शोले-कारवां से आया आइडिया, डायरेक्टर ने 2 भाईयों के साथ बना डाली फिल्म, 1 बन गया सुपरस्टार, 1 बैठ गया घर

Share to your loved once


Last Updated:

70 के दशक की क्लासिक फिल्मों से प्रेरित होकर एक डायरेक्टर ने साल 2000 में एक बड़े पैमाने की एक्शन-ड्रामा फिल्म बनाई, जिसमें दो सगे भाइयों को साथ कास्ट किया गया. कहानी में दोस्ती, बदला और गांव के आतंक का मिश्रण था, जिससे काफी उम्मीदें थीं. फिल्म में एक भाई का करियर बाद में आसमान छू गया और वह इंडस्ट्री का सुपरस्टार बन गया, जबकि दूसरा धीरे-धीरे फिल्मों से दूर होकर गुमनामी में चला गया. दिलचस्प बात यह रही कि भारी बजट और हिट म्यूजिक के बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर टिक नहीं पाई और फ्लॉप साबित हुई.

नई दिल्ली. साल 2000 में रिलीज हुई एक ऐसी फिल्म, जिसमें दो भाई साथ-साथ स्क्रीन पर उतरे. एक भाई तो बाद में बॉलीवुड का सबसे बड़ा सुपरस्टार बन गया, जबकि दूसरा भाई अभिनय की दुनिया से पूरी तरह गायब होकर घर बैठ गया. फिल्म का खूंखार विलेन का अता-पता तक नहीं. उस दौर में इस फिल्म को लेकर जबरदस्त हाइप थी. निर्देशक की पिछली हिट फिल्मों के बाद लोग इसे ब्लॉकबस्टर मान रहे थे, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर कहानी कुछ और ही लिखी गई. फिर भी फिल्म की कहानी, उसके गाने और दो भाइयों की जोड़ी आज भी दर्शकों को याद आती है.

साल 2000 में एक्शन, रोमांस और ड्रामा फिल्मों का दौर था. फिल्म रिलीज हुई लेकिन लोग कहानी से खुद को कनेक्ट नहीं कर सके और कमजोर कहानी और निर्देशन ने इसे बॉक्स ऑफिस पर डुबो दिया. लेकिन फिल्म का म्यूजिक जरूर दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ. फिल्म का विलेन तो लोग आजतक नहीं भूल पाए हैं. बात कर रहे हैं साल 2000 में आई फिल्म मेला की, जिसमें आमिर खान, फैसल खान और ट्विंकल खन्ना नजर आए थे.

मेल फिल्म दोस्ती, बदले और मसाला एंटरटेनमेंट का अनोखा मिश्रण थी. यह फिल्म एक गांव चंदनपुर की कहानी है, जहां हर साल मेला लगता है. रूपा (ट्विंकल खन्ना) नाम की युवती का भाई राम सिंह (अयूब खान) गांव लौटता है ताकि उसकी शादी करवाई जा सके. लेकिन मेले के दौरान गुज्जर सिंह (टीन्नू वर्मा) नाम का आतंकी गांव में हमला कर देता है. इस हमले में रूपा का भाई मारा जाता है और गुज्जर रूपा का अपहरण कर लेता है. रूपा झरने से कूदकर बच जाती है और बदला लेने की ठान लेती है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

रास्ते में उसकी मुलाकात किशन (आमिर खान) और शंकर (फैसल खान) से होती है. ये दोनों ट्रक ड्राइवर हैं और नौटंकी भी करते हैं. रूपा अपना बदला पूरा करने के लिए इन दोनों की मदद लेती है. कहानी में प्रेम त्रिकोण, दोस्ती की कसमें और जबरदस्त एक्शन सीन हैं. फिल्म की कहानी शोले से इतनी मिलती-जुलती थी कि लोग इसे शोले की ही एक वैरिएशन कहने लगे. निर्देशक धर्मेश दर्शन ने खुद माना कि शोले और 1971 की फिल्म कारवां उनके सबकॉन्शस में रहे होंगे.

फिल्म के गाने उसकी सबसे बड़ी ताकत थे. अनु मलिक, राजेश रोशन और लेसल लुईस ने मिलकर संगीत दिया था. टाइटल सॉन्ग ‘मेला दिलों का’ अलका याग्निक की आवाज में आज भी फेस्टिव सीजन में बजता है. ‘धड़कन में तुम’ कुमार सानु-अलका याग्निक की जोड़ी का हिट गाना रहा. ‘कमरिया लचके रे’ और ‘तुझे रब ने बनाया’ जैसे गाने भी खूब पसंद किए गए. खास बात यह कि फिल्म में ‘मेला दिलों का’ के तीन अलग-अलग वर्जन थे – जिसे कई लोगों ने ज्यादा समझा. आमिर खान ने खुद ए.आर. रहमान से संपर्क किया था लेकिन समय की कमी के चलते रहमान ने मना कर दिया था.

बॉक्स ऑफिस इंडिया के आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म का बजट 18 करोड़ रुपये था और इंडिया नेट कलेक्शन 15.18 करोड़ रुपये रहा. विदेशों में 7.5 लाख डॉलर कमाए और वर्ल्डवाइड ग्रॉस 29.11 करोड़ रुपये रहा. इसे फ्लॉप घोषित कर दिया गया.

फिल्म में आमिर खान पहले से सुपरस्टार थे और बाद में और भी बड़े स्टार बन गए. उनके छोटे भाई फैसल खान को इस फिल्म से लॉन्च किया गया था, लेकिन यह फिल्म उनके करियर की शुरुआत और अंत दोनों साबित हुई. वह कुछ और फिल्मों में नजर आए, मगर कामयाबी नहीं मिली और वह इंडस्ट्री से गायब हो गए.

फिल्म के विलेन टीन्नू वर्मा ने गुज्जर सिंह का किरदार निभाया था जो गब्बर सिंह की तरह ही खौफनाक था. उनकी एक्टिंग की खूब तारीफ हुई थी. लेकिन इसके बाद वह उस मुकाम तक नहीं पहुंच सके. आज उनका कहीं अता-पता नहीं है. वहीं, फिल्म की हीरोइन ट्विंकल खन्ना ने शादी के बाद फिल्में छोड़ दीं और अब सफल लेखिका हैं.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP