जज के फर्जी साइन, 500 लोगों को नौकरी दिलाने का वादा और करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी, इस ‘बंटी-बबली’ की हिला देगी कहानी
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Bengaluru Job Scam: बेंगलुरु में एक कपल ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 500 से ज्यादा लोगों से करोड़ों रुपए ठग लिए. जज के फर्जी साइन और नकली दस्तावेजों के जरिए भरोसा जीतकर इस गिरोह ने करीब 25 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की. पुलिस ने आरोपी दंपत्ति को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

बेंगलुरु में जेसन डिसूजा और लवीना ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 500 लोगों से करोड़ों रुपए ठग लिए. (फोटो NW18)
न्यूज18 कन्नड़
Bengaluru Job Scam: आज के दौर में नौकरी सिर्फ जरूरत नहीं, बल्कि जिंदगी की सबसे बड़ी सुरक्षा बन गई है. यही वजह है कि जब कोई सरकारी नौकरी का झांसा देता है, तो लोग आंख बंद कर भरोसा कर लेते हैं. लेकिन यही भरोसा कई बार सबसे बड़ा जाल बन जाता है. बेंगलुरु से सामने आई यह कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जहां एक दंपत्ति ने बेरोजगारी और सपनों का फायदा उठाकर ऐसा खेल खेला कि 500 से ज्यादा लोगों की जिंदगी हिल गई. जज के फर्जी साइन, कोर्ट के नाम पर नौकरी का वादा और करोड़ों की ठगी… यह कोई फिल्मी स्क्रिप्ट नहीं, बल्कि हकीकत है, जिसने सिस्टम पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
इस मामले ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि ठगी के तरीके कितने शातिर हो चुके हैं. लोग अब सिर्फ फर्जी कॉल या मैसेज से नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम का नकली ढांचा बनाकर धोखा दे रहे हैं. इस दंपत्ति ने भी कुछ ऐसा ही किया. अदालत में नौकरी दिलाने का झांसा दिया. भरोसा जीतने के लिए फर्जी दस्तावेज बनाए. और फिर करोड़ों रुपए ऐंठ लिए. अब जब सच सामने आया है, तो हर कोई हैरान है कि आखिर इतने बड़े स्तर पर यह खेल कैसे चलता रहा.
कैसे रचा गया करोड़ों की ठगी का पूरा खेल
- जेसन डिसूजा और उसकी पत्नी लवीना ने मिलकर एक संगठित गिरोह की तरह काम किया. दोनों ने बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाया. खासकर उन लोगों को जो सरकारी नौकरी की तलाश में थे. इन्हें बताया जाता था कि कोर्ट में ‘डी ग्रुप’ की नौकरी लगवाई जाएगी. इसके लिए 10 लाख से लेकर 25 लाख रुपए तक वसूले गए. लोगों को भरोसा दिलाने के लिए जज के फर्जी साइन वाले दस्तावेज भी दिए गए.
- यह ठगी सिर्फ पैसे लेने तक सीमित नहीं थी. आरोप है कि दंपत्ति ने 500 से ज्यादा लोगों को फर्जी ऑफर लेटर देकर उनका भविष्य दांव पर लगा दिया. कई लोगों ने अपनी जमा पूंजी, जमीन तक बेचकर पैसे दिए थे. लेकिन नौकरी के नाम पर उन्हें सिर्फ धोखा मिला.
- जब पीड़ितों ने नौकरी के बारे में पूछना शुरू किया, तो दंपत्ति बहाने बनाने लगे. पहले तारीख टाली गई. फिर फोन उठाना बंद कर दिया गया. धीरे-धीरे लोगों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद सीसीबी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया.
इस दंपत्ति ने लोगों को कैसे फंसाया?
इस दंपत्ति ने बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का लालच दिया. कोर्ट में नौकरी दिलाने का दावा किया गया. भरोसा बढ़ाने के लिए फर्जी दस्तावेज और जज के नकली हस्ताक्षर दिखाए गए. लोगों को लगा कि सब कुछ असली है, इसलिए उन्होंने बड़ी रकम दे दी.
कुल कितने लोगों के साथ धोखाधड़ी हुई?
पुलिस के अनुसार इस मामले में 500 से ज्यादा लोग ठगी का शिकार हुए हैं. हर व्यक्ति से लाखों रुपए लिए गए, जिससे कुल धोखाधड़ी की रकम 25 करोड़ रुपए से ज्यादा बताई जा रही है.
क्या आरोपी पहले भी ऐसे मामलों में शामिल रहे हैं?
हां, यह कपल पहले भी धोखाधड़ी के मामलों में पकड़ा जा चुका है. 2024 में भी इनके खिलाफ केस दर्ज हुआ था और गिरफ्तारी हुई थी. लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद इन्होंने फिर से वही ठगी का नेटवर्क शुरू कर दिया.
फर्जी सिस्टम बनाकर कैसे किया गया बड़ा खेल
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ठगों ने सिर्फ झूठ नहीं बोला, बल्कि एक पूरा नकली सिस्टम खड़ा किया. लोगों को होटल में बुलाया गया. वहां दस्तावेज वेरिफिकेशन का ड्रामा किया गया. फर्जी ऑफर लेटर दिए गए. एजेंट्स के जरिए पैसे इकट्ठा किए गए. यानी हर स्तर पर ठगी को असली दिखाने की कोशिश की गई. यही वजह है कि इतने बड़े स्तर पर लोग इस जाल में फंसते चले गए.
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सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 3 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…और पढ़ें