‘गुमनाम’ मुसाफिर बना विश्व विजेता खिलाड़ी, मास्क और 3rd AC का सफर, पिता और बच्चों से मिलने की वो बेताबी…
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shivam dube reveals Train travel story: टी20 वर्ल्ड कप की ऐतिहासिक जीत के बाद करोड़ों की चकाचौंध छोड़ स्टार ऑलराउंडर शिवम दुबे एक ‘गुमनाम’ मुसाफिर बन गए. अपने पिता और बच्चों से मिलने की बेताबी में उन्होंने लग्जरी फ्लाइट का इंतजार नहीं किया और 3rd AC ट्रेन की ऊपरी बर्थ पर मास्क और टोपी लगाकर सफर किया. टीटीई के एक शक भरे सवाल और पत्नी के चतुराई भरे जवाब के बीच एक चैंपियन का अपनों तक पहुंचने का यह सफर बेहद मार्मिक और प्रेरणादायक है. उन्होंने ट्रेन में सफर करने की वजह अब जाकर बताई है.

शिवम दुबे ने ट्रेन में सफर करने की बताई वजह.
नई दिल्ली. मैदान पर लंबे-लंबे छक्के जड़ने वाला और दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई का ‘सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट’ खिलाड़ी चुपचाप ट्रेन की ऊपरी बर्थ पर मुंह छिपाकर सोता है.उसके पीछे की वजह सिर्फ एक होती है अपने परिवार से मिलने की बेतहाशा तड़प. टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर शिवम दुबे ने हाल ही में उस रात का खुलासा किया, जब पूरा देश जश्न मना रहा था, लेकिन वह एक ‘साधारण मुसाफिर’ बनकर अहमदाबाद से मुंबई के लिए ट्रेन पकड़ रहे थे. टी20 वर्ल्ड कप 2026 की खिताबी जीत के बाद जहां पूरी टीम चार्टर्ड फ्लाइट और भव्य स्वागत की तैयारी कर रही थी, वहीं शिवम के मन में कुछ और ही चल रहा था. एक इवेंट के दौरान उन्होंने अपने दिल का हाल बयां किया है.
शिवम दुबे (Shivam Dube ) ने इवेंट में कहा, ‘घर जाकर मुझे अपने बच्चों और अपने पापा से मिलने की बहुत ज्यादा बेचैनी हो रही थी. सच कहूं तो, मुझसे अब और इंतजार ही नहीं हो रहा था. बस इसी तड़प की वजह से मैंने टीम के साथ फ्लाइट का वेट करने के बजाय सुबह-सुबह घर जाने का फैसला किया.’
शिवम दुबे ने ट्रेन में सफर करने की बताई वजह.
Shivam Dube finally reveals why he left by train early the very next morning after winning the T20 World Cup.
Dube said —
“Ghar jaake mujhe apne bachche aur apne papa se milne ki kaafi anxiety ho rahi thi… isliye main subah-subah ghar chala aaya. Wait hi nahi ho raha tha.”… pic.twitter.com/QepwmKLP0S
3rd AC का सफर और पहचान छिपाने की जद्दोजहद
एक हाई-प्रोफाइल क्रिकेटर के लिए भारत में सार्वजनिक रूप से यात्रा करना लगभग नामुमकिन है. लेकिन पिता और बच्चों से मिलने की चाहत इतनी बड़ी थी कि दुबे ने जोखिम उठाया. उन्होंने अपनी पत्नी और एक दोस्त के साथ सुबह 5:10 बजे की अहमदाबाद-मुंबई ट्रेन पकड़ी. भीड़ से बचने के लिए उन्होंने 3rd AC का टिकट लिया. अपनी पहचान छिपाने के लिए दुबे ने चेहरे पर मास्क लगाया. सिर पर टोपी पहनी. फुल स्लीव्स की टी-शर्ट पहनी ताकि टैटू या शरीर की बनावट से कोई पहचान न ले. वह स्टेशन पर तब तक अपनी कार में बैठे रहे, जब तक ट्रेन चलने का समय नहीं हो गया.
जब बाल-बाल बचे शिवम दुबे
पूरे सफर के दौरान शिवम दुबे ट्रेन की ऊपरी बर्थ पर लेटे रहे ताकि किसी की नजर उन पर न पड़े. लेकिन एक पल ऐसा आया जब वह पकड़े जाने वाले थे. टिकट चेक करने आए टीटीई (TC) ने जब उनकी बर्थ की ओर देखा, तो उसे थोड़ा शक हुआ. उसने पूछा, ‘शिवम दुबे? कौन है ये? कोई क्रिकेटर है क्या?’ उस वक्त दुबे की पत्नी अंजुम खान ने चतुराई दिखाते हुए तुरंत जवाब दिया, ‘नहीं-नहीं, वो यहां कहां से आएंगे?’ उनकी पत्नी की इस बात ने टीटीई को आश्वस्त कर दिया और भारतीय क्रिकेट का यह सितारा एक आम नागरिक की तरह सुरक्षित अपने घर पहुंच गया.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें