ईरान ने जिस ‘माजिद’ सिस्‍टम से F-35 को धूल चटाई, भारत के पास उसका भी बाप! ‘सिंदूर’ में थर-थर कांपा था पाकिस्तान

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अमेरिका-ईरान जंग के बीच 19 मार्च 2026 को जो हुआ उसने आधुनिक हवाई युद्ध के इतिहास को हमेशा के लिए बदल दिया. जिस अमेरिकी F-35 स्टील्थ फाइटर जेट को दुनिया अजेय मानती थी, जिसे रडार छू भी नहीं सकते थे, ईरान के ऊपर कॉम्बैट मिशन के दौरान उसे एक अदृश्य वार ने चोट पहुंचा दी. यह कोई साधारण मिसाइल नहीं बल्कि ईरान का पोर्टेबल ‘माजिद’ सिस्टम था, जिसने F-35 की गर्मी  को ट्रैक कर उसे इमरजेंसी लैंडिंग के लिए मजबूर कर दिया. अमेरिकी साख पर लगे इस गहरे जख्म ने पूरी दुनिया के सैन्य समीकरणों को हिलाकर रख दिया है. लेकिन, इस महाविनाशक खेल में असली बाजीगर भारत है जिसके पास मौजूद S-400 ‘सुदर्शन चक्र’ केवल रडार ही नहीं बल्कि स्टील्थ विमानों के लिए भी मौत का दूसरा नाम है. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में पाकिस्तान की बोलती बंद करने वाले इस अभेद्य कवच की रेंज, मारक क्षमता और एंटी-स्टील्थ तकनीक के सामने आज अमेरिका भी पानी भरता नजर आ रहा है. आइए, जानते हैं समंदर पार हुए उस सर्जिकल स्ट्राइक और भारत के इस महाशक्तिशाली रक्षक की पूरी कहानी.

ईरान का ‘माजिद’ और अमेरिका का F-35
19 मार्च 2026 को रिपोर्ट आई कि ईरान के ऊपर कॉम्बैट मिशन पर उड़े एक अमेरिकी F-35 स्टील्थ फाइटर जेट को निशाना बनाया गया.

· किसने मारा: ईरानी मीडिया और रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार ईरान के माजिद (Majid AD-08) शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस सिस्टम ने इस अजेय विमान को हिट किया.

· हथियार की खासियत: माजिद एक इन्फ्रारेड (IR) गाइडेड सिस्टम है. चूंकि F-35 रडार से बच सकता है लेकिन वह अपने इंजनों से निकलने वाली गर्मी (Heat) को पूरी तरह नहीं छुपा सकता. माजिद ने इसी गर्मी को ट्रैक किया और मिसाइल दाग दी.

· असर: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की कि विमान को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी. यह इतिहास में पहली बार है जब किसी लड़ाकू मिशन के दौरान F-35 को किसी मिसाइल ने नुकसान पहुंचाया है.

S-400 ‘सुदर्शन चक्र’: भारत का वो कवच जिससे कांपता है दुश्मन

ईरान ने जिस सिस्टम से F-35 को छकाया भारत के पास मौजूद S-400 उसका भी ‘बाप’ माना जाता है. यह केवल एक मिसाइल नहीं बल्कि एक पूरा सुरक्षा घेरा है.

1. ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान की बोलती बंद: मई 2025 में भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव के दौरान भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत S-400 को तैनात किया था. जब पाकिस्तान ने भारतीय सीमा में मिसाइलें दागने की कोशिश की तो S-400 ने पलक झपकते ही उन्हें हवा में ही नष्ट कर दिया. इसकी तैनाती मात्र से पाकिस्तान के AWACS और लड़ाकू विमानों का अपनी सीमा में उड़ना तक दूभर हो गया था.

2. S-400 की अजेय खासियतें: 

विशेषता विवरण
रेंज 400 किलोमीटर (40N6E मिसाइल के साथ)
ट्रैकिंग क्षमता एक साथ 300 लक्ष्यों को ट्रैक और 72 पर हमला
ऊंचाई 10 मीटर से लेकर 30 किमी (1 लाख फीट) तक मार
रडार 91N6E रडार, जो स्टील्थ (अदृश्य) विमानों को भी पकड़ता है
रिस्पॉन्स टाइम मात्र 9-10 सेकंड के भीतर मिसाइल लॉन्च
अनुमानित कीमत लगभग $5.5 बिलियन (5 रेजिमेंट के लिए)

3. पेलोड और मिसाइलें: S-400 एक लेयर्ड डिफेंस देता है, यानी इसमें 4 तरह की मिसाइलें होती हैं:

·         40N6E: 400 किमी दूर बैठे बड़े विमानों के लिए.

·         48N6: 250 किमी तक मार करने वाली मानक मिसाइल.

·         9M96E2: 120 किमी तक के मध्यम लक्ष्यों के लिए.

·         9M96E: 40 किमी तक के नजदीकी खतरों के लिए.

4. कीमत: भारत ने रूस के साथ 5 रेजिमेंट के लिए लगभग $5.5 बिलियन (करीब 40,000 करोड़ रुपये) का सौदा किया था. एक मिसाइल की कीमत करीब 2.5 करोड़ से 8 करोड़ रुपये तक होती है.

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