Tips and Tricks : एक दाना नहीं होगा खराब, कई साल बाद तक सुरक्षा की गारंटी, जानें सरसों भंडारण का ये तरीका
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Mustard Storage Methods : किसान सरसों की कटाई शुरू कर चुके हैं. ज्यादातर किसान जरूरत की उपज पास रख लेते हैं बाकी बेच देते हैं. लेकिन अगर सरसों को स्टोर करते समय सावधानी न बरती जाए तो उसमें कीट और फंगस लगने का खतरा बना रहता है. ऐसे में किसानों को क्या करना चाहिए, लोकल 18 ने इस बारे में लखीमपुर खीरी के कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप बिसेन से बात की. वे बताते हैं कि कम लागत में अधिक मुनाफा सरसों की खेती का बड़ा आकर्षण है. सरसों एक ऐसी फसल है, जो कई वर्षों तक खराब नहीं होती है, बशर्ते अगर सही तरीके से इसका भंडारण और देखरेख किया जाए.
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में किसान सरसों की खेती बड़े पैमाने पर करते हैं. कम लागत में अधिक मुनाफा सरसों की खेती का बड़ा आकर्षण है. इस समय सरसों की कटाई शुरू हो चुकी है. कटाई के बाद किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार सरसों का भंडारण करते हैं. आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं जिसकी मदद से आप सरसों को कई वर्षों तक सुरक्षित रख सकते हैं.
सरसों एक ऐसी फसल है, जो कई वर्षों तक खराब नहीं होती है बशर्ते अगर सही तरीके से इसका भंडारण और देखरेख किया जाए. बाजारों में इस समय सरसों 5000 से लेकर 5500 रुपये कुंटल के हिसाब से बिक रही है. सरसों की फसल 90 से 110 दिन में तैयार हो जाती है. अधिक देखभाल करने की जरूरत भी नहीं होती है.
मार्च के महीना चल रहा है. किसान सरसों की कटाई शुरू कर चुके हैं. अगर आप भी सरसों को स्टोर करना चाहते हैं तो ध्यान रखें की उसे करीब 10 दिन तक धूप में जरूर डालें. इससे सरसों की नमी समाप्त हो जाएगी. अगर सरसों में नमी रहेगी तो फफूंद लगने के कारण उपज खराब हो जाएगी. ग्रामीण क्षेत्रों में लोग इसे मिट्टी की डेहरिया में रखते हैं. आप भी ये तरीका अपना सकते हैं.
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सरसों को हमेशा ठंडी, सूखी और अंधेरी जगह पर ही रखना चाहिए. यहां आप इसे लंबे समय तक स्टोर कर सकते हैं. सरसों एक ऐसी फसल है जो 3 से 4 साल तक खराब नहीं होती है, बस उसकी देखरेख करना जरूरी है. आप सरसों को बोरों में भी रख सकते हैं लेकिन ध्यान रहे कि जमीन में न रखें. लकड़ी के तख्ते पर रखें.
खीरी के कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप बिसेन बताते हैं कि सरसों स्टोर करते समय सबसे ज्यादा नमी के स्तर को परखना है. स्टोर करते समय सरसों में 8 से 10% से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए. स्टोर करने से पहले मैलाथियान के घोल से उपचार करना चाहिए. दीवारों या फर्श पर मौजूद दरारों को सीमेंट या मिट्टी से अच्छी तरह भर दें ताकि वहां कीट न पनप सकें. मैलाथियान के घोल का छिड़काव करके भंडारण स्थल को कीटाणुमुक्त करना एक समझदारी भरा कदम है.
सरसों को स्टोर करते समय सरसों में नीम की पत्तियां रख देनी चाहिए. इससे फसल में लगने वाले कीटों से छुटकारा मिल जाता है. यह रसायनों का एक सुरक्षित और प्राकृतिक विकल्प है. नीम की पत्तियां नमी और फंगस लगने की समस्या को कम करने में मदद करती हैं. ध्यान रहे कि नीम की ताजी पत्तियों को सरसों में न रखें. पत्तियों को धूप में सुखाने के बाद ही सरसों में रखें.