अमरीश पुरी के गले लगकर रोया एक्शन हीरो, मूवी में थी रियल लाइफ गैंगस्टर की कहानी, कालजयी थे डायलॉग
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Bollywood Action Thriller Film : ये कहानी उस कालजयी फिल्म की है जिसमें बॉलीवुड के लीजेंड एक्टर अमरीश पुरी पॉजिटिव रोल में थे. यह देखकर दर्शक भी हैरान थे. उन्होंने ऐसा चरित्र किरदार निभाया कि सिनेमाघरों में दर्शकों की आंखों में आंसू आ गए. यह सीन कितना इमोशनल रहा होगा, इसका अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि सेट पर ही एक्शन हीरो अमरीश पुरी को गले लगाकर खूब रोया था. फिल्म की कहानी मुंबई के एक रियल लाइफ गैंगस्टर से इंस्पायर्ड थी. मूवी का एक-एक सीन, एक-एक डायलॉग कालजयी साबित हुई. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास ही रच दिया था. यह सुपरहिट फिल्म कौन सी थी, आइये जानते हैं.
साल था 1996. 8 नवंबर को सिनेमाघर में सनी देओल-मीनाक्षी शेषाद्रि स्टारर एक एक्शन फिल्म ‘घातक’ आई थी. फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया था. सनी देओल-राजकुमार संतोषी की साथ में तीसरी फिल्म थी. इससे पहले दोनों ‘घायल’ और ‘दामिनी’ जैसी फिल्में साथ में कर चुके थे. ये सभी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सफल रहीं. ‘दामिनी’ और ‘घातक’ के एक-एक डायलॉग कालजयी साबित हुए.
घातक फिल्म जब आई तब बॉलीवुड में रोमांटिक फिल्मों के दौर था. फिर भी एक्शन से भरपूर इस फिल्म ने ऐसा करिश्मा किया जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी. मूवी आज भी रग-रग में रोमांच पैदा कर देती है. आज इसकी गिनती एक कल्ट मूवी में होती है. इस मूवी की एक खास फैन फॉलोइंग है. एक्शन थ्रिलर मूवी घातक में सनी देओल-अमरीश पुरी-मीनाक्षी शेषाद्रि लीड रोल थे. मेन विलेन डैनी डेन्जोंगपा थे. केके रैना और मुकेश ऋषि भी अहम भूमिकाओं में थे. इस फिल्म का सरप्राइजिंग एलिमेंट अमरीश पुरी थे. वो विलेन की बजाय पॉजिटिव रोल में थे.
‘घातक’ फिल्म की कहानी-स्क्रीनप्ले राजकुमार संतोषी ने लिखा था. डायलॉग राजकुमार संतोषी और श्याम गुप्ता ने लिखे थे. डायरेक्शन-प्रोडक्शन भी राजकुमार संतोषी का था. सनी देओल ने काशीनाथ का किरदार निभाया था जो कि एक पहलवान है और बनारस में पिता शंभुनाथ (अमरीश पुरी) के साथ रहता है. शंभुनाथ फ्रीडम फाइटर हैं. वो अपना इलाज कराने के लिए काशीनाथ के साथ मुंबई जाते हैं, जहां पर उनका बड़ा बेटा शिवनाथ रहता है लेकिन अस्पताल में उन्हें भर्ती करने से इनकार कर दिया जाता है. यहीं पर डॉक्टर काशी को बताते हैं कि उनके पिता को गले का कैंसर है. जब सनी देओल कैंसर के बारे में अमरीश पुरी को बताते हैं, तो पूरी यूनिट इस सीन के दौरान रोने लगी थी.
