धर्मेंद्र थे मायूस, डायरेक्टर ने बनाई ऐसी सुपरहिट फिल्म, रिकॉर्डिंग में थिरक उठे मोहम्मद रफी, अमर हो गया गाना

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Mohammad rafi Superhit Song : 70 के दशक की शुरुआत होने से पहले ही धर्मेंद्र ने बॉलीवुड इंडस्ट्री में अपनी पकड़ बना ली थी. 1969 में उनके होम प्रोडक्शन की एक फिल्म आई थी जिसे उनके जीजा शेर जंग सिंह पंछी ने प्रोड्यूस किया था. इस फिल्म में धर्मेंद्र का काम सबसे ज्यादा सराहा गया. यह उनके पूरे करियर का बेस्ट परफॉर्मेंस था लेकिन फिल्म नहीं चली. इससे धर्मेंद्र बहुत निराश हुए. उन्हीं दिनों एक और बड़े डायरेक्टर दुलाल गुहा की राजेश खन्ना के साथ फिल्म ‘दुश्मन’ आई थी. धर्मेंद्र ऐसी ही एक फिल्म करना चाहते थे. दुलाल गुहा ने उनके लिए ऐसी फिल्म बनाई जो धर्मेंद्र की पहचान बन गई. इस फिल्म का एक गाने की रिकॉर्डिंग के दौरान मोहम्मद रफी रिकॉर्डिंग रूम में जमकर थिरके थे. यह फिल्म कौन सी थी, आइये जानते हैं.

बॉलीवुड सुपर स्टार धर्मेंद्र को बॉलीवुड में स्थापित करने में रमेश सिप्पी-हृषिकेश मुखर्जी के अलावा एक और डायरेक्टर दुलाल गुहा का बहुत बड़ा हाथ है. हृषिकेश मुखर्जी को अपनी सभी फिल्मों से सबसे ज्यादा ‘सत्यकाम’ पसंद है. इस फिल्म में धर्मेंद्र ने अपने करियर की सबसे बेस्ट एक्टिंग की. फिल्म नहीं चली तो धर्मेंद्र बहुत निराश हुए. फिर डायरेक्टर दलाल गुहा ने उनके साथ एक फिल्म ‘दोस्त’ बनाई जिसका एक गाना ‘गाड़ी बुला रही है, सीटी बजा रही है’ बहुत पॉप्युलर हुआ था. इस फिल्म की सफलता के बाद दलाल गुहा ने धर्मेंद्र के साथ एक और फिल्म ‘प्रतिज्ञा’ बनाई जो कि 1975 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म ने धर्मेंद्र को ‘गरम-धरम’ का टैग दिया. इस फिल्म के एक गाने की रिकॉर्डिंग के दौरान मोहम्मद रफी स्टूडियो में खूब थिरके थे.

‘सत्यकाम’ की असफलता के बाद धर्मेंद्र को डायरेक्टर दलाल गुहा से बहुत उम्मीदें थी. दलाल गुहा ने उन्हें ‘दोस्त’ फिल्म की कहानी सुनाई. फिल्म बनते-बनते धर्मेंद्र को यकीन हो गया कि मूवी फ्लॉप हो जाएगी. उन्होंने बेमन से फिल्म में काम किया. यह बात 1974 की है. धर्मेंद्र फिल्म रिलीज होने के पहले ही मुंबई छोड़कर कश्मीर भाग गए. तीन दिन बाद उन्हें किसी ने खबर दी कि ‘दोस्त’ फिल्म सिनेमाघरों में धमाल मचाए हुए है. ऐसे में धर्मेंद्र कश्मीर से फ्लाइट पकड़कर मुंबई पहुंचे और डायरेक्टर दलाल गुहा से माफी मांगी.

धर्मेंद्र ने दुलाल गुहा के घर पर अपने भाई को बुलाया और 50 हजार रुपये साइनिंग अमाउंट दिया. यह साइनिंग अमाउंट ‘प्रतिज्ञा’ फिल्म के लिए दिया था जिसकी कहानी धर्मेंद्र के भाई अजीत सिंह ने ही लिखी थी. नाबेंदु घोष ने स्क्रीनप्ले लिखा था. डायलॉग सफीक अंसारी ने लिखे थे. ‘प्रतिज्ञा’ मूवी 27 जून 1975 को रिलीज हुई. इसे विक्रम सिंह देवल और कंवरजीत सिंह ने प्रोड्यूस किया था. यह धर्मेंद्र के होम प्रोडक्शन की फिल्म थी. पूरा पैसा धर्मेंद्र का ही लगा हुआ था. मूवी में धर्मेंद्र, हेमा मालिनी, अजीत, सत्येन कप्पू, अभि भट्टाचार्य, जोनी वॉकर, जगदीप, कैस्टो मुखर्जी, राममोहन, नाजिर हुसैन, लीला मिश्रा और इम्तियाज खान जैसे सितारे थे.

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धर्मेंद्र 1971 में आई राजेश खन्ना की फिल्म ‘दुश्मन’ से बहुत प्रभावित थे. ‘दुश्मन’ फिल्म में राजेश खन्ना ने एक ट्रक ड्राइवर का किरदार निभाया था. ‘दुश्मन’ फिल्म का डायरेक्शन दलाल गुहा ने ही किया था. ‘प्रतिज्ञा’ फिल्म में धर्मेंद्र ने ट्रक ड्राइवर का रोल निभाया था. धर्मेंद्र के भाई ने एक छोटा सा रोल भी निभाया था. फिल्म में धर्मेंद्र के कैरेक्टर का नाम ‘अजीत’ था. रियल लाइफ में धर्मेंद्र के छोटे भाई का नाम अजीत देओल था. इसी फिल्म ने धर्मेंद्र की इमेज ‘धरम-गरम’ की बनाई. ‘प्रतिज्ञा’ और ‘दुश्मन’ के शुरुआती सीन एक जैसे लगते हैं.

‘प्रतिज्ञा’ फिल्म धर्मेंद्र-हेमा मालिनी की जोड़ी का कमाल था. दोनों के बीच इस फिल्म के दौरान नजदीकियां भी बढ़ीं. सुपरहिट म्यूजिक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने कंपोज किया था. सुरीली धुनों पर आनंद बक्शी ने गीत लिखे थे. फिल्म में कुल चार गाने थे. एक गाना ‘मैं जट यमला पगला दीवाना’ ने तो इतिहास रच दिया. यही गाना धर्मेंद्र की पहचान बन गया. इस गाने में एक मस्ती-चुलबुलापन था. धर्मेंद्र के पूरे करियर का सबसे यादगार गाना इसी को माना जाता है.

इस गाने से सबसे जुड़ा किस्सा और भी दिलचस्प है. मोहम्मद रफी ‘मैं जट यमला पगला दीवाना’ गाना इतना पसंद आया था कि वो इसकी रिकॉर्डिंग के दौरान खुद ही थिरकने लगे थे. धर्मेन्द्र यह सब देखकर हैरान थे. मोहम्मद रफी ने गाने की रिकॉर्डिंग पूरी करने के बाद धर्मेंद्र से कहा कि मैं तो बहुत ही आराम से मस्ती भरे अंदाज में गाना रिकॉर्ड किया है. अब आपकी बारी है. देखते हैं कि आप कैसा डांस करते हैं.

यह सभी जानते हैं कि धर्मेंद्र बहुत अच्छे डांसर नहीं थे. धर्मेंद्र ने जोश-जोश में रफी साहब से यह जरूर कह दिया कि वो इस गाने पर ऐसा डांस करेंगे इस सॉन्ग को सदियों तक याद रखा जाएगा. जब डांस की बारी आई तो धर्मेंद्र के कदम बीट पर पड़ ही नहीं रहे थे. एक्शन-इमोशन सीन तो धर्मेंद्र बखूबी कर लेते थे, किरदार में डूब जाते थे लेकिन डांस के नाम पर अंदर तक कांप जाते थे.

धर्मेंद्र की परेशानी देखकर डायरेक्टर दुलाल गुहा ने इसका तोड़ निकाला. उन्होंने धर्मेंद्र से अपने ही अंदाज में डांस करने की छूट दे दी. फिर क्या था, धर्मेंद्र ने अपने ही अंदाज में ऐसा मस्त डांस किया कि आज तक यह गाना-डांस मशहूर है. इस तरह धर्मेंद्र ने अपना वादा निभाया और इस गाने को अमर कर दिया.

प्रतिज्ञा फिल्म धर्मेंद्र की पहचान बन गई. प्रतिज्ञा फिल्म 1975 की 11वीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी. 1975 से ज्यादा यह फिल्म रिपीट रन में 1976 में चली. उत्तर भारत, पंजाब-राजस्थान में इस फिल्म को खूब पसंद किया गया. 1975 में धर्मेंद्र की शोले फिल्म अमिताभ बच्चन के साथ रिलीज हुई थी. यह मूवी कालजयी साबित हुई. वैसे धर्मेंद्र ने हमेशा यही कहा कि इस ‘शोले’ से ज्यादा उन्हें यह मूवी पसंद है. ‘प्रतिज्ञा’ मूवी का टाइटल पहले ‘जंजीर’ रखा गया था जिसे बदलकर ‘प्रतिज्ञा’ किया गया. ‘जंजीर’ टाइटल प्रकाश मेहरा को दे दिया गया. जंजीर फिल्म ने इतिहास रचा. इंडस्ट्री को यंग मैन अमिताभ बच्चन मिले. वैसे प्रकाश मेहरा पहले यह फिल्म धर्मेंद्र के साथ ही बना रहे थे लेकिन तकदीर को कुछ और मंजूर था.

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