“बम से उड़ा दूंगा” मेल से हड़कंप. भोपाल पुलिस की बार-बार कौन ले रहा फिरकी?
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भोपाल में बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल का सिलसिला जारी है. पुलिस को शक है कि एक ही व्यक्ति बार-बार ऐसे मेल भेज रहा है. एम्स और पीपुल्स अस्पताल के बाद नापतौल विभाग को साइनाइड गैस से उड़ाने की धमकी मिली. हर बार की तरह पुलिस और बम स्क्वॉड की जांच में कुछ संदिग्ध नहीं मिला, लेकिन पुलिस फिरकी लेने वाले की तलाश में जुट गई है.

भोपाल पुलिस धमकी भरे ईमेल भेजने वाले की तलाश कर रही है.
भोपाल. राजधानी में संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल का सिलसिला लगातार जारी है और अब यह सिर्फ एक-दो संस्थानों तक सीमित नहीं रहा है. स्कूल्स, एम्स भोपाल और पीपुल्स अस्पताल के बाद नापतौल विभाग को साइनाइड गैस से उड़ाने की धमकी दी गई थी. ऐसे ईमेल्स से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं. हर बार ईमेल में बड़े हमले का दावा किया जाता है, लेकिन मौके पर जांच के बाद कुछ नहीं मिलता. यही वजह है कि अब सवाल उठने लगे हैं कि आखिर भोपाल पुलिस की बार-बार कौन फिरकी ले रहा है और इस तरह के फर्जी अलर्ट के पीछे किसका हाथ है?
लगातार मिल रही धमकियों ने न सिर्फ प्रशासन बल्कि आम लोगों में भी चिंता बढ़ा दी है. हर बार पुलिस, बम स्क्वॉड और सुरक्षा एजेंसियां पूरी ताकत से जांच करती हैं, लेकिन नतीजा शून्य ही रहता है. इसके बावजूद इन मेल्स को हल्के में नहीं लिया जा सकता, क्योंकि हर अलर्ट संभावित खतरे की ओर इशारा करता है. पुलिस कमिश्नर ने आशंका जताई कि ऐसी संभावना है कि एक ही शख्स बार-बार ऐसे मेल भेज रहा है. अब चुनौती उसे ट्रेस करने और इस सिलसिले को खत्म करने की है.
नापतौल विभाग को साइनाइड अटैक की धमकी
भोपाल के नापतौल विभाग को भेजे गए एक ई-मेल में दावा किया गया कि परिसर में साइनाइड गैस से भरे 16 सिलेंडर रखे गए हैं. मेल में दोपहर 1 बजे विस्फोट की चेतावनी दी गई. सूचना मिलते ही विभाग में हड़कंप मच गया. धमकी मिलते ही पुलिस और बम स्क्वॉड टीम तुरंत मौके पर पहुंची. पूरे परिसर की सघन तलाशी ली गई. हर कमरे, स्टोर और खुले हिस्सों की जांच की गई, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली. जांच के बाद स्पष्ट हुआ कि ई-मेल में किया गया दावा झूठा था. न कोई सिलेंडर मिला और न ही किसी तरह का विस्फोटक. इससे पहले भी इसी तरह के कई मामलों में कुछ नहीं मिला है.
भोपाल एम्स और पीपुल्स अस्पताल को भी मिल चुकी धमकी
हाल के दिनों में एम्स भोपाल और पीपुल्स अस्पताल को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी. कुछ निजी स्कूलों को भी ऐसे मेल मिले थे. हर मामले में जांच के बाद अलर्ट फर्जी निकला. पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के अनुसार शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि एक ही व्यक्ति इस तरह के मेल भेज रहा है. साइबर टीम लगातार उसे ट्रेस करने में जुटी है. पुलिस अब तकनीकी जांच के जरिए मेल के सोर्स तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. आईपी एड्रेस, सर्वर लोकेशन और डिजिटल फुटप्रिंट खंगाले जा रहे हैं. सभी मामलों को जोड़कर जांच की जा रही है.
सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती
बार-बार मिल रही ऐसी धमकियां सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गई हैं. हर बार संसाधन और समय खर्च होता है. साथ ही शहर में डर का माहौल भी बनता है. पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा कि हम तमाम कोशिश कर रहे हैं कि इस मामले में जो-जो शामिल हो, उसे तुरंत गिरफ्तार करें. पुलिस टीमों को लगाया गया है और मुखबिर से आरोपी तक पहुंचने की कोशिश हो रही है.
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सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें