PSL खेलेंगे लेकिन पहले पैसे बढ़ाओ …बीसीसीआई से टक्कर लेना पड़ा महंगा! बर्बाद होने वाला है पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड
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पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही. इंडियन प्रीमियर लीग के टक्कर लेने के इरादे से पाकिस्तान सुपर लीग को साथ में कराने का फैसला नुकसान दायक साबित हुआ. पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की वजह से पहले टूर्नामेंट का शेड्यूल बदलना पड़ा, मैच बिना दर्शकों के कराने का फैसला लिया गया, अब, एक PTI रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुछ PSL में भाग लेने वाले खिलाड़ी पाकिस्तान में खेलने के लिए अपने तय अनुबंध से ज्यादा पैसे मांग रहे हैं, क्योंकि सुरक्षा हालात ठीक नहीं हैं.

पाकिस्तान सुपर लीग में उतरने से पहले खिलाड़ियों ने की पैसे बढ़ाने की मांग- रिपोर्ट
नई दिल्ली. पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) हर दिन और ज्यादा मुश्किलों में फंसती जा रही है. रविवार को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने घोषणा की कि 2026 संस्करण सिर्फ दो स्थानों पर आयोजित किया जाएगा जबकि पहले छह स्थान तय किए गए थे. यह फैसला पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण पेट्रोलियम संकट की वजह से लिया गया है. अब, एक PTI रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुछ PSL में भाग लेने वाले खिलाड़ी पाकिस्तान में खेलने के लिए अपने तय अनुबंध से ज्यादा पैसे मांग रहे हैं, क्योंकि सुरक्षा हालात ठीक नहीं हैं.
वैसे तो PCB अपनी लीग पीएसएल पर मंडरा रहे दूसरे संकट यानी अफगानिस्तान के साथ पाकिस्तान की ‘खुली जंग’ के बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहा लेकिन मामला बिगड़ता जा रहा है. विदेशी खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. खिलाड़ी PSL छोड़कर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में खेलने के लिए जा रहे हैं. पाकिस्तान सुपर लीग में उतरने से पहले खिलाड़ियों ने पैसे कॉन्ट्रैक्ट से ज्यादा पैसे की मांग कर डाली है. PTI ने एक सूत्र के हवाले से कहा, “PCB फिलहाल PSL को तय समय पर आयोजित करने पर पूरी तरह ध्यान दे रहा है. उन विदेशी खिलाड़ियों के खिलाफ कोई कार्रवाई तय नहीं की है. जिन्होंने निजी कारणों से लीग छोड़ दी है या खुलेआम अपने PSL अनुबंध का उल्लंघन कर IPL में चले गए हैं,”
पिछले साल PCB ने दक्षिण अफ्रीका के कोर्बिन बोश पर एक साल का बैन लगाया था. उन्होंने PSL छोड़कर IPL में सीजन शुरू होने से पहले ही भाग लिया था. लीग में माना जा रहा है कि इस बैन का बोश पर कोई खास असर नहीं हुआ. इसलिए इस बार दो या तीन साल का लंबा बैन लगाने पर विचार किया जा रहा है. नकवी ने पुष्टि की है कि वह अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे, लेकिन यह कोई आसान समाधान नहीं है.
“तर्क यह है कि बैन लगाने से आठ फ्रेंचाइजी मालिकों के लिए आने वाले PSL संस्करणों में प्रमुख विदेशी खिलाड़ियों को साइन करना और मुश्किल हो जाएगा,” सूत्र ने कहा.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि PCB अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) से संपर्क कर सकता है. खिलाड़ियों के अनुबंध का सम्मान करने के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार किया जा सके. यह साफ नहीं है कि ICC निजी संस्थाओं के बीच इस मामले में क्या और कैसे फैसला ले सकता है.
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15 साल से ज्यादा वक्त से खेल पत्रकारिता से सक्रिय. Etv भारत, ZEE न्यूज की क्रिकेट वेबसाइट में काम किया. दैनिक जागरण वेबसाइट में स्पोर्ट्स हेड रहा. ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, क्रिकेट और फुटबॉल वर्ल्ड कप कवर किया. अक्टूब…और पढ़ें