वनडे वर्ल्ड कप 2027 में कहां खेला जाएगा… तीन देश मिलकर करेंगे मेजबानी, 14 में से 8 टीमों को रैंकिंग के आधार पर मिलेगा मौका
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Next ODI World cup when and where to play: वनडे वर्ल्ड कप 2027 का रोमांच अब ज्यादा दूर नहीं है. दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में होने वाले इस महाकुंभ में कुल 14 टीमें हिस्सा लेंगी. सुपर सिक्स फॉर्मेट की वापसी और 70 मीटर की अनिवार्य बाउंड्री जैसे नियम इस बार टूर्नामेंट को और भी चुनौतीपूर्ण बनाएंगे. आईसीसी रैंकिंग और क्वालीफाइंग राउंड के जरिए तय होने वाले इस सफर में सुपर ओवर और सॉफ्ट सिग्नल जैसे नियमों की भूमिका भी अहम होगी.

रैंकिंग में टॉप 8 में रहने वाली टीमों को वनडे वर्ल्ड कप के लिए डायरेक्ट एंट्री मिलेगी.
नई दिल्ली. वर्ल्ड क्रिकेट का सबसे बड़ा महाकुंभ यानी आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2027 अब ज्यादा दूर नहीं है. हालांकि कैलेंडर पर अभी अगला साल दिख रहा है, लेकिन क्रिकेट के इस सबसे बड़े आयोजन की तैयारियां परदे के पीछे शुरू हो चुकी हैं. लोग अभी से यह जानना चाहते हैं कि इस बार वर्ल्ड कप का स्वरूप कैसा होगा. कितनी टीमें टकराएंगी और जीत का फॉर्मूला क्या होगा? अगले वनडे वर्ल्ड कप अपनी मेजबानी को लेकर बेहद खास है. इस बार टूर्नामेंट का आयोजन दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में किया जाएगा.
इस वर्ल्ड कप में कुल 14 टीमें हिस्सा लेंगी. लेकिन सबके लिए रास्ता एक जैसा नहीं है. मेजबान होने के नाते दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे को सीधे प्रवेश मिलेगा. आईसीसी रैंकिंग में 31 मार्च 2027 तक जो टॉप-8 टीमें होंगी, उन्हें टूर्नामेंट का सीधा टिकट मिल जाएगा. बाकी बची 4 जगहों के लिए 10 टीमों के बीच एक क्वालीफाइंग टूर्नामेंट खेला जाएगा. दिलचस्प बात यह है कि तीसरे सह-मेजबान नामीबिया को भी इसी रास्ते से अपनी जगह पक्की करनी होगी.
रैंकिंग में टॉप 8 में रहने वाली टीमों को वनडे वर्ल्ड कप के लिए डायरेक्ट एंट्री मिलेगी.
पुराना रोमांच, नया कलेवर
2027 के वर्ल्ड कप में आईसीसी ने फॉर्मेट में बदलाव किया है. इस बार टीमें ‘सुपर सिक्स’ फॉर्मेट के तहत भिड़ेंगी. ग्रुप स्टेज में 14 टीमों को दो ग्रुप में बांटा जाएगा. हर ग्रुप की टीमें आपस में एक-एक मैच खेलेंगी. दोनों ग्रुप से टॉप-3 टीमें अगले राउंड यानी सुपर सिक्स में पहुंचेंगी. सुपर सिक्स चरण के बाद जो चार टीमें अंक तालिका में शीर्ष पर रहेंगी, उनके बीच सेमीफाइनल की जंग होगी और फिर खिताबी मुकाबला खेला जाएगा.
मैदान पर लागू होंगे ये 3 ‘गेम चेंजर’ नियम
आईसीसी ने साफ कर दिया है कि 2027 के वर्ल्ड कप में वही नियम प्रभावी रहेंगे जो हमने 2023 के दौरान देखे थे. खास तौर पर ये तीन नियम मैच का रुख तय करेंगे.
विवाद खत्म, सुपर ओवर का दम: 2019 के वर्ल्ड कप फाइनल में ‘बाउंड्री काउंट’ नियम को लेकर जो विवाद हुआ था, उसे आईसीसी ने पूरी तरह दफन कर दिया है. अब अगर मैच टाई होता है, तो विजेता का फैसला केवल सुपर ओवर से होगा. जब तक नतीजा नहीं निकलता, सुपर ओवर जारी रह सकते हैं.
सॉफ्ट सिग्नल को ‘नो’: अंपायरों के ‘सॉफ्ट सिग्नल’ देने की परंपरा अब खत्म हो चुकी है. अब मैदानी अंपायर सीधे थर्ड अंपायर की मदद लेंगे. थर्ड अंपायर के पास उपलब्ध तकनीक (रिप्ले) ही अंतिम फैसला तय करेगी. ऑन-फील्ड अंपायर का फैसला तभी माना जाएगा जब तकनीक किसी स्पष्ट नतीजे पर नहीं पहुंच पाएगी.
बाउंड्री का घेरा: स्टेडियम चाहे छोटा हो या बड़ा, आईसीसी के नियमों के मुताबिक बाउंड्री की दूरी 70 मीटर से कम नहीं रखी जाएगी. इससे बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच संतुलन बना रहेगा और छक्के मारना उतना आसान नहीं होगा.
अफ्रीकी महाद्वीप की उछाल भरी पिचों पर 14 टीमों का यह संघर्ष रोमांच की सारी हदें पार करने वाला है. फॉर्मेट में सुपर सिक्स की वापसी ने टूर्नामेंट को और ज्यादा प्रतिस्पर्धी बना दिया है. अब देखना यह है कि 31 मार्च 2027 की कट-ऑफ डेट तक कौन सी टीमें टॉप-8 में रहकर अपनी जगह सुरक्षित करती हैं और कौन क्वालीफायर की अग्निपरीक्षा से गुजरती हैं.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें