अक्षय कुमार से पहले, फ्री में देखिए 1965 में रिलीज हुई महमूद की हॉरर कॉमेडी ‘भूत बंगला’, खौफनाक है फिल्म की कहानी
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अक्षय कुमार अपनी नई हॉरर-कॉमेडी ‘भूत बंगला’ के साथ स्क्रीन पर धमाका करने के लिए तैयार हैं, लेकिन इस फिल्म के टाइटल का असली रोमांच महमूद की 1965 में आई इसी नाम की फिल्म में है. बॉलीवुड की पहली हॉरर-कॉमेडी मानी जाने वाली महमूद की ‘भूत बंगला’ आज भी अपने सस्पेंस और कॉमेडी के लिए जानी जाती है. अक्षय की फिल्म देखने से पहले आप इस कल्ट क्लासिक को यूट्यूब पर फ्री में देख सकते हैं. आरडी बर्मन के म्यूजिक और महमूद की शानदार एक्टिंग के साथ यह फिल्म आपको पुराने जमाने के डरावने एंटरटेनमेंट का स्वाद चखाएगी.
नई दिल्ली. आज के समय में हॉरर-कॉमेडी जॉनर बॉलीवुड के सबसे सफल जॉनर में से एक है, जहां मेकर्स को नुकसान होने की संभावना कम होती है. वहीं, कई सालों बाद अक्षय कुमार एक बार फिर डायरेक्टर प्रियदर्शन के साथ एक बड़ी हॉरर-कॉमेडी ‘भूत बंगला’ के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अक्षय कुमार की इस फिल्म के टाइटल का सीधा कनेक्शन 59 साल पुरानी एक ऐसी फिल्म से है, जिसने बॉलीवुड में पहली बार डर और हंसी का अनोखा कॉम्बिनेशन दिखाया था.
हम बात कर रहे हैं लेजेंडरी कॉमेडियन महमूद की फिल्म ‘भूत बंगला’ की, जो 1965 में रिलीज हुई थी. अगर आप अक्षय की फिल्म का इंतजार कर रहे हैं, तो आपको यह ‘ओरिजिनल’ मास्टरपीस जरूर देखनी चाहिए, जो अब ऑनलाइन यूट्यूब पर फ्री में अवेलेबल है.
1959 में जब एक तरफ सस्पेंस थ्रिलर बन रहे थे और दूसरी तरफ प्योर कॉमेडी, महमूद ने एक बड़ा रिस्क लिया. उन्होंने दोनों को मिलाकर ‘भूत बंगला’ बनाई. यह वह समय था जब लोग स्क्रीन पर भूत देखने से डरते थे, लेकिन उस डर के बीच हंसी लाने के महमूद के स्किल ने इस जॉनर की नींव रखी. आज की फिल्में जैसे ‘स्त्री’ या ‘भेड़िया’ की सफलता किसी न किसी तरह ‘भूत बंगला’ फॉर्मूले से जुड़ी है.
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फिल्म एक रहस्यमयी हवेली के इर्द-गिर्द घूमती है. कहानी रेखा (तनुजा) से शुरू होती है, जिसके पिता और चाचा की संदिग्ध हालात में मौत हो जाती है. रेखा को लगता है कि बंगले में बुरी आत्माओं का साया है. इसी बीच उसकी मुलाकात मोहन (महमूद) से होती है, जो एक म्यूजिक कॉम्पिटिशन का विनर है.
जब मोहन और उसके दोस्त बंगले में रहने आते हैं, तो डर और हंसी की लहर दौड़ जाती है. फिल्म में सस्पेंस इतना जबरदस्त है कि आखिर तक दर्शकों को यकीन नहीं होता कि बंगला सच में शापित है या यह कोई जान-बूझकर रची गई साजिश है. इस फिल्म का एक और बड़ा अट्रैक्शन इसका म्यूजिक था, जिसे आरडी बर्मन ने कंपोज किया था.
मजेदार बात यह है कि पंचम दा ने इस फिल्म में एक्टिंग भी की थी. फिल्म का गाना ‘जागो सोने वालों…’ आज भी एक कल्ट हिट माना जाता है. हॉरर सीन में आरडी बर्मन ने जो साउंड इफेक्ट्स इस्तेमाल किए थे, वे उस समय के हिसाब से काफी एडवांस्ड थे. वहीं, महमूद उस दौर के अकेले ऐसे एक्टर थे जिनके नाम से फिल्में बिकती थीं.
महमूद ने न सिर्फ ‘भूत बंगला’ में एक्टिंग की, बल्कि इसे खुद डायरेक्ट और प्रोड्यूस भी किया. उनकी कॉमिक टाइमिंग और डरावने अंदाज ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया. वहीं, एक्ट्रेस तनुजा ने अपनी सादगी और सीरियस परफॉर्मेंस से फिल्म में बैलेंस बनाए रखा. अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की जोड़ी 14 साल बाद वापसी कर रही है. फिल्म का नाम ‘भूत बंगला’ रखने के पीछे मुख्य कारण पुरानी फिल्म की लेगेसी को भुनाना है. हालांकि अक्षय की फिल्म एक नई कहानी होगी.