इमामबाड़ा घूमने गईं हिंदू बेटियां, शख्स ने कहा- पहले सिर ढककर आओ, नहीं तो निकलो, शेयर किया वीडियो
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित इमामबाड़ा घूमने आईं हिंदू लड़कियों को सिर ढक कर आने को कहा गया. अब इस घटना के सामने आने के बाद बवाल शुरू हो गया है. मान्या सिंह ने फेसबुक पर वीडियो शेयर कर घटनाक्रम की जानकारी दी है.

इमामबाड़ा घूमने गईं हिंदू लड़कियों को हिजाब पहनने के लिए टोका.
लखनऊः उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित इमामबाड़ा घूमने आईं हिंदू लड़कियों को सिर ढक कर आने को कहा गया. अब इस घटना के सामने आने के बाद बवाल शुरू हो गया है. मान्या सिंह ने फेसबुक पर वीडियो शेयर कर घटनाक्रम की जानकारी दी है. मान्या ने बताया कि जब वह इमामबाड़ा घूमने गई थी तो उसे सिर ढककर आने को कहा गया. मान्या सिंह ने कहा कि बिना हिजाब के इमामबाड़ा में आने पर आपत्ति जताई गई.
‘इन लोगों को बाहर निकालो’
मान्या सिंह ने कहा, “इन लोगों को बाहर निकालो, बगैर हिजाब यहां आना मना है. इमामबाड़ा में मौजूद शख्स ने कहा कि दुपट्टा लेकर आओ. क्या पहनें और क्या नहीं, यह अब लोग तय करेंगे? हिजाब/दुपट्टा पहनकर आओ या यहां से निकलो.” मान्या सिंह और उनकी दोस्त ने बात नहीं मानी और बिना हिजाब व दुपट्टा के इमामबाड़ा में मान्या अपनी दोस्तों के साथ घूमती रहीं.
विवाद पर क्या बोले वीएचपी नेता
वहीं वीएचपी नेता विनोद बंसल ने इस पूरे विवाद पर टिप्पणी करते हुए कहा कि लखनऊ घूमने आई कुछ हिंदू बेटियों को इमामबाड़ा परिसर के अंदर उनसे हिजाब पहनने के लिए कहना, घूर कर देखते हुए उनकी शर्ट का बटन बंद करने की नसीहत देना और ऐसा ना करने पर राष्ट्रीय पुरातत्व विभाग द्वारा संचालित परिसर से उन्हें बाहर निकालने तक की धमकी देना, कट्टरपंथी इस्लाम के नारी द्रोही तत्वों का गंभीर दुस्साहस है.
‘यह निंदनीय और आतंकी मानसिकता को बढ़ावा देने के समान’
इसके अलावा उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं, इमामबाड़ा परिसर के बाहर अमेरिका और इजरायल के विरोध में लिखे पोस्टरों पर पैर रखते हुए अंदर जाने के लिए जबरदस्ती करना भी बेहद निंदनीय तथा आतंकी मानसिकता को बढ़ावा देने के समान है. आज जबकि देश की नारियां फाइटर प्लेन उड़ा रही हैं, अंतरिक्ष की ऊंचाइयों में चलते उपग्रहों की यात्री बन दुनियाभर में भारत की कीर्ति बढ़ा रही हैं, ऐसे में देश के सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में उन्हें जबरन हिजाब और बुर्के जैसे काले बोर में कैद करके रखने वाली मानसिकता अभी भी जीवित है. वह भी हिंदू बेटियों को, यह बेहद निंदनीय, चिंताजनक व अस्वीकार्य है. मामले के तथ्यों की जांच कर उत्तर प्रदेश पुलिस को कठोर कार्यवाही करनी चाहिए. साथ ही राष्ट्रीय महिला आयोग को भी संज्ञान लेना चाहिए.
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प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें