मोहम्मद रफी का 5.57 मिनट का सुपरहिट गाना, धर्मेंद्र ने जी भरकर दी महबूबा को बद्दुआ
नई दिल्ली: हिंदी फिल्मों में अक्सर हीरो को हीरोइन की तारीफ में कसीदे पढ़ते हुए और उसके इर्द-गिर्द नाचते हुए दिखाया गया है. मगर एक मशहूर गाने में धर्मेंद्र, हीरोइन को जी भरकर बद्दुआ देते हुए दिखाई दिए. वे गाने में ‘प्यार और जंग में सबकुछ जायज है’ के दर्शन को फॉलो करते नजर आए. हम 1966 की फिल्म ‘आए दिन बहार के’ के गाने ‘मेरे दुश्मन तू मेरी दोस्ती को तरसे’ की बात कर रहे हैं. गाने को मोहम्मद रफी ने गाया है और बोल आनंद बख्शी ने लिखे हैं. गाने में धर्मेंद्र तड़पते हुए आशिक के रोल में दिखे हैं, जो अपनी महबूबा से किसी बात पर नाराज हैं.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।