भारत ने देख लिया था फ्यूचर, तभी नहीं खरीदा F-35 जेट, चाइनीज JF-17 से भी निकला कबाड़ – why india not buy f35 5th generation fighter jet iran intercept
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F-35 Stealth Fighter Jet: अमेरिका का पांचवीं पीढ़ी का फाइटर जेट F-35 एक बार फिर से सुर्खियों में है, लेकिन खराब वजहों के चलते. पिछले साल जून में ब्रिटिश नेवी के F-35B लड़ाकू विमान की केरल में आपातकालीन लैंडिंग कराई गई थी. ब्रिटेन ने मरीन F-35 जेट अमेरिका से ही खरीदी थी. रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 8 साल में F-35 के विभिन्न वजहों से क्रैश या दुर्घटनाग्रस्त होने की तकरीबन दर्जनभर घटनाएं सामने आ चुकी हैं.

रिपोर्ट की मानें तो अमेरिकी 5th जेनरेशन फाइटर जेट F-35 को ईरान ने इंटरसेप्ट कर हिट किया है. इससे F-35 की टेक्नोलॉजी पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. (फाइल फोटो/Reuters)
दरअसल, भारत को फौरी तौर पर पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट की जरूरत है, क्योंकि चीन 5th जेनरेशन का लड़ाकू विमान डेवलप कर चुका है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो चीन इसे पाकिस्तान को भी बेच सकता है. ऐसे में भारत के लिए यह जरूरी हो गया है कि उसके पास भी पांचवीं पीढ़ी की टेक्नोलॉजी हो. इस रेस में अमेरिकी F-35 के साथ ही रूसी Su-57 फाइटर जेट शामिल है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार इस प्रयास में जुटे हैं कि F-35 की खरीद को लेकर भारत के साथ अरबों डॉलर की डील पक्की हो जाए. हालांकि, इंडियन सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स की ओर से कई बातों को उजागर किया गया है. इनमें सबसे अहम टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और वेपन इंटीग्रेशन का मुद्दा है. लेकिन, अब F-35 की स्टील्थ कैपेबिलिटी और हार्डवेयर की कमी का मसला भी सामने आया है. ईरान ने जिस तरह से F-35 को इंटरसेप्ट पर उसे हिट किया, उससे एक और सवाल उठ खड़ा हुआ है. क्या F-35 वास्तव में पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट है? और अगर यह स्टील्थ है तो फिर ईरान ने इसे कैसे इंटरसेप्ट कर लिया? ये कुछ ऐसे सवाल हैं, जो F-35 की क्षमताओं पर गंभीर सवाल उठाते हैं. यही वजह है कि भारत 5th जेनरेशन फाइटर जेट खरीद सौदे को लेकर काफी सतर्कता बरत रहा है.
F-35 दुर्घटना/इंटरसेप्ट टाइमलाइन (2018–2026)
- 28 सितंबर 2018: अमेरिकी मरीन कॉर्प्स का F-35B दक्षिण कैरोलिना में इंजन के फ्यूल ट्यूब में निर्माण दोष के कारण दुर्घटनाग्रस्त हुआ.
- 9 अप्रैल 2019: जापानी वायुसेना का F-35A प्रशांत महासागर में गिर गया, जिसमें पायलट की मृत्यु हो गई.
- 29 सितंबर 2020: कैलिफोर्निया के ऊपर एक USMC F-35B की टैंकर विमान से टक्कर हुई; पायलट ने इजेक्ट किया.
- 24 जनवरी 2022: अमेरिकी नौसेना का F-35C लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार होकर दक्षिण चीन सागर में गिरा; पायलट ने इजेक्ट किया.
- 19 अक्टूबर 2022: यूटा के हिल एयर फोर्स बेस पर F-35A दुर्घटनाग्रस्त हुआ, जिसका कारण खराब एयर डेटा सिस्टम और वेक टर्बुलेंस था.
- 15 दिसंबर 2022: टेक्सास के फोर्ट वर्थ में असफल वर्टिकल लैंडिंग के दौरान F-35B दुर्घटनाग्रस्त हुआ.
- 17 सितंबर 2023: प्रशिक्षण के दौरान गड़बड़ी के कारण दक्षिण कैरोलिना में F-35B क्रैश हुआ; पायलट ने इजेक्ट किया.
- 29 मई 2024: न्यू मैक्सिको के अल्बुकर्क के पास परीक्षण के दौरान एक F-35B दुर्घटनाग्रस्त हुआ, जिसमें पायलट घायल हो गया.
- 28 जनवरी 2025: अलास्का के ईएल्सन एयर फोर्स बेस पर F-35A हाइड्रोलिक सिस्टम में बर्फ जमने के कारण दुर्घटनाग्रस्त हुआ; पायलट सुरक्षित रहा.
- 30 जुलाई 2025: कैलिफोर्निया के लेमूर नौसैनिक एयर स्टेशन के पास अमेरिकी नौसेना का F-35 दुर्घटनाग्रस्त हुआ.
- 19 मार्च 2026: ईरान ने दावा किया कि उसने अपने एयर डिफेंस सिस्टम से अमेरिकी F-35 को निशाना बनाकर नुकसान पहुंचाया, हालांकि अमेरिका ने विमान के नष्ट होने की पुष्टि नहीं की है.
F-35 फाइटर जेट को तकनीकी खामियों की वजह से केरल में इमर्जेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी. यह जेट तमाम कोशिशों के बावजूद ठीक नहीं हुआ था. (फोटो/PTI)
चाइनीज जेट JF-17 जैसी हालत
अमेरिका ने पांचवीं पीढ़ी के F-35 फाइटर जेट को अभी तक कई देशों को बेच चुका है. इनमें से यूरोपीय के साथ ही अरब जगत के भी कुछ देश शामिल हैं. अमेरिकी डिफेंस कंपनी और F-35 की निर्माता फर्म लॉकहीड मार्टिन इसको लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जिस तरह से इस जेट ने जमीन को कई एक बार चूमा है, उससे उन दावों पर भरोसा करना काफी मुश्किल है. टेस्ला चीफ एलन मस्क भी इसपर गंभीर सवाल उठा चुके हैं. बता दें कि चीन की मदद से पाकिस्तान JF-17 फाइटर जेट डेवलप कर रहा है. पिछले दिनों इसको बेचने को लेकर कई अरब डॉलर के करार के भी दावे किए गए. हालांकि, अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है कि पाकिस्तान ने कितने JF-17 लड़ाकू विमान बेचे हैं. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने JF-17 को सफलतापूर्व इंटरसेप्ट कर उसे मार गिराया था. ऐसे में चाइना मेड JF-17 की टेक्नोलॉजी और उसकी क्षमताओं का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है.
ईरान ने F-35 को कैसे इंटरसेप्ट किया?
अमेरिकी वायुसेना का एक F-35A फाइटर जेट 19 मार्च को ईरान के ऊपर कॉम्बैट मिशन के दौरान ग्राउंड फायर की चपेट में आने के बाद आपातकालीन लैंडिंग करने को मजबूर हो गया. जेट ने क्षेत्र के एक अमेरिकी एयरबेस पर सुरक्षित लैंडिंग की और पायलट की हालत स्थिर बताई गई है. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने उसी दिन एक वीडियो जारी कर दावा किया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने F-35 को निशाना बनाकर गंभीर नुकसान पहुंचाया. ईरान के ये सिस्टम रडार के बजाय इंफ्रारेड सेंसर का इस्तेमाल करते हैं, जो स्टील्थ विमान की गर्मी को ट्रैक कर सकते हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिंस ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की जांच जारी है, हालांकि जेट को हुए नुकसान पर अभी कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें