5’2 फुट के हीरो का टूटा फौज में जाने का सपना, राम गोपाल वर्मा ने दिलाई पहचान, आज 85 करोड़ का मालिक है एक्टर
नई दिल्ली. आमतौर पर फिल्म इंडस्ट्री के बारे में यह धारणा प्रचलित है कि यहां सफलता पाने के लिए लंबा कद, आकर्षक व्यक्तित्व और पारंपरिक हीरो वाली छवि जरूरी होती है. लेकिन एक्टर राजपाल यादव ने अपने करियर और काबिलियत से साबित कर दिया है कि सली पहचान कद से नहीं, बल्कि प्रतिभा और मेहनत से बनती है. अपने अनोखे अभिनय और बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग के दम पर उन्होंने बॉलीवुड में एक अलग मुकाम हासिल किया है. आज राजपाल यादव के जन्मदिन पर उनसे जुड़े किस्से बताने जा रहे हैं.
हिंदी फिल्मों में कॉमेडी का पर्याय बन चुके राजपाल यादव का जन्म 15 मार्च को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के कुंडरा गांव में हुआ था. एक्टर का बचपन काफी मुश्किलों से गुजरा था. उनके परिवार को आर्थिक मुश्किलों का समना करना पड़ा था जिसके चलते उन्हें छोटी सी उम्र में घर की जिम्मेदारियां उठानी पड़ी थीं. हालांकि परिवार की आर्थिक हालत बहुत मजबूत न होने के बावजूद एक्टर ने पढ़ाई पूरी करने की पूरी कोशिश की थी.
राजपाल यादव अपनी पत्नी राधा के साथ.
छोटी कद-काठी की वजह से टूटा था रादपाल यादव का सपना
उनके परिवार का फिल्म इंडस्ट्री से कोई संबंध नहीं था और शुरुआती दिनों में उन्होंने भी कभी नहीं सोचा था कि वे बड़े होकर अभिनेता बनेंगे. वो इंडियन आर्मी में शामिल होकर देश की सेवा में अपना योगदान देना चाहते थे, लेकिन छोटे कद की वजह से उनका ये सपना अधूरा रह गया. धीरे-धीरे स्कूल में पढ़ाई के दौरान उनकी रुचि कला और अभिनय की ओर बढ़ने लगी. इसी रुचि ने उन्हें थिएटर की दुनिया की ओर खींच लिया.
एनएसडी से सीखी एक्टिंग
राजपाल यादव ने सबसे पहले आर्ट थिएटर से जुड़कर अभिनय की बुनियादी समझ हासिल की. धीरे-धीरे उन्हें महसूस हुआ कि अभिनय ही वो फील्ड है जिसमें वे अपना भविष्य बनाना चाहते हैं. अभिनय को गंभीरता से सीखने के लिए उन्होंने काफी ट्रेनिंग ली. ग्रेजुएशन के बाद वे लखनऊ पहुंचे और वहां भारतेंदु नाट्य एकाडेमी में अभिनय की पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने दिल्ली का रुख किया और प्रतिष्ठित नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से भी ट्रेनिंग ली. करीब पांच साल तक चली इस ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने अभिनय की हर बारीकी को समझा.
राजपाल यादव जल्द ही ‘भूत बंगला’ में नजर आने वाले हैं.
राम गोपाल वर्मा ने राजपाल यादव को दिलाई पहचान
मंच पर संवाद बोलने की कला से लेकर एक्सप्रेशन की गहराई तक, उन्होंने हर पहलू पर मेहनत की. हालांकि यह सफर आसान नहीं था. थिएटर में कई छोटे-मोटे रोल करने के बावजूद उन्हें तुरंत पहचान नहीं मिली. राजपाल यादव को पहली पहचान राम गोपाल वर्मा की ‘शूल’ से मिली. इस फिल्म में उनका रोल छोटा था लेकिन काफी दमदार था. इसमें अपने अभिनय से उन्होंने राम गोपाल वर्मा का ध्यान खींचा. निर्देशक ने उनकी काफी तारीफ की, लेकिन राजपाल यादव को खुद इस बात पर भरोसा नहीं हुआ कि इतनी छोटी भूमिका के लिए उन्हें सराहना मिल रही है.
यही वजह थी कि जब बाद में राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘जंगल’ बन रही थी, तब राजपाल यादव उनसे मिलने भी नहीं गए. उन्हें लगा कि इतनी बड़ी फिल्म में उनके लिए शायद कोई खास रोल नहीं होगा, लेकिन निर्देशक राम गोपाल वर्मा उनके अभिनय से इतने प्रभावित थे कि वे खुद उनसे मिलने पहुंच गए और फिल्म में ‘सिप्पा’ नाम के खतरनाक डाकू का किरदार उन्हें ऑफर किया.
‘जंगल’ राजपाल के करियर में बनी टर्निंग पॉइंट
उस वक्त फिल्म में सुनील शेट्टी, फरदीन खान और उर्मिला मातोंडकर जैसे बड़े सितारे मौजूद थे, लेकिन इसके बावजूद राजपाल यादव अपने अभिनय से अलग पहचान बनाने में कामयाब रहे. यह फिल्म उनके करियर का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई और इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. राजपाल यादव को अक्सर कॉमेडी के लिए जाना जाता है, लेकिन उनकी प्रतिभा सिर्फ कॉमेडी तक सीमित नहीं है.
राजपाल यादव
उन्होंने हर तरह के किरदारों में खुद को ढालने की क्षमता दिखाई है. फिल्म ‘भूल भुलैया’ में उनका ‘छोटा पंडित’ उर्फ नटवर का किरदार आज भी दर्शकों को खूब हंसाता है. वहीं फिल्म ‘मैं माधुरी दीक्षित बनना चाहती हूं’ में उन्होंने एक बिल्कुल अलग और गंभीर किरदार निभाया, जिसने उनके अभिनय की विविधता को सामने रखा.
करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं राजपाल
यही वजह है कि राजपाल यादव को सिर्फ एक कॉमेडियन के रूप में सीमित करना उनके अभिनय के साथ अन्याय होगा. वे ऐसे कलाकार हैं जो दर्शकों को हंसाने के साथ-साथ भावुक भी कर सकते हैं. अभी कुछ समय पहले ही एक्टर मुश्किलों में घिरे हुए थे. 9 करोड़ के चेक बाउंस केस में उन्हें जेल जाना पड़ा था. हालांकि इन दिनों अंतरिम जमानत पर बाहर आए एक्टर की नेट वर्थ करोड़ों में है. राजपाल यादव की कुल नेट वर्थ 50 करोड़ से 85 करोड़ रुपए के आसपास मानी जाती है.