Desserts on Eid 2026 I गाजीपुर की मशहूर किमामी सेवई
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ईद से पहले गाजीपुर में किमामी सेवई की खास रौनक देखने को मिल रही है. देसी घी, गाढ़े दूध और मेवों से तैयार यह शाही मिठाई न सिर्फ अपने लाजवाब स्वाद बल्कि 10–15 दिनों तक ताज़ा रहने की खासियत के लिए भी जानी जाती है, जो इसे हर घर की पसंदीदा ईद डिश बनाती है.
गाजीपुर. ईद का चांद नजर आने में अब बस कुछ ही दिन बचे है और इसी के साथ गाजीपुर की फिजाओं में सेवइयों की सोंधी खुशबू घुलने लगी है. बाजारों में रौनक है, लेकिन चर्चा जिस एक खास डिश की सबसे ज्यादा है, वह है ‘किमामी सेवई’. गाजीपुर के रवायती दस्तरखानों की शान मानी जाने वाली यह मिठाई अपने शाही स्वाद और लंबी शेल्फ-लाइफ के लिए जानी जाती है. लाल दरवाजा क्षेत्र की रहने वाली पाक-कला विशेषज्ञ फरहीन अब्बासी बताती हैं कि किमामी सेवई सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि एक कला है. वह कहती हैं, आम सेवई और किमामी में जमीन-आसमान का फर्क है. इसे बनाने के लिए महीन सेवई को देसी घी में तब तक भूना जाता है जब तक वह सुनहरी न हो जाए. इसके बाद दूध को घंटों तक औटाकर उसे गाढ़ा रबड़ी जैसा किया जाता है और फिर सेवई में मिलाया जाता है. फरहीन ने एक दिलचस्प ऐतिहासिक पहलू साझा करते हुए बताया कि पहले के दौर में जब फ्रिज नहीं होते थे, तब इस मिठाई को हफ्तों तक सुरक्षित रखने के लिए इसमें चीनी और घी की मात्रा संतुलित रखी जाती थी. यही कारण है कि आज भी यह सेवई 10 से 15 दिनों तक अपनी ताजगी और स्वाद बरकरार रखती है.
बाज़ार का हाल 100 रूपए के पार पहुंची मिठास
महुआबाग स्थित ड्राई फ्रूट्स और सेवई के प्रमुख विक्रेता ताहिर के अनुसार, ईद के करीब आते ही किमामी सेवई के लिए खास ‘महीन सेवई’ की मांग में भारी उछाल आया है. बाज़ार में इसकी कीमत फिलहाल 90 से ₹100 रूपए प्रति किलो के आसपास बनी हुई है. ताहिर बताते हैं कि इसकी बनावट काफी नाजुक होती है, जो दूध और मेवों को पूरी तरह सोख लेती है, जिससे यह हलवे की तरह दानेदार और मलाईदार बनती है.
सिर्फ स्वाद नहीं, एक परंपरा
खूब सारा खोवा, केसरिया रंग, मखाने और काजू-बादाम के मिश्रण से तैयार होने वाली यह किमामी सेवई गाजीपुर के हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की भी गवाह है. ईद के दिन जब मेहमान घर आते हैं, तो यह शाही डेज़र्ट ही है जो रिश्तों में मिठास घोलने का काम करता है.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें