वनडे के 5 कप्तान… जिनके नाम है सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी का रिकॉर्ड, टॉप 3 कैप्टन ने लगाया ‘दोहरा शतक’
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Most matches as captain in ODI: मैदान पर एक कप्तान का फैसला ही हार और जीत के बीच की रेखा तय करता है! रिकी पोंटिंग के 165 जीत के ‘अजेय’ रिकॉर्ड से लेकर, महेंद्र सिंह धोनी के 200 मैचों के जादुई सफर तक.ये आंकड़े क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी गवाही हैं. स्टीफन फ्लेमिंग की कूटनीति, अर्जुन रणतुंगा का संघर्ष और एलन बॉर्डर की दृढ़ता ने कैसे क्रिकेट की बिसात बदली? 5 दिग्गज कप्तानों की महान विरासत और उनके ‘जीत के प्रतिशत’ का ये है पूरा विश्लेषण.

वनडे में सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी करने वाले 5 कप्तान.
नई दिल्ली. क्रिकेट के मैदान पर एक कप्तान सिर्फ टीम का नेतृत्व नहीं करता, बल्कि वह करोड़ों उम्मीदों का बोझ अपने कंधों पर उठाता है. जब हम वनडे क्रिकेट के इतिहास को पलटते हैं, तो कुछ ऐसे नाम सामने आते हैं जिन्होंने अपनी कप्तानी से न केवल मैच जीते, बल्कि क्रिकेट खेलने के अंदाज को ही बदल दिया. हाल में जारी आंकड़ों ने एक बार फिर बहस छेड़ दी है कि आखिर ‘सर्वकालिक महान कप्तान’ कौन है. रिकी पोंटिंग की आक्रामकता, स्टीफन फ्लेमिंग की चतुराई या महेंद्र सिंह धोनी की ‘कैप्टन कूल’ वाली छवि आंकड़ों के आईने में इन दिग्गजों की विरासत आज भी अडिग है.
वनडे कप्तानी के शिखर पर आज भी ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग का नाम चमक रहा है. 2002 से 2012 के बीच पोंटिंग ने 230 मैचों में कप्तानी की, जिसमें से रिकॉर्ड 165 मैचों में जीत हासिल की. उनकी जीत का प्रतिशत 71.73 प्रतिशत रहा, जो किसी भी कप्तान के लिए एक सपना है. पोंटिंग की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने केवल 51 मैच हारे. उनके दौर में कंगारू टीम एक ऐसी ‘अजेय मशीन’ बन गई थी, जिसे हराना नामुमकिन सा लगता था. 2.17 प्रतिशत का उनका ‘टाई’ रिकॉर्ड उनकी मैच खत्म करने की फिनिशिंग स्किल को दर्शाता है.
वनडे में सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी करने वाले 5 कप्तान.
फ्लेमिंग इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं
न्यूजीलैंड के स्टीफन फ्लेमिंग इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं. 1997 से 2007 के लंबे सफर में उन्होंने 218 मैचों में टीम की कमान संभाली. हालांकि उनका जीत का प्रतिशत 44.95 प्रतिशत (98 जीत) रहा, लेकिन जिस सीमित संसाधनों वाली टीम को उन्होंने वर्ल्ड क्रिकेट की बड़ी ताकतों के सामने खड़ा किया, वह काबिले तारीफ है. फ्लेमिंग अपनी रणनीतिक समझ और स्लिप में अपनी फील्डिंग के लिए मशहूर थे. उनके खाते में 106 हार जरूर हैं, लेकिन कीवी क्रिकेट की नींव उन्होंने ही रखी थी.
धोनी 200 मैचों के साथ तीसर नंबर पर हैं
भारत के सबसे सफल कप्तान एमएस धोनी 200 मैचों के साथ इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं. 2007 से 2018 के बीच ‘माही’ ने भारतीय क्रिकेट को वो ऊंचाई दी, जिसकी कल्पना 1983 के बाद धुंधली पड़ गई थी. धोनी ने 110 मैचों में जीत दर्ज की और उनका जीत का प्रतिशत 55 प्रतिशत रहा. दिलचस्प बात यह है कि धोनी के नेतृत्व में भारत ने केवल 74 मैच हारे. दबाव के क्षणों में उनका शांत रहना और 0.5 प्रतिशत का टाई रिकॉर्ड (5 मैच) उनकी मैच को आखिरी गेंद तक ले जाने की रणनीति का गवाह है. धोनी इस सूची के एकमात्र कप्तान हैं जिन्होंने आईसीसी की तीनों सफेद गेंद ट्रॉफी जीती हैं.
अर्जुन रणतुंगा ने 193 मैचों में श्रीलंका की कप्तानी की
श्रीलंकाई क्रिकेट को विश्व पटल पर पहचान दिलाने वाले अर्जुन रणतुंगा ने 193 मैचों में टीम का नेतृत्व किया. 1988 से 1999 के बीच उन्होंने 89 जीत दर्ज की. 46.11 पर्सेंट के जीत प्रतिशत के साथ रणतुंगा ने 1996 में श्रीलंका को विश्व चैंपियन बनाकर इतिहास रच दिया था. उनकी कप्तानी का दौर श्रीलंका के लिए स्वर्णिम युग था, जहां उन्होंने पोंटिंग और बॉर्डर जैसे कप्तानों को चुनौती दी.
एलन बॉर्डर की जीत का प्रतिशत 60.11 रहा
रिकी पोंटिंग से पहले ऑस्ट्रेलिया को जीतना सिखाने वाले एलन बॉर्डर ने 178 मैचों में कप्तानी की. 1985 से 1994 के बीच उन्होंने 107 मैचों में जीत हासिल की, जो 60.11 प्रतिशत का एक शानदार जीत प्रतिशत है. बॉर्डर के दौर में ऑस्ट्रेलिया ने अपनी खोई हुई साख वापस पाई और 1987 का विश्व कप जीतकर एक नए युग का सूत्रपात किया.
अगर हम जीत-हार अनुपात को देखें, तो रिकी पोंटिंग 3.23 के साथ सबसे आगे हैं. जबकि एमएस धोनी 1.48 के साथ दूसरे सबसे प्रभावी कप्तान नजर आते हैं. पोंटिंग की सफलता का राज उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और खौफनाक गेंदबाजी आक्रमण था, वहीं धोनी की सफलता उनके ‘गेम अवेयरनेस’ और स्पिनर्स के चतुर इस्तेमाल पर टिकी थी.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें