बैंक मैनेजर की हत्या का आरोपी गार्ड और उसका साथी गिरफ्तार, छुट्टी के विवाद में सरेआम मारी थी गोली
छुट्टी को लेकर शुरू हुआ था खूनी विवाद
यह घटना गाजियाबाद जिले से सटे लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र के बलराम नगर इलाके के ‘पंजाब एंड सिंध बैंक’ की है. मिली जानकारी के अनुसार, मृतक बैंक मैनेजर अभिषेक शर्मा (36) पिछले एक साल से इस शाखा में कार्यरत थे. वहीं, आरोपी गार्ड रवींद्र हुड्डा, जो मूल रूप से बागपत का रहने वाला है, पिछले तीन महीनों से वहां सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहा था. बताया जा रहा है कि रवींद्र पिछले कई दिनों से छुट्टी की मांग कर रहा था.
वहीं, काम का लोड ज्यादा होने की वजह से मैनेजर अभिषेक शर्मा उसे छुट्टी नहीं दे पा रहे थे. इसी बात को लेकर दोनों (अभिषेक शर्मा-रवींद्र हुड्डा) के बीच पिछले कुछ दिनों से तनाव चल रहा था. सोमवार दोपहर करीब 1:45 बजे एक बार फिर छुट्टी को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हुई, जो देखते ही देखते मौत के तांडव में बदल गई.
मैनेजर के केबिन में घुसकर दागी गोली, बैंक में मची भगदड़
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बहस के दौरान रवींद्र हुड्डा इतना आगबबूला हो गया कि उसने अपना आपा खो दिया. वह अपनी डबल बैरल 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक लेकर सीधे मैनेजर के केबिन में घुसा और अभिषेक के सीने पर निशाना साधकर गोली चला दी. गोली की आवाज से पूरा बैंक गूंज उठा. वहां मौजूद कर्मचारी और ग्राहक अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे. खून से लथपथ अभिषेक फर्श पर गिर पड़े और मौके पर ही चीख-पुकार मच गई.
सीसीटीवी में कैद हुई हत्यारे की बेखौफी
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गार्ड रवींद्र हुड्डा डरा नहीं, बल्कि बड़े ही इत्मीनान से अपनी बंदूक लहराते हुए बैंक से बाहर निकला. बैंक के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में यह पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है. फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि मैनेजर को गोली मारने के बाद रवींद्र अपने साथी (नौकर शीशपाल) के साथ पैदल ही वहां से फरार हो गया. इसके कुछ ही सेकंड बाद बैंक का स्टाफ घायल अभिषेक को उठाकर बाहर लाता हुआ दिखाई दे रहा है.
इलाज के दौरान तोड़ा दम, परिवार में मचा कोहराम
घटना के तुरंत बाद बैंक के कर्मचारी अभिषेक को बाइक पर बैठाकर पास के संयुक्त अस्पताल ले गए. हालत गंभीर होने के कारण उन्हें दिल्ली के जीटीबी अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद अभिषेक शर्मा को बचाया नहीं जा सका. अभिषेक की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में मातम छा गया है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था.
रवींद्र हुड्डा और नौकर शीशपाल को किया अरेस्ट
डीसीपी (ग्रामीण) सुरेंद्रनाथ तिवारी और एसीपी ज्ञान प्रकाश राय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की तलाश में चार टीमें गठित की थीं. पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से फरार गार्ड रवींद्र हुड्डा को धर दबोचा. पुलिस ने उसके साथ उसके नौकर शीशपाल को भी गिरफ्तार किया है, जो वारदात के समय बैंक में उसके साथ ही मौजूद था और उसे भागने में मदद कर रहा था.
एसीपी ज्ञान प्रकाश राय ने बताया कि आरोपी से हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद करने की प्रक्रिया चल रही है. उन्होंने साफ किया कि प्रथम दृष्टया यह मामला छुट्टी न मिलने के गुस्से और आपसी रंजिश का है. फिलहाल बैंक परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है.