सरकार के खिलाफ साजिश का अंजाम, कोर्ट ने तीन माओवादियों के खिलाफ लिया एक्शन, 10 साल की कैद की सजा

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Lucknow News: लखनऊ की स्पेशल एनआईए कोर्ट ने सीपीआई से जुड़े तीन सदस्यों को दोषी ठहराते हुए 10 साल के कैद की सजा सुनाई है. साथ ही कोर्ट ने 29 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. आइए जानते हैं कि आखिर पूरा मामला क्या था.

सरकार के खिलाफ साजिश का अंजाम, कोर्ट ने तीन माओवादियों के खिलाफ लिया एक्शनZoom

तीन माओवादियों के खिलाफ कोर्ट का एक्शन

लखनऊ: लखनऊ की स्पेशल एनआईए कोर्ट ने प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) से जुड़े तीन सदस्यों को दोषी ठहराते हुए 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. कोर्ट ने हर एक आरोपी पर 29-29 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. सजा पाने वालों में उत्तराखंड के शिवराज सिंह बगदावल, राजेंद्र कुमार उर्फ अरविंद और उत्तर प्रदेश के कुशीनगर निवासी कृपा शंकर उर्फ मनोज का नाम शामिल है. कोर्ट ने तीनों को सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने का प्रयास करने और आपराधिक साजिश रचने का दोषी पाया और सजा सुनाई.

मामले की शुरुआत 8 अक्टूबर 2010 को हुई थी, जब यूपी एसटीएफ ने कानपुर से इन तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के पास से माओवादी विचारधारा से जुड़ा साहित्य, पंपलेट, सीडी, कैसेट और मैगजीन बरामद हुई थी. जांच में सामने आया कि ये सामग्री संगठन के अन्य सदस्यों तक पहुंचाने के उद्देश्य से लाई गई थी.

गहन जांच के बाद साक्ष्य पेश
गिरफ्तारी के बाद इस मामले की विवेचना एटीएस को सौंप दी गई थी. एटीएस ने पूरे मामले की गहन जांच करते हुए कोर्ट में ठोस साक्ष्य पेश किए. अभियोजन पक्ष ने यह साबित किया कि आरोपी प्रतिबंधित संगठन से जुड़े हुए थे और देश विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने की साजिश में शामिल थे.

देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा
स्पेशल एनआईए कोर्ट में चली सुनवाई के दौरान एटीएस की प्रभावी पैरवी और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने तीनों को दोषी करार दिया. कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि इस तरह की गतिविधियां देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं और इन्हें किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. कोर्ट के इस फैसले को सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है. साथ ही यह संदेश भी दिया गया है कि देश विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

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आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.

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