Vinayaka Chaturthi March 2026 Date: चैत्र विनायक चतुर्थी कब है? सुबह में लगेगी भद्रा, लेकिन बन रहा रवि योग, जानें तारीख, मुहूर्त

Share to your loved once


Vinayaka Chaturthi March 2026 Date: चैत्र माह की विनायक चतुर्थी नवरात्रि के चौथे दिन होती है. इसे वासुदेव चतुर्थी भी कहा जाता है. यह मार्च में होने की वजह से मार्च की विनायक चतुर्थी भी है. इस बार विनायक चतुर्थी के दिन सुबह से भद्रा लग रही है, लेकिन उस ​दिन रवि योग भी बन रहा है. इस व्रत में गणेश जी की पूजा दिन में करते हैं और चंद्रमा का देखना वर्जित है. चंद्रमा का दर्शन करने से झूठा कलंक लगने की आशंका रहती है. आइए जानते हैं कि चैत्र विनायक चतुर्थी कब है? विनायक चतुर्थी का मुहूर्त, रवि योग कब से कब तक है?

पंचांग के अनुसार, विनायक चतुर्थी के लिए आवश्यक चैत्र शुक्ल चतुर्थी तिथि 21 मार्च शनिवार को रात में 11 बजकर 56 मिनट से शुरू होगी. इस तिथि का समापन 22 मार्च को रात 9 बजकर 16 मिनट पर होगा. ऐसे में उदयातिथि के आधार पर चैत्र विनायक चतुर्थी का व्रत 22 मार्च रविवार को रखा जाएगा.

चैत्र विनायक चतुर्थी 2026 मुहूर्त

इस साल चैत्र विनायक चतुर्थी की पूजा के लिए करीब ढाई घंटे का मुहूर्त है. व्रती लोग दिन में 11 बजकर 15 मिनट से दोपहर 1 बजकर 41 मिनट के बीच विनायक चतुर्थी की पूजा कर सकते हैं. चतुर्थी पर लाभ-उन्नति मुहूर्त 09:26 ए एम से 10:57 ए एम तक है, उसके बाद अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त 10:57 ए एम से दोपहर 12:28 पी एम तक है. इस दिन का शुभ-उत्तम मुहूर्त दोपहर में 01:59 पी एम से 03:31 पी एम तक है.

इस दिन का ब्रह्म मुहूर्त 04:48 ए एम से 05:36 ए एम के बीच है, वहीं दिन का शुभ समय यानि अभिजीत मुहूर्त दोपहर में 12:04 पी एम से 12:53 पी एम तक है.

रवि योग में चैत्र विनायक चतुर्थी 2026

इस बार चैत्र विनायक चतुर्थी पर रवि योग बन रहा है. रवि योग सुबह में 06 बजकर 23 मिनट से बन रहा है, जो रात में 10 बजकर 42 मिनट तक रहेगा. इस योग में सूर्य का प्रभाव अधिक होने से सभी प्रकार के दोष मिट जाते हैं. ऐसी धार्मिक मान्यता है.

इस दिन वैधृति योग प्रात:काल से लेकर दोपहर 03:42 पी एम तक रहेगा, उसके बाद विष्कम्भ योग बनेगा. वहीं भरणी नक्षत्र प्रात:काल से लेकर रात 10:42 पी एम तक है, उसके बाद कृत्तिका नक्षत्र है.

चैत्र विनायक चतुर्थी पर स्वर्ग की भद्रा

22 मार्च को चैत्र विनायक चतुर्थी पर भद्रा लग रही है. भद्रा का प्रारंभ सुबह 10:36 ए एम से होगा, जो रात 09:16 पी एम तक है. लेकिन अच्छी बात यह है कि इस भद्रा का वास स्वर्ग लोग में है, इसलिए इसका दुष्प्रभाव धरती पर नहीं होगा. ऐसे में आप इस समय शुभ कार्य कर सकते हैं.

चैत्र विनायक चतुर्थी पर राहुकाल

चतुर्थी के दिन राहुकाल शाम को 05:02 पी एम से 06:33 पी एम तक रहेगा. इसमें आप कोई शुभ कार्य न करें.

चैत्र विनायक चतुर्थी पर चांद निकलने का समय

विनायक चतुर्थी के दिन चांद नहीं देखते हैं. इस दिन चन्द्रोदय सुबह में 08:15 ए एम पर होगा, वहीं चन्द्रास्त रात में 10:15 पी एम पर होना है.

विनायक चतुर्थी का महत्व

इस दिन व्रत रखकर गणेश जी की पूजा करने और उनके मंत्रों का जाप करने से कार्य सफल होते हैं. उनकी कृपा से जीवन के संकट दूर होते हैं, जीवन में शुभता आती है. विघ्नहर्ता गणपति महाराज के आशीर्वाद से मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP