एपस्टीन से नाम जोड़ने पर मंत्री की बेटी पहुंची दिल्ली हाईकोर्ट, ट्रोल्स पर ठोका 10 करोड़ की मानहानि का दावा
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केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी हिमायनी पुरी ने जेफ्री एपस्टीन से नाम जोड़े जाने पर दिल्ली हाई कोर्ट में 10 करोड़ रुपये का मानहानि केस किया है. उन्होंने गूगल और मेटा जैसे प्लेटफॉर्म्स से झूठी और अपमानजनक पोस्ट हटाने की मांग की है. मामले की सुनवाई 17 मार्च को होगी.

दिल्ली हाईकोर्ट पहुंची हरदीप पुरी की बेटी, एपस्टीन से नाम जोड़कर अफवाह फैलाने वाले पर ठोका 10 करोड़ की मानहानि का दावा. (फाइल फोटो)
सोशल मीडिया पर व्यूज और वायरल होने के चक्कर में किसी की साख से खिलवाड़ करना अब महंगा पड़ने वाला है. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी हिमायनी पुरी ने अपनी छवि धूमिल करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर कर उन सभी ऑनलाइन पोस्ट को हटाने की मांग की है, जिनमें उनका नाम कुख्यात अमेरिकी अपराधी जेफ्री एपस्टीन (Jeffrey Epstein) से जोड़ा जा रहा था. हिमायनी ने न केवल इन झूठी खबरों को हटाने की मांग की है, बल्कि 10 करोड़ रुपये के हर्जाने का मानहानि केस भी ठोक दिया है.
पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे X (पूर्व में ट्विटर), मेटा (फेसबुक/इंस्टाग्राम), गूगल और लिंक्डइन पर कुछ अकाउंट्स द्वारा यह दावा किया जा रहा था कि हिमायनी पुरी का जेफ्री एपस्टीन या उसके नेटवर्क के साथ वित्तीय संबंध रहा है. इन पोस्ट्स में आरोप लगाया गया था कि वे एपस्टीन की आपराधिक गतिविधियों के नेटवर्क का हिस्सा थीं.
सभी दावे झूठे हैं- हिमायनी
हिमायनी पुरी ने अपनी याचिका में साफ किया है कि ये तमाम दावे पूरी तरह से झूठे, मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण हैं. उन्होंने कहा कि 22 फरवरी 2026 से उनके खिलाफ एक सुनियोजित तरीके से अभियान चलाया गया, जिसका मकसद केवल उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित करना और उनकी अंतरराष्ट्रीय साख को नुकसान पहुँचाना था.
मंत्री की बेटी होने की मिल रही सजा
हिमायनी के वकीलों ने कोर्ट में तर्क दिया कि उन्हें सिर्फ इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वे एक केंद्रीय मंत्री की बेटी हैं. याचिका में कहा गया है कि यह एक कोऑर्डिनेटेड अटैक है, जिसे डिजिटल दुनिया में सनसनी फैलाने और लोगों के गुस्से को भड़काने के लिए डिजाइन किया गया है. कोर्ट से मांग की गई है कि गूगल, एक्स और मेटा जैसे सोशल मीडिया मध्यस्थों को तुरंत इन अपमानजनक बयानों और पोस्ट को हटाने का निर्देश दिया जाए. इस मामले की सुनवाई मंगलवार (17 मार्च) को होने की उम्मीद है.
हरदीप पुरी ने भी दी सफाई
यह विवाद तब और गहरा गया था जब केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के 2014-15 के बीच एपस्टीन के साथ हुए कुछ ईमेल एक्सचेंज की खबरें सामने आई थीं. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हरदीप पुरी ने स्वीकार किया था कि वे अतीत में कुछ मौकों पर एपस्टीन से मिले थे, लेकिन उन्होंने किसी भी तरह की गलत गतिविधि या एपस्टीन के काले कारनामों की जानकारी होने से साफ इनकार किया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे मुलाकातें सार्वजनिक और कूटनीतिक संदर्भों में थीं.
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दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें