भुवन से रैंचो तक, आमिर खान के 10 आइकॉनिक किरदार, बदल दिया सिनेमा का नजरिया
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बॉलीवुड एक्टर आमिर खान अपनी बेमिसाल टैलेंट के लिए जाने जाते हैं. ‘लगान’ के साहसी भुवन और ‘3 इडियट्स’ के जिज्ञासु रैंचो से लेकर ‘दंगल’ के सख्त पिता महावीर फोगाट तक, उन्होंने हर एक भूमिका में जान फूंकी है. उन्होंने ‘मंगल पांडे’ और ‘रंग दे बसंती’ में जहां देशभक्ति का जज्बा दिखाया, वहीं ‘पीके’ और ‘गजनी’ में चैलेंजिंग किरदार निभाए. ‘तारे जमीन पर’ के संवेदनशील शिक्षक और ‘सरफरोश’ के जांबाज पुलिस अफसर के रूप में उनका अभिनय आज भी दर्शकों को प्रेरित करता है.

आमिर खान ने कई यादगार किरदार निभाए हैं. (फोटो साभार: IANS)
नई दिल्ली: बॉलीवुड में आमिर खान को ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ यूं ही नहीं कहा जाता. वे अपने हर रोल में इस कदर डूब जाते हैं कि पर्दे पर आमिर नहीं, बल्कि सिर्फ उनका किरदार नजर आता है. पिछले तीन दशकों में उन्होंने छात्र से लेकर क्रांतिकारी तक, हर तरह की भूमिका को बखूबी निभाया है.
आमिर के करियर की सबसे शानदार फिल्मों में से एक ‘लगान’ है. इसमें उन्होंने ‘भुवन’ नाम के एक गांव के लड़के का किरदार निभाया. कहानी अंग्रेजों के खिलाफ क्रिकेट मैच जीतने और लगान माफ करवाने के संघर्ष की है. भुवन के रूप में आमिर ने दिखा दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो एक साधारण इंसान भी इतिहास बदल सकता है. कॉमेडी और दोस्ती की बात हो, तो ‘3 इडियट्स’ का ‘रैंचो’ सबसे पहले याद आता है. एक ऐसा इंजीनियरिंग छात्र, जो किताबी ज्ञान के बजाय सीखने और समझने पर जोर देता है. आमिर ने इस रोल के जरिए पूरी एजुकेशन सिस्टम पर एक प्यारा सा कटाक्ष किया, जिसे दुनिया भर के युवाओं ने पसंद किया.
‘मंगल पांडे’ का यादगार रोल निभाया
फिल्म ‘रंग दे बसंती’ में आमिर ने ‘डीजे’ (दलजीत) का किरदार निभाया, जो पहले तो सिर्फ मौज-मस्ती करता है, लेकिन एक दोस्त की मौत के बाद सिस्टम से भिड़ जाता है. यह फिल्म दिखाती है कि कैसे आज का युवा देश के लिए उठ खड़ा हो सकता है. इसमें आमिर का अभिनय बेहद असरदार रहा. आमिर ‘मंगल पांडे: द राइजिंग’ में यादगार रोल निभाया. उन्होंने 1857 के महान क्रांतिकारी का रोल निभाने के लिए लंबी मूंछें और खास लुक अपनाया. अपनी आंखों और बॉडी लैंग्वेज से उन्होंने उस दौर की आजादी की तड़प को पर्दे पर उतार दिया, जिसने दर्शकों को जोश से भर दिया.
कॉमेडी में भी माहिर
‘अंदाज अपना अपना’ का ‘अमर’ हमें आज भी हंसने पर मजबूर कर देता है. दो बेरोजगार दोस्तों की यह कहानी कॉमेडी की दुनिया में एक मील का पत्थर है. आमिर ने अमर के रूप में जो कॉमिक टाइमिंग दिखाई, उसने साबित कर दिया कि वे सिर्फ सीरियस फिल्में ही नहीं, बल्कि जबरदस्त कॉमेडी भी कर सकते हैं. एक्शन की दुनिया में ‘गजनी’ का ‘संजय सिंघानिया’ भला कौन भूल सकता है? शॉर्ट-टर्म मेमोरी लॉस से जूझते एक बिजनेसमैन का किरदार, जो अपनी प्रेमिका की मौत का बदला लेता है. इस रोल के लिए आमिर ने अपना शरीर पूरी तरह बदल लिया था और उनकी फिजीक देखकर हर कोई दंग रह गया था.
समाज को फिल्मों से दिखाया रास्ता
आमिर ने ‘पीके’ में एक एलियन का किरदार निभाकर सबको चौंका दिया. धरती पर आकर इंसानों की रस्मों और धर्म के नाम पर फैले पाखंड को मासूमियत से सवाल करने वाला यह किरदार बेहद चुनौतीपूर्ण था. आमिर ने बिना पलक झपकाए इस रोल को जिस तरह जिया, वह काबिल-ए-तारीफ है. ‘तारे जमीं पर’ में आमिर एक ऐसे टीचर (राम शंकर निकुंभ) बने, जो हर बच्चे की खासियत को समझता है. यह फिल्म एक डिस्लेक्सिक बच्चे और उसे सहारा देने वाले टीचर की भावुक कहानी है. एक संवेदनशील गुरु के रूप में आमिर ने हर मां-बाप और टीचर का दिल जीत लिया.
सपोर्टिंग रोल में भी दिखाया दम
फिल्म ‘दंगल’ में आमिर ने पहलवान ‘महावीर सिंह फोगाट’ का रोल किया. एक ऐसा पिता जो अपनी बेटियों को दुनिया का बेहतरीन पहलवान बनाने का सपना देखता है. इस उम्रदराज पिता के किरदार के लिए आमिर ने पहले अपना वजन बढ़ाया और फिर घटाया, जो उनके समर्पण की जीती-जागती मिसाल है. अंत में बात करते हैं ‘सरफरोश’ की, जिसमें वे ‘एसीपी अजय सिंह राठौड़’ बने. एक ईमानदार पुलिस अफसर, जो देश से आतंकवाद और हथियारों की तस्करी को खत्म करना चाहता है. सस्पेंस और देशभक्ति से भरी इस फिल्म में आमिर ने एक सख्त मगर सुलझे हुए अफसर की भूमिका बेहद शानदार तरीके से निभाई.
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अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें