केरल में UDF को बढ़त, LDF पर एंटी-इंकम्बेंसी का असर, प्री-पोल सर्वे क्या कहता है?

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केरल में UDF को बढ़त, LDF पर एंटी-इंकम्बेंसी का असर, प्री-पोल सर्वे में क्या?

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केरल विधानसभा की सभी 140 सीट के लिए नौ अप्रैल को वोट डाले जाएंगे, जबकि मतगणना चार मई को होगी. एलडीएफ सरकार के प्रदर्शन को लेकर 31 प्रतिशत लोगों ने इसे ‘बहुत खराब’ और 20.9 प्रतिशत ने ‘खराब’ बताया है.

केरल में UDF को बढ़त, LDF पर एंटी-इंकम्बेंसी का असर, प्री-पोल सर्वे में क्या?Zoom

केरल विधानसभा की सभी 140 सीट के लिए नौ अप्रैल को मतदान होगा. (फाइल फोटो)

तिरुवनंतपुरम. कांग्रेस-नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) को केरल में 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले बढ़त मिलती दिख रही है, जबकि सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) को एंटी-इंकम्बेंसी का सामना करना पड़ रहा है. यह जानकारी एक प्री-पोल सर्वे में सामने आई है. पोल मंत्रा द्वारा 26,000 लोगों पर किए गए सर्वे के अनुसार यूडीएफ को 38.2 प्रतिशत वोट शेयर मिलने का अनुमान है, जबकि एलडीएफ को 33.7 प्रतिशत और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले एनडीए को 20.4 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना जताई गई है. करीब 8 प्रतिशत मतदाता अब भी अनिर्णीत हैं.

यूडीएफ के भीतर मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में वी डी सतीशन को 29.5 प्रतिशत समर्थन मिला है, जबकि के सी वेणुगोपाल को 28.2 प्रतिशत और शशि थरूर को 23.4 प्रतिशत समर्थन प्राप्त है. एलडीएफ में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन 38.2 प्रतिशत समर्थन के साथ आगे हैं, जबकि के के शैलजा को 32.5 प्रतिशत समर्थन मिला है.

सर्वे के अनुसार, राजनीतिक प्रभाव के मामले में के सी वेणुगोपाल को 46.8 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने संभावित मुख्यमंत्री के रूप में पसंद किया है, जबकि पिनराई विजयन को 27.9 प्रतिशत समर्थन मिला है. वेणुगोपाल को विभिन्न वर्गों में समर्थन मिलता दिख रहा है. ईसाई मतदाताओं में उन्हें 33.2 प्रतिशत और मुस्लिम मतदाताओं में 29.5 प्रतिशत समर्थन प्राप्त है. 18 से 35 वर्ष के युवाओं में भी उन्हें 33.9 प्रतिशत समर्थन मिला है.

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