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सनी देओल ने ‘घातक’ के उस आइकॉनिक इमोशनल सीन के बारे में अपने एक इंटरव्यू में बताया था. उन्होंने कहा था, ‘फिल्म में अमरीश पुरी जी के साथ एक सीन है, जब मैं उन्हें जाकर खबर देता हूं कि डॉक्टर ने कहा है कि आपको कैंसर है. हम लोग जब वो सीन कर रहे थे तो मुझे बताया गया. मैंने कहा कि मुझे कुछ पता नहीं. मैंने अमरीश पुरी जी से भी कहा, डायरेक्टर राजकुमार संतोषी से भी कहा कि उनसे बता दीजिए कि मैं क्या करने वाला हूं. इमोशन की वजह से मुझे क्या फील होगा, पता नहीं. पिता (अमरीश पुरी) वहां पर नीचे बैठे हुए हैं, वो संतरा खा रहे हैं, उन्हें जाकर बोलना है कि पापा आपका कोई इलाज नहीं है. मैंने कैरेक्टर में खुद को ढाला और फिर वो सीन ऐसा बन गया कि हम सब लोग रोते ही रह गए.’
फिल्म में ऐसे कई मौके आए, जब अमरीश पुरी और सनी देओल एकदूसरे को गले लगाकर ऑनस्क्रीन और ऑफ स्क्रीन रोए. अमरीश पुरी तो एक सीन में अपने बड़े बेटे से कहते भी हैं, ‘अब मैं यहां नहीं रहूंगा. काशी चला जाऊंगा. मुझे चार आदमियों की जरूरत नहीं है. अकेला काशी ही काफी है मुझे कंधा देने के लिए.’ इस तरह अमरीश पुरी-सनी देओल के बीच पिता-पुत्र जैसा प्यार देखकर दर्शकों की आंखें नम हो गई थी.
फिल्म का एक-एक डायलॉग रोमांच पैदा करने वाला था. सनी देओल का डायलॉग ‘मुन्ना के लिए मैं कुछ भी कर सकता हूं, काशी का दिल निकालने के लिए दिल चाहिए.’ फिल्म का एक और डायलॉग ‘ये मजदूर का हाथ है कातिया, लोहा पिघलाकार आकार बदल देता है. ये ताकत खून पसीने से कमाई हुई रोटी की है. मुझे किसी के टुकड़ों पर पलने की जरूरत नहीं’ जब-जब पर्दे पर आता था, सिनेमाघरों में तालियों की गड़गड़ाहट शुरू हो जाती थी. ये डायलॉग सनी देओल की पहचान बन गए.
सबसे दिलचस्प तथ्य यह भी है कि घातक फिल्म मुंबई के रियल लाइफ गैंगस्टर अशरफ पटेल उर्फ ताट्या पटेल पर बेस्ड थी. ताट्या पटेल के खिलाफ मर्डर, हत्या का प्रयास, फिरौती के 30 से भी ज्यादा क्रिमिनल केस दर्ज हैं. ताट्या मीरा रोड-भयंदर क्षेत्र में अपना गैंग ऑपरेट करता था. 2015 से फरार ताट्या पटेल को 2024 में मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था. उसका बेटा हशीर भी 2015 में एक हत्या के प्रयास में गिरफ्तार हुआ था. पटेल के परिवार के खिलाफ 192 से ज्यादा केस लोकल स्टेशन में दर्ज हैं. अशरफ पटेल के परिवार के सदस्य आसिफ, अंजुम, बिलाल, कमील, गुलशन, आरिफ, तासे उर्फ अप्पा के खिलाफ थाणे पुलिस स्टेशन में केस दर्ज हैं.
फिल्म का बजट 6.25 करोड़ रुपये था. मूवी ने 26 करोड़ का वर्ल्ड वाइड कलेक्शन किया था. यह एक हिट फिल्म साबित हुई थी. 1996 में सबसे ज्यादा पैसा कमाने के मामले में यह फिल्म चौथे नंबर पर थी. बॉक्स ऑफिस पर यह मूवी जितनी सफल रही, पर्दे के पीछे उतनी ही कड़वाहट को जन्म देकर गई. राजकुमार संतोषी और सनी देओल के बीच अचानक दूरियां बढ़ गईं. आगे चलकर दोनों ने फिर कभी साथ में काम नहीं किया.