Koiral raita recipe | cooling raita for summer | झटपट रायता रेसिपी | गर्मियों के लिए ठंडा रायता |
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Special Raita Recipe: पहाड़ों की वादियों में उगने वाली जंगली सब्जी कोइराल इन दिनों रसोई की शान बनी हुई है. खीरे और बूंदी के रायते से हटकर, कोइराल का रायता अपने खास देसी स्वाद और औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है. स्थानीय निवासी नर्वदा देवी के अनुसार, यह रायता न केवल गर्मियों में पेट को ठंडक देता है, बल्कि लूज मोशन और पाचन से जुड़ी समस्याओं का रामबाण इलाज भी है. जानिए सीलबट्टे पर पिसे इस पारंपरिक रायते की आसान रेसिपी और इसके बेमिसाल फायदे.
Special Raita Recipe: आपने खीरे या बूंदी का रायता तो कई बार खाया होगा, लेकिन पहाड़ों में बनने वाला कोइराल का रायता बिल्कुल अलग और खास होता है. यह कोइराल नाम की एक जंगली सब्जी से बनता है, जो पहाड़ी इलाकों के जंगलों में प्राकृतिक रूप से उगती है. खास बात यह है कि इस सीजन में पहाड़ों के लगभग हर घर में यह रायता बड़े चाव से बनाया और खाया जाता है.
रायता बनाने की आसान रेसिपी
इसे बनाने का तरीका बहुत ही पारंपरिक और सरल है. सबसे पहले कोइराल को अच्छे से साफ करके उबाल लिया जाता है, ताकि वह पूरी तरह नरम हो जाए. इसके बाद इसे सीलबट्टे पर पीसा जाता है, जिससे इसका असली और देसी स्वाद निखर कर आता है. पिसे हुए कोइराल में ताज़ा दही मिलाया जाता है और उसे अच्छे से मिक्स किया जाता है. स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें नमक, हल्दी, लाल मिर्च और धनिया पाउडर के साथ बारीक कटा हुआ हरा धनिया और हरी मिर्च डाली जाती है, जो इसे और भी चटपटा बना देती है.
स्पेशल तड़का जो रायते में डाल देता है जान
इस रायते की असली जान इसका तड़का होता है. जिसके लिए एक छोटे पैन में शुद्ध घी गरम करके उसमें ‘शैकवा’ और थोड़ी सी हल्दी का तड़का तैयार किया जाता है. जैसे ही यह तड़का रायते में गिरता है, इसकी खुशबू पूरे घर में फैल जाती है. घी और शैकवा का यह मेल रायते के स्वाद को कई गुना बढ़ा देता है.
पेट की समस्याओं के लिए औषधि है कोइराल
स्थानीय निवासी नर्वदा देवी बताती हैं, “कोइराल का रायता हम लोग हर साल बनाते हैं. यह खाने में तो बहुत स्वादिष्ट होता ही है, साथ ही पेट के लिए भी बहुत अच्छा रहता है. पुराने समय से हमारे घरों में इसे खास तौर पर गर्मियों में बनाया जाता है, क्योंकि इससे पाचन ठीक रहता है और पेट की जलन में आराम मिलता है.” नर्वदा देवी ने आगे बताया कि अगर किसी को लूज मोशन (दस्त) जैसी समस्या हो जाती है, तो पहाड़ों में इसी रायते का इस्तेमाल किया जाता है, जो पेट को बहुत जल्दी आराम पहुंचाता है.
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सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें