पुरानी पद्धति से अयोध्या के होटल संचालक तैयार कराएंगे पकवान, कोयले की भट्ठी बनेगी सहारा, गैस की कमी के बीच लिया फैसला
Last Updated:
अयोध्या में कमर्शियल गैस सिलेंडर न मिलने की वजह से अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को भी खाने-पीने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था. जिसके बाद अब अयोध्या व्यापार मंडल ने कोयला इलेक्ट्रॉनिक चूल्हा और भट्टी की तैयारी शुरू कर दी है अब अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को भट्ठी और कोयल पर बने पकवान परोसने की तैयारी चल रही है इतना ही नहीं जहां मठ मंदिरों में संचालित निशुल्क भोजन प्रसाद के सामने भी गैस सिलेंडर को लेकर दिक्कतों का सामना करना पड़ता था
अयोध्या: एक तरफ जहां अमेरिका इजरायल और ईरान के बीच युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है तो वहीं दूसरी ओर देश में गैस सिलेंडर और पेट्रोल पर इसका सीधा असर दिखाई दे रहा है. हालांकि केंद्र सरकार लोगों से यह अपील कर रही है कि अपवाहों पर ध्यान ना दें, गैस सिलेंडर देश में भारी मात्रा में उपलब्ध है. लेकिन अयोध्या की तो पिछले तीन दिनों से व्यापारियों के सामने गैस सिलेंडर को लेकर संकट के बादल छाए हुए हैं.
अयोध्या के व्यापारियों ने अगले 48 घंटे में कमर्शियल गैस ना मिलने की वजह से होटल और रेस्टोरेंट को बंद करने का अल्टीमेटम दिया था. लेकिन अब अयोध्या में व्यापार करने वाले लोग पुरानी पद्धति की तरफ तैयारी कर रहे हैं. यानी की होटल और रेस्टोरेंट चलाने वाले व्यापारी अब इलेक्ट्रॉनिक चूल्हे का इस्तेमाल करने जा रहे हैं.
श्रद्धालुओं को हो रही खाने पीने की दिक्कत
अयोध्या में कमर्शियल गैस सिलेंडर न मिलने की वजह से अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को भी खाने-पीने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था. जिसके बाद अब अयोध्या व्यापार मंडल ने कोयला इलेक्ट्रॉनिक चूल्हा और भट्टी की तैयारी शुरू कर दी है अब अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को भट्ठी और कोयल पर बने पकवान परोसने की तैयारी चल रही है इतना ही नहीं जहां मठ मंदिरों में संचालित निशुल्क भोजन प्रसाद के सामने भी गैस सिलेंडर को लेकर दिक्कतों का सामना करना पड़ता था तो वहीं अब गैस सिलेंडर की वजह से बंद पड़ी राम रसोई में भी कोयले की भट्टी और इलेक्ट्रॉनिक चूल्हे को लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है.
इलेक्ट्रिक चूल्हा, कोयला की भट्ठी बनी विकल्प
अयोध्या के राम रसोई के मैनेजर पंकज ने बताया कि गैस सिलेंडर न मिलने की वजह से अब हम लोग इलेक्ट्रिक चूल्हा तथा कोयले की भट्टी की व्यवस्था की जा रही है.यह व्यवस्था तेजी के साथ की जा रही है ताकि जो भी श्रद्धालु अयोध्या आते हैं. वह भोजन आसानी से कर सकें. जैसे पहले व्यवस्था चलती थी. वैसे व्यवस्था आगे चलती रहेगी. ऐसी तैयारी हम लोग कर रहे हैं और सरकार भी गैस सिलेंडर को लेकर लगातार प्रयास भी कर रही है. युद्ध की वजह से थोड़ी बहुत समस्या देखने को मिली है सरकार दूसरे देशों से बात करके समस्या का निदान भी कर रही है.
खाना बनाने की पुरानी पद्धति बनी होटल संचालकोंं का सहारा
About the Author
मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें
खबरें पढ़ने का बेहतरीन अनुभव
QR स्कैन करें, डाउनलोड करें News18 ऐप या वेबसाइट पर जारी रखने के लिए यहां क्लिक करें
