आधी रात को बिछाया था मौत का जाल, जवानों के खून की एक-एक बूंद का होगा हिसाब, NIA के हत्थे 3 उग्रवादी
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मणिपुर में असम राइफल्स के जवानों पर घात लगाकर हमला करने वाले नकेल कसने की तैयारी हो गई है. एनआईए ने पीपल्स लिबरेशन आर्मी के 3 आतंकियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है, यानी कि आरोप तय हो गए हैं. सितंबर 2025 के इस हमले में 2 जवान शहीद हुए थे. जांच में भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की बड़ी साजिश का खुलासा हुआ था.

असम राइफल्स पर हमला करने वाले आतंकियों के खिलाफ एनआईए ने चार्जशीट फाइल किया. (फाइल फोटो)
NIA News: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआई) ने बुधवार को मणिपुर में भारतीय सेना की रीढ़ कहे जाने वाले असम राइफल्स पर हुए कायराना हमले के मामले में एक बड़ी कानूनी कार्रवाई की है. एनआईए ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के तीन खूंखार आतंकियों के खिलाफ आरोप पत्र (Chargesheet) दाखिल कर दिया है. यह मामला सितंबर 2025 में हुए उस हमले से जुड़ा है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था.
इंफाल की विशेष एनआईए अदालत में पेश की गई चार्जशीट में तीन आरोपियों के नाम शामिल हैं. तीनों मणिपुर के ही रहने वाले हैं. इनकी पहचान थोंगराम सदानंद सिंह उर्फ नगाचिक, खुंडोंगबम ओजी मेइतेई उर्फ केइलाल और इरेनबाम जुगिंद्र मेइतेई उर्फ जुगिन मेइतेई के रूप में हुई है. इन तीनों को सुरक्षा एजेंसियों ने कड़ी मशक्कत के बाद गिरफ्तार किया था. अब इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), यूएपीए (UAPA), शस्त्र अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम जैसी गंभीर धाराओं के तहत केस चलेगा.
वो काला दिन
यह खूनी वारदात सितंबर 2025 में बिष्णुपुर जिले के नामबोल सबल लेइकाई इलाके में हुई थी. 33 असम राइफल्स का एक ट्रक जब नियमित गश्त पर था, तभी पहले से घात लगाकर बैठे पीएलए के कैडरों ने भारी हथियारों और विस्फोटकों से हमला बोल दिया. इस हमले का मकसद सिर्फ नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ना और इलाके में आतंक फैलाना था. इस हमले में असम राइफल्स के दो जांबाज जवान शहीद हो गए थे, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे.
एनआईए ने किया पर्दाफाश
नवंबर 2025 में स्थानीय पुलिस से केस हाथ में लेने के बाद एनआईए ने अपनी जांच में पाया कि यह हमला बेहद योजनाबद्ध था. हमलावर प्रतिबंधित फायरआर्म्स और विस्फोटकों से लैस थे. जांच में यह भी सामने आया कि पीएलए का उद्देश्य लोगों के मन में डर पैदा करना और देश की स्थिरता को नुकसान पहुंचाना था. हमले के दिन उग्रवादी नामबोल सबल लेइकाई चौराहे पर इकट्ठा हुए थे. जैसे ही ट्रक करीब आया, उन्होंने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी.
आतंक के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
एनआईए की इस चार्जशीट से साफ है कि केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियां पूर्वोत्तर में उग्रवाद को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. शहीद जवानों के बलिदान को न्याय दिलाने की दिशा में यह चार्जशीट पहला और सबसे मजबूत कदम है. एनआईए अभी भी मामले (RC-03/2025) की बारीकी से जांच कर रही है ताकि इस साजिश में शामिल अन्य नेटवर्क और मास्टरमाइंड्स तक पहुंचा जा सके.
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दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें