मुंबई में एक ही जगह मिलती है ये खास जलेबी, स्वाद ऐसा कि ठाणे से भी लोग खिंचे चले आते हैं
मुंबई. सपनों का शहर मुंबई अपनी भागदौड़, स्ट्रीट फूड और मसालेदार खाने के लिए जाना जाता है, लेकिन जब बात मिठाइयों की आती है तो यहां विकल्प थोड़े सीमित नजर आते हैं. यहां के लोगों की पसंद ज्यादा तीखे और चटपटे खाने की ओर झुकी रहती है, इसलिए पारंपरिक मिठाइयों की वैरायटी उतनी नहीं दिखती. फिर भी इस शहर की खासियत यही है कि यह हर स्वाद को कहीं न कहीं जगह दे ही देता है.
इसी मुंबई में मध्यप्रदेश के बुरहानपुर की एक खास मिठाई ने अपनी अलग पहचान बना ली है. यह मिठाई है मावा जलेबी, जो भिंडी बाजार इलाके की मीनारा स्वीट्स में मिलती है. खास बात यह है कि पूरी मुंबई में यह मिठाई आपको लगभग एक ही जगह पर मिलती है और इसे खाने के लिए लोग मुंबई ही नहीं, बल्कि ठाणे तक से यहां पहुंचते हैं. इसे आम जलेबी समझने की गलती नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इसका स्वाद और बनाने का तरीका दोनों ही बिल्कुल अलग हैं.
मावा जलेबी का अलग अंदाज और स्वाद
अगर आप इसे साधारण जलेबी जैसा समझ रहे हैं, तो यहीं पर आपका भ्रम टूट जाएगा. आम जलेबी और बुरहानपुर की मावा जलेबी में जमीन-आसमान का फर्क होता है. जहां एक तरफ सामान्य जलेबी मैदे के घोल को फर्मेंट करके बनाई जाती है ताकि तलते समय उसमें कुरकुरापन आए, वहीं मावा जलेबी पूरी तरह अलग तरीके से तैयार होती है.
मैदा नहीं, इस चीज का होता है इस्तेमाल
इस शाही जलेबी में मैदे की जगह मावा यानी खोए का इस्तेमाल होता है. यही वजह है कि यह कुरकुरी नहीं, बल्कि बेहद नरम और रस से भरी होती है. आम जलेबी चाशनी में डुबोने के बाद पीले या संतरे रंग की चमकदार दिखती है, जबकि मावा जलेबी का रंग डार्क ब्राउन होता है, जो देखने में कुछ-कुछ गुलाब जामुन जैसा लगता है. खाने के तरीके में भी फर्क साफ नजर आता है. जहां अलग-अलग राज्यों में जलेबी को अलग अंदाज में खाया जाता है, जैसे कहीं दही के साथ तो कहीं फाफड़ा के साथ, वहीं इस मावा जलेबी को हमेशा रबड़ी के साथ ही परोसा जाता है. यही इसका असली स्वाद और पहचान है.
मीनारा स्वीट्स की खासियत और कीमत
मीनारा स्वीट्स में यह मावा जलेबी करीब 100 रुपये प्लेट मिलती है, जिसमें तीन जलेबी दी जाती हैं. यह जलेबी आकार में थोड़ी भारी होती है, इसलिए तीन पीस ही एक प्लेट के लिए काफी होते हैं. इसके साथ मिलने वाली रबड़ी इसका स्वाद और भी बढ़ा देती है. इस दुकान पर सिर्फ मावा जलेबी ही नहीं, बल्कि शाही टुकड़ा, मावा मालपुआ, गुलाब जामुन, फिरनी और रबड़ी भी मिलती है. फिरनी करीब 50 रुपये में और रबड़ी का एक मटका 60 रुपये में मिल जाता है. खास बात यह है कि इन मिठाइयों को छोटे-छोटे मटकों में पैक करके दिया जाता है, जो देखने में भी आकर्षक लगता है.
यह दुकान देर रात तक खुली रहती है, करीब 1:30 बजे तक यहां लोगों की आवाजाही बनी रहती है. अक्सर लोग रात का खाना खाने के बाद यहां मीठा खाने पहुंचते हैं. यही वजह है कि भले ही मुंबई में मिठाइयों के विकल्प कम दिखें, लेकिन इस तरह की खास जगहें शहर के स्वाद को अलग पहचान देती हैं.