‘धुरंधर 2’ की सफलता के बाद पाकिस्तानी गैंगस्टर उजैर बलोच का इंटरव्यू हो रहा वायरल- ‘कभी चींटी भी नहीं मारी’
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फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ की भारी सफलता ने कराची के कुख्यात गैंगस्टर उजैर बलोच की कहानी को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है. सोशल मीडिया पर उसका 2012 का पुराना इंटरव्यू वायरल हो रहा है, जिसमें वह खुद को एक ‘मसीहा’ और ‘ट्रांसपोर्टर’ बताकर अपनी काली कमाई और हिंसा को छिपाने की कोशिश करता दिख रहा है. फिल्म में अक्षय खन्ना और रणवीर सिंह के किरदारों ने इस रीयल-लाइफ क्राइम की दास्तां को पॉप कल्चर का हिस्सा बना दिया है. फिलहाल, जेल में सजा काट रहे उजैर के खौफनाक इतिहास और उसके रील लाइफ इमेज ने दर्शकों को हैरान कर दिया है.

उजैर बलोच के बयान पर लोग यकीन नहीं कर पा रहे हैं. (फोटो साभार: X/Videograb)
नई दिल्ली: ब्लॉकबस्टर फिल्मों का असर सिर्फ सिनेमाघरों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि कई बार ये उन हकीकतों और किरदारों को भी जिंदा कर देती हैं जिन्हें वक्त की धूल ढक चुकी होती है. हालिया रिलीज फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ की अपार सफलता ने कुछ ऐसा ही किया है. इस फिल्म के आने के बाद पाकिस्तान के कराची का सबसे खौफनाक चेहरा रहे गैंगस्टर उजैर बलोच का नाम एक बार फिर चर्चा में आ गया है. सोशल मीडिया पर उजैर के पुराने इंटरव्यू, वायरल क्लिप्स और उसकी जिंदगी के काले पन्ने खंगाले जा रहे हैं. लोग इस बात से हैरान हैं कि कैसे एक रीयल-लाइफ गैंगस्टर की कहानी पर्दे पर दिखाए गए रोमांच से भी कहीं ज्यादा पेचीदा और डरावनी हो सकती है.
इस नई बहस के केंद्र में पत्रकार नूर-उल-अरीफीन द्वारा साल 2012 में लिया गया उजैर बलोच का एक पुराना इंटरव्यू है. लियारी जैसे पिछड़े और गरीब इलाके में रहने वाले उजैर की आलीशान लाइफस्टाइल उस वक्त भी सबको चौंकाती थी. जब उससे उसकी अकूत दौलत के बारे में सवाल किया गया, तो उसने बड़ी बेबाकी से खुद को एक ‘ट्रांसपोर्टर’ और ‘समाजसेवी’ बताया. उजैर का दावा था कि उसके पास जो कुछ भी है वह अल्लाह की देन है और वह इसे अपने लोगों की भलाई के लिए इस्तेमाल करता है. उसने इंटरव्यू में खुद को एक मसीहा के तौर पर पेश किया, जो बेरोजगारी और भूख के खिलाफ आवाज उठाता था, लेकिन हकीकत इस दावों के बिल्कुल उलट थी.
#Dhurandhar2 – Uzair Baloch’s rare interview is intense and controversial.Brother of Rehman Dakait, Uzair openly admits how he ruled Lyari. He claims that whatever he did even killings were, according to him, for the poor and to deliver justice when no one else would.