अवस्थी ने इस नई भूमिका पर खुशी जाहिर की और नवाचार का स्वागत किया. तकनीक और एआई (AI) पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि एआई एक शरारती बच्चा है, जिसे नियंत्रित करना आना चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि तकनीक हमारी सहायक होनी चाहिए और हमें इसका गुलाम नहीं बनना चाहिए.
विद्यार्थियों को मिलेगा 30 वर्षों के अनुभव का लाभ
बनारस घराने की शिष्या मालिनी अवस्थी को लोक गायन में 30 से अधिक वर्षों का समृद्ध अनुभव है. विवि का मानना है कि उनके आने से कैंपस और संबद्ध कॉलेजों के छात्र-छात्राओं को ठुमरी, दादरा, कजरी और चैती जैसी गायन शैलियों में उनकी महारत का सीधा लाभ मिलेगा. वह खड़ी बोली, अवधी, भोजपुरी और बुंदेली भाषा व सांस्कृतिक परंपराओं पर विद्यार्थियों से सीधा संवाद करेंगी.
मालिनी अवस्थी के सम्मानों का सफर
मालिनी अवस्थी को अब तक कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है. उन्हें 2016 में पद्मश्री, 2006 में यश भारती, 2014 में कालिदास सम्मान, 2003 में सहारा अवध सम्मान और 2000 में नारी गौरव जैसे पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है. कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि उनके जुड़ने से विश्वविद्यालय के शैक्षिक और सांस्कृतिक परिवेश को एक नई ऊंचाई मिलेगी.
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सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें