34 साल पुरानी फिल्म, अधेड़ उम्र के सुपरस्टार पर मर मिटी थी हसीना, 1 हीरो के लिए साबित हुई मनहूस डूब गया करियर
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साल 1991 में अनिल कपूर और श्रीदेवी की एक ऐसी फिल्म ने सिनेमाघरों में दस्तक दी थी, जो उस समय तो फ्लॉप साबित हुई थी. लेकिन बाद में कल्ट साबित हुई. इस फिल्म में लीड हीरोइन के पति का रोल निभाने वाले एक्टर का तो करियर ही बर्बाद हो गया था.
नई दिल्ली. बॉलीवुड में कई ऐसी फिल्में बनी हैं जो रिलीज के समय भले ही बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं कर पाईं, लेकिन वक्त के साथ उन्हें क्लासिक का दर्जा मिल गया. अनिल कपूर की भी ऐसी ही एक फिल्म है लम्हें. ये फिल्म साल 1991 में रिलीज हुई थी. तकरीबन 34 साल पहले आई इस फिल्म की कहानी उस दौर में काफी अलग थी.
साल 1991 में आई इस फिल्म में अनिल कपूर के अपोजिट श्रीदेवी नजर आई थी. फिल्म में श्रीदेवी ने डबल रोल निभाया था. मां और बेटी दोनों के ही रोल में श्रीदेवी ही नजर आई थीं. फिल्म के गाने भी काफी हिट हुए थे.
यश चोपड़ा के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में अनिल कपूर और श्रीदेवी की जोड़ी को भी काफी पसंद किया गया था. श्रीदेवी ने तो मां और बेटी दोनों के रोल निभाकर लोगों को हैरान कर दिया था. आज भी इस फिल्म को उनके रोल के लिए याद किया जाता है.
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इस फिल्म की कहानी राजस्थान की खूबसूरत लोकेशन्स के बीच शूट की गई थी. अनिल कपूर ने वीरेन नाम के एक अमीर और सुलझा हुए आदमी का किरदार निभाया था. वहीं श्रीदेवी ने पल्लवी नाम की लड़की का रोल निभाया था, जिससे अनिल कपूर को प्यार हो जाता है.बाद में पल्लवी की बेटी पूजा भी अधेड़ उम्र के वीरेन से प्यार कर बैठती है. .
लेकिन पल्लवी यानी श्रीदेवी किसी और से शादी कर लेती है. फिल्म में श्रीदेवी के पति का रोल उस दौर के जाने माने मॉडल दीपक मल्होत्रा ने निभाया था. दीपक मल्होत्रा को अपने खराब एक्टिंग की वजह से खूब ताने सुनने पड़े थे. अनिल कपूर और श्रीदेवी की एक्टिंग के आगे उनकी एक्टिंग फीकी पड़ गई थी. (फोटो साभार: IMDb)
दीपक मल्होत्रा ने फिल्म में अपनी पत्नी पल्लवी के मरने के सीन में इतनी बुरी एक्टिंग की थी कि उन्हें लोगों के खूब ताने सुनने पड़े थे. फिल्म में उनका पल्लो-पल्लो पुकारने वाला सीन लोग आज भी भूल नहीं पाए हैं.
इस फिल्म के बाद दीपक ‘डर’, ‘जुनून’,’सूर्यवंशी’ और ‘बेखुदी’ जैसी फिल्मों में काम करने का चांस भी मिला. लेकिन ‘लम्हे’ के बाद उनके हाथ से सारी फिल्में चली गई. देखते ही देखते लम्हें से उनका करियर ठप हो गया. (फोटो साभार: YouTube@Videograb)
बता दें कि ये फिल्म उस दौर में बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई थी. लेकिन यश चोपड़ा का दिल टूट गया था कि लोगों ने इतनी अलग कहानी को भी पसंद नहीं किया. बाद में ये फिल्म कल्ट क्लासिक साबित हुई. आज भी फिल्म को कल्ट का दर्जा दिया जाता है.