home color vastu tips । घर की नेगेटिविटी दूर करने के उपाय वास्तु टिप्स
Last Updated:
Home Color Vastu Tips: घर में इस्तेमाल होने वाले रंग आपके मूड और एनर्जी पर सीधा असर डालते हैं. हल्के और सॉफ्ट रंग घर में पॉजिटिविटी और सुकून बढ़ाते हैं. डार्क रंगों का ज्यादा इस्तेमाल तनाव और बेचैनी बढ़ा सकता है. हर कमरे के लिए अलग रंग चुनना ज्यादा फायदेमंद होता है. छोटे-छोटे बदलाव से भी घर का माहौल पॉजिटिव बनाया जा सकता है.
Home Color Vastu Tips: कई बार हम सोचते हैं कि घर में बिना वजह झगड़े क्यों हो रहे हैं, मन बेचैन क्यों रहता है या फिर घर में घुसते ही अजीब सा भारीपन क्यों महसूस होता है. हम इसकी वजह लोगों के व्यवहार, काम के स्ट्रेस या किस्मत को मान लेते हैं, लेकिन असल में इसका एक बड़ा कारण आपके घर का माहौल और उसमें इस्तेमाल होने वाले रंग भी हो सकते हैं. वास्तु और साइकोलॉजी दोनों ही मानते हैं कि रंगों का सीधा असर हमारे दिमाग और भावनाओं पर पड़ता है. अगर घर में बहुत ज्यादा डार्क या गलत दिशा में गलत रंग इस्तेमाल किए गए हैं, तो वह नेगेटिविटी, गुस्सा और बेचैनी बढ़ा सकते हैं.
वहीं अगर सही जगह पर सही रंगों का इस्तेमाल किया जाए, तो वही घर खुशियों और पॉजिटिव एनर्जी से भर सकता है. इसलिए अगर आप चाहते हैं कि आपका घर सिर्फ रहने की जगह न होकर सुकून देने वाली जगह बने, तो रंगों का सही चुनाव करना बेहद जरूरी है. इस बारे में बता रहे हैं ज्योतिषाचार्य अंशुल त्रिपाठी.
कौन से रंग देते हैं पॉजिटिव एनर्जी: हल्के और सॉफ्ट रंग हमेशा पॉजिटिविटी बढ़ाने में मदद करते हैं. जैसे सफेद, हल्का पीला, क्रीम, हल्का हरा और आसमानी रंग घर में शांति और सुकून का माहौल बनाते हैं. सफेद रंग साफ सुथरेपन और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. हल्का पीला खुशी और ऊर्जा लाता है. हरा रंग नेचर से जुड़ा होता है और यह दिमाग को शांत करता है. वहीं आसमानी रंग मन को रिलैक्स करता है और टेंशन कम करता है.
Add News18 as
Preferred Source on Google
किन रंगों से बढ़ सकती है नेगेटिविटी: बहुत ज्यादा डार्क रंग जैसे काला, गहरा लाल या डार्क ग्रे अगर ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल किए जाएं, तो यह घर में भारीपन और तनाव बढ़ा सकते हैं. खासकर बेडरूम या लिविंग एरिया में ऐसे रंगों का ज्यादा इस्तेमाल करने से गुस्सा और बेचैनी बढ़ सकती है. इसका मतलब यह नहीं कि इन रंगों का इस्तेमाल बिल्कुल न करें, लेकिन इन्हें बैलेंस करके और सही जगह पर ही इस्तेमाल करना चाहिए.
किस कमरे में कौन सा रंग सही रहता है: घर के हर हिस्से के लिए अलग अलग रंग सही माने जाते हैं. बेडरूम में हल्का नीला, गुलाबी या क्रीम रंग अच्छा रहता है, क्योंकि यह नींद और रिलैक्सेशन में मदद करता है. लिविंग रूम में हल्का पीला या ऑफ व्हाइट रंग अच्छा लगता है, जिससे घर में आने वाला हर व्यक्ति पॉजिटिव महसूस करता है. किचन में हल्का हरा या पीला रंग ऊर्जा बढ़ाता है और खाने का स्वाद भी बेहतर लगता है. बच्चों के कमरे में हल्के और खुशमिजाज रंग जैसे हल्का नीला या हल्का हरा सही रहते हैं.
सिर्फ रंग ही नहीं, लाइट और सजावट भी जरूरी: रंगों के साथ साथ घर की लाइटिंग और सजावट भी बहुत मायने रखती है. अगर घर में नेचुरल लाइट आती है, तो पॉजिटिविटी अपने आप बढ़ती है. इसके अलावा पौधे, साफ सुथरा माहौल और हल्की खुशबू भी घर को पॉजिटिव बनाते हैं. अगर आप सिर्फ दीवार का रंग बदल दें लेकिन घर में गंदगी या बिखराव रहे, तो उसका असर कम हो जाता है.
छोटे छोटे बदलाव से बड़ा असर: जरूरी नहीं कि आप पूरे घर का पेंट बदलें. आप छोटे छोटे बदलाव से भी घर का माहौल बदल सकते हैं. जैसे कुशन कवर, पर्दे, बेडशीट या डेकोरेशन आइटम्स का रंग बदलना. इससे बिना ज्यादा खर्च के भी घर में नई एनर्जी लाई जा सकती है. धीरे धीरे आप अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से बड़े बदलाव भी कर सकते हैं.
क्यों जरूरी है सही रंग चुनना: घर वह जगह है जहां हम सबसे ज्यादा समय बिताते हैं. अगर वहीं माहौल भारी और नेगेटिव होगा, तो उसका असर हमारी सेहत, रिश्तों और काम पर भी पड़ेगा. इसलिए रंगों को हल्के में न लें. सही रंग आपके घर को सिर्फ खूबसूरत ही नहीं बल्कि खुशहाल भी बना सकते हैं.