‘मंदिर और स्कूलों की जमीन से दूर रहेगा वक्फ बोर्ड’, 1.12 लाख एकड़ में से सिर्फ 24000 एकड़ लैंड ही बचा

Share to your loved once


होमताजा खबरदेश

मंदिरों-स्कूलों की जमीन से दूर रहेगा वक्फ बोर्ड, कर्नाटक में कांग्रेस सरकार…

Last Updated:

वक्फ मंत्री ने बताया कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार बनने के बाद अतिक्रमित वक्फ संपत्तियों की पहचान करने और उन्हें वापस लेने के लिए ‘वक्फ लोक अदालतों’ का गठन किया गया है. नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने सरकार को घेरते हुए कहा कि मुख्य समस्या अतिक्रमण की नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड कलबुर्गी सहित कई जगहों पर पहले से मौजूद सरकारी स्कूलों और मंदिरों की जमीन को जबरन वक्फ की संपत्ति बता रहा है.

ख़बरें फटाफट

मंदिरों-स्कूलों की जमीन से दूर रहेगा वक्फ बोर्ड, कर्नाटक में कांग्रेस सरकार...Zoom

वक्फ मंत्री जमीर ने बताया कि करीब 17,580 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण है. (आईएएनएस)

बेंगलुरु. कर्नाटक के वक्फ और आवास मंत्री बी. ज़ेड. ज़मीर अहमद खान ने सोमवार को विधानसभा में स्पष्ट किया कि वक्फ बोर्ड मंदिरों या स्कूलों से जुड़ी किसी भी संपत्ति में दखल नहीं देगा. उन्होंने यह बयान विधानसभा में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक एम वाई पाटिल के सवाल के जवाब में दिया. मंत्री जमी़र ने कहा, “मैंने साफ तौर पर कहा है कि मंदिरों की किसी भी संपत्ति को नहीं छेड़ा जाएगा. स्कूलों या शैक्षणिक संस्थानों की जमीन को भी नहीं छुआ जाएगा.”

उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान सिर्फ उन निजी लोगों पर है जिन्होंने वक्फ की जमीन पर अतिक्रमण किया हुआ है. उनके मुताबिक कई मामलों में वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करने वाले लोग मुस्लिम समुदाय से ही हैं. मंत्री जमी़र ने बताया कि पूरे कर्नाटक में वक्फ बोर्ड की संपत्तियां करीब 1.12 लाख एकड़ में फैली हुई हैं, लेकिन फिलहाल वक्फ बोर्ड के पास केवल 24,054 एकड़ जमीन ही उपलब्ध है. उन्होंने कहा कि करीब 17,580 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण है, जबकि 47,263 एकड़ जमीन इनाम उन्मूलन के तहत और 23,627 एकड़ भूमि सुधार कानून के तहत चली गई.

उन्होंने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार बनने के बाद अतिक्रमित वक्फ संपत्तियों की पहचान और उन्हें वापस लेने के लिए वक्फ लोक अदालतों का गठन किया गया है. इस पर नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने कहा कि उनका सवाल अतिक्रमण को लेकर नहीं था, बल्कि वक्फ बोर्ड द्वारा कुछ जगहों को वक्फ संपत्ति बताने को लेकर था. उन्होंने कहा कि कलबुर्गी क्षेत्र में कई जगहों पर ऐसी संपत्तियों को वक्फ की जमीन बताया जा रहा है, जिनमें सरकारी स्कूल और मंदिरों की जमीन भी शामिल हैं.

आर. अशोक ने कहा कि पहले मंदिर और वक्फ की जमीन किसानों को दी गई थी और वे पीढ़ियों से उस पर खेती कर रहे हैं. ऐसे में यदि किसान जमीन पर काबिज हैं, तो उन्हें वहीं रहने दिया जाना चाहिए, चाहे वे हिंदू हों या मुस्लिम. उन्होंने यह भी कहा कि वक्फ संपत्तियों पर अतिक्रमण की जांच होनी चाहिए और बेंगलुरु के मशहूर विंडसर मैनर होटल का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वह भी ऐसी ही जमीन पर बना है.

इस पर मंत्री जमी़र ने कहा कि यह मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है. इससे पहले कांग्रेस विधायक एम.वाई. पाटिल ने सदन में कहा था कि कलबुर्गी जिले के अफजलपुर इलाके के आसपास कई संपत्तियों के दस्तावेज वक्फ से जुड़े हुए हैं, लेकिन फिलहाल वे निजी लोगों के कब्जे में हैं, जिसके कारण सरकार को विकास परियोजनाओं के लिए निजी जमीन तलाशनी पड़ रही है.

About the Author

Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP