एक्टिंग की ‘क्वीन’ हैं रानी मुखर्जी, सिल्वर स्क्रीन पर निभाए ऐसे 8 यादगार किरदार, जिन्हें भूल नहीं पाई ऑडियंस
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बॉलीवुड एक्ट्रेस रानी मुखर्जी अपनी दमदार अदाकारी के लिए जानी जाती हैं. उन्होंने अपने करियर में एक से बढ़कर एक किरदारों को बड़े पर्दे पर उतारा है. आज रानी मुखर्जी अपना जन्मदिन मना रही हैं. इस खास मौके पर उन बेहतरीन किरदारों पर नजर डालते हैं जिन्होंने सिनेमा में एक नई मिसाल कायम की. रानी ने हर भूमिका को पूरी शिद्दत से निभाया है. चुनौतीपूर्ण विषयों को चुनने के उनके साहस और बेमिसाल अदाकारी ने उन्हें दर्शकों का चहेता बना दिया है.
नई दिल्ली. बॉलीवुड की वर्सटाइल एक्ट्रेस रानी मुखर्जी के जन्मदिन के मौके पर उनके करियर की उन यादगार परफॉर्मेंस पर जिन्होंने भारतीय सिनेमा में एक नई मिसाल कायम की. ‘ब्लैक’ में दिव्यांग लड़की के संघर्ष से लेकर ‘मर्दानी’ की निडर पुलिस अफसर तक, रानी ने हर किरदार में जान फूंक दी है. उनकी बेमिसाल अदाकारी और किरदारों के चुनाव ने उन्हें दर्शकों का ऑल-टाइम फेवरेट बना दिया है.
मर्दानी: इस मूवी में पुलिस अफसर शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार में रानी ने अपनी इमेज को पूरी तरह तोड़ दिया. बाल तस्करी के गिरोह का पर्दाफाश करती एक निडर पुलिस अफसर के रोल में वह बेहद संजीदा नजर आईं. उन्होंने बिना किसी फिल्मी ड्रामे के, अपनी बुद्धिमत्ता और हिम्मत के दम पर इस किरदार को निभाया, जो आज भी महिला प्रधान फिल्मों के लिए एक मिसाल है. (फोटो साभार: IMDb)
ब्लैक: फिल्म ब्लैक में रानी मुखर्जी ने मिशेल मैकनेली का किरदार निभाकर अभिनय की नई परिभाषा लिखी. एक ऐसी महिला जो देख और सुन नहीं सकती, उसके दर्द और फिर उसकी जीत को रानी ने पर्दे पर जीवंत कर दिया. इस रोल के लिए उन्होंने महीनों तक साइन लैंग्वेज सीखी. उनकी इस बेहतरीन अदाकारी ने न केवल दर्शकों का दिल जीता, बल्कि उन्हें फिल्मफेयर का बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार भी दिलाया. (फोटो साभार: IMDb)
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हिचकी: फिल्म हिचकी से रानी मुखर्जी ने बड़े पर्दे पर शानदार वापसी की. उन्होंने टौरेट सिंड्रोम से जूझ रही टीचर नैना माथुर का किरदार निभाया. इस बीमारी की वजह से होने वाली अनचाही हरकतों और उससे जुड़ी मानसिक थकान को रानी ने बहुत ही संवेदनशीलता के साथ दिखाया. उन्होंने इस चुनौतीपूर्ण भूमिका को प्रेरणादायक और भावुक कहानी में बदल दिया, जिसकी हर तरफ तारीफ हुई. (फोटो साभार: IMDb)
मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे: एक सच्ची घटना पर आधारित इस फिल्म में रानी ने एक ऐसी प्रवासी मां का किरदार निभाया, जो अपने बच्चों के लिए विदेशी कानूनी व्यवस्था से भिड़ जाती है. एक मां की बेबसी, उसका पागलपन और अपने बच्चों को वापस पाने की तड़प को रानी ने अपनी रूह निचोड़कर पर्दे पर उतारा. उनके इस जबरदस्त और भावुक परफॉर्मेंस के लिए उन्हें नेशनल फिल्म अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया. (फोटो साभार: IMDb)
वीर-जारा: पाकिस्तानी वकील सामिया सिद्दीकी के किरदार में रानी ने साबित कर दिया कि वह सिर्फ अपनी डायलॉग डिलीवरी और शालीनता से भी पूरी फिल्म को संभाल सकती हैं. दिलचस्प बात यह है कि यह रोल मूल रूप से एक पुरुष के लिए लिखा गया था, लेकिन रानी ने इसमें जो गरिमा और न्याय के प्रति अटूट विश्वास दिखाया, उसने फिल्म के दूसरे हिस्से को बेहद भावुक और दमदार बना दिया. (फोटो साभार: IMDb)
नो वन किल्ड जेसिका: एक बेबाक और निडर पत्रकार मीरा गैटी के रूप में रानी मुखर्जी ने पर्दे पर आग लगा दी थी. भारत के सबसे चर्चित मर्डर केस पर आधारित इस फिल्म में रानी का अंदाज बेहद जुदा था. उनके गाली-गलौज वाले बेखौफ लहजे और कभी हार न मानने वाले जज्बे ने इंसाफ की लड़ाई में जान फूंक दी थी. उनकी ऊर्जा ने फिल्म को एक अलग ही लेवल पर पहुंचा दिया था. (फोटो साभार: IMDb)
हम तुम: इस फिल्म में रिया के किरदार के लिए रानी को फिल्मफेयर का बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड मिला था. इस फिल्म में उन्होंने एक चुलबुली कॉलेज गर्ल से लेकर एक विधवा और फिर एक आत्मनिर्भर महिला बनने तक के सफर को बड़ी खूबसूरती से निभाया. सैफ अली खान के साथ उनकी केमिस्ट्री और उम्र के हर पड़ाव पर उनके अभिनय में आया बदलाव वाकई काबिल-ए-तारीफ था. (फोटो साभार: IMDb)
कभी अलविदा ना कहना: इस फिल्म में रानी मुखर्जी ने माया का किरदार निभाया, जो एक ऐसी शादी में फंसी है जहां प्यार नहीं है. समाज के बंधनों को तोड़कर एक शादीशुदा मर्द के साथ रिश्ते में बंधी माया के अपराधबोध, उसकी तड़प और आंतरिक संघर्ष को रानी ने इतनी गहराई से निभाया कि दर्शक उनके किरदार की कमियों के बावजूद उनसे हमदर्दी महसूस करने लगे. (फोटो साभार: IMDb)