सहारनपुर के किसान होंगे मालामाल! गन्ने के साथ करें मूंग-उड़द की खेती, कृषि विभाग दे रहा मुफ्त बीज
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Saharanpur News: सहारनपुर के गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी! कृषि विभाग अब गन्ने के साथ सहफसली खेती को बढ़ावा देने के लिए मूंग और उड़द का नि:शुल्क बीज दे रहा है. विभाग के पास 500 क्विंटल मूंग और 275 क्विंटल उड़द का उन्नत स्टॉक उपलब्ध है. किसान भाई प्रति हेक्टेयर 20 किलो तक फ्री बीज प्राप्त कर अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं. इसके लिए बस कृषि विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा. जल्दी करें और इस सरकारी योजना का लाभ उठाएं.
सहारनपुर: अगर आप गन्ने की खेती करते हैं और अपनी आय को एक नया आयाम देना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है. उत्तर प्रदेश का ‘गन्ना बेल्ट’ कहा जाने वाला सहारनपुर अब किसानों को मालामाल करने की नई तैयारी में है. कृषि विभाग ने किसानों के लिए मूंग और उड़द का नि: शुल्क बीज उपलब्ध कराया है. यानी अब आप गन्ने की दो लाइनों के बीच खाली पड़ी जगह का इस्तेमाल कर ‘मुफ्त के बीज’ से ‘एक्स्ट्रा मुनाफा’ कमा सकते हैं. देर किस बात की? इस सुनहरे मौके का फायदा उठाएं और आज ही आवेदन करें.
कृषि विभाग दे रहा है निशुल्क बीज
सहारनपुर के कृषि विभाग ने किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के उद्देश्य से भारी मात्रा में उच्च गुणवत्ता वाले बीजों का इंतजाम किया है. विभाग के पास वर्तमान में मूंग और उड़द का लगभग 250 से 500 क्विंटल बीज स्टॉक में मौजूद है. यह बीज जिले के प्रत्येक कृषि विभाग बीज स्टोर पर उपलब्ध करा दिया गया है. जो भी किसान इस सीजन में अपने गन्ने के खेत में सहफसली खेती करना चाहते हैं, वे बिना किसी देरी के अपने नजदीकी स्टोर पर संपर्क कर सकते हैं. यह कदम न केवल खेती की लागत को कम करेगा, बल्कि कम समय में तैयार होने वाली दलहनी फसलों से किसानों को तत्काल आर्थिक लाभ भी पहुंचाएगा.
उप निदेशक कृषि संदीप पाल ने दी महत्वपूर्ण जानकारी
इस योजना के बारे में विस्तार से बताते हुए उप निदेशक कृषि विभाग, संदीप पाल ने कहा कि जायद के सीजन में जिले के लगभग 15,000 हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने बताया, ‘हमारा मुख्य फोकस इस बार गन्ने के साथ सहफसली खेती के रूप में उड़द और मूंग को बढ़ावा देना है. इसके लिए विभाग को पर्याप्त मात्रा में बीज मिल चुका है. हमारे पास लगभग 500 क्विंटल मूंग और 275 क्विंटल उड़द का बीज उपलब्ध है, जो किसानों को वितरित किया जाएगा.’
उन्होंने आगे बताया कि विभाग के पास मूंग की MH1142 और उड़द की PU12, 13, 1 जैसी बेहतरीन वैरायटी उपलब्ध हैं, जिनके परिणाम गन्ने के साथ खेती करने पर अत्यंत उत्साहजनक रहे हैं.
सहफसली खेती: कम समय, ज्यादा मुनाफा
गन्ने की फसल को तैयार होने में लंबा समय लगता है. इस बीच, गन्ने की कतारों के बीच की जगह खाली रहती है. मूंग और उड़द ऐसी फसलें हैं जो बेहद कम समय (60 से 70 दिन) में तैयार हो जाती हैं. यदि किसान इन फसलों को गन्ने के साथ लगाते हैं, तो उन्हें मुख्य फसल (गन्ना) को नुकसान पहुंचाए बिना एक अतिरिक्त आय प्राप्त होती है. इसके अलावा, दलहनी फसलें होने के कारण ये मिट्टी की उर्वरता को भी बढ़ाती हैं, जिससे गन्ने की पैदावार में भी सुधार देखने को मिलता है.
आवेदन प्रक्रिया और पात्रता: ऐसे उठाएं लाभ
इस योजना का लाभ उठाना बेहद सरल है, लेकिन इसके लिए किसानों को कुछ प्रक्रियाओं का पालन करना होगा:
1. निशुल्क बीज की मात्रा: विभाग द्वारा एक किसान को लगभग एक हेक्टेयर खेत के लिए 20 किलो तक बीज निशुल्क दिया जा रहा है.
2. ऑनलाइन आवेदन: इच्छुक किसानों को कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना आवेदन दर्ज करना होगा.
3. बीज प्राप्ति: पोर्टल पर पंजीकरण और आवेदन के बाद, किसान अपने नजदीकी कृषि विभाग के बीज स्टोर से बीज प्राप्त कर सकते हैं.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें