ईरान से भारत की कैसी डील, क्यों तेहरान ने होर्मुज से जाने दिए भारतीय टैंकर, ब्रह्मा चेलानी ने बताई अंदर की बात
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Brahma Chellaney Analysis: ईरानी द्वीप खर्ग पर अमेरिकी हमले से चीन के हितों पर चोट हुई है. इस कारण इस जंग का भविष्य और भयावह होता दिख रहा है. इस बीच भारत और ईरान के बीच एक डील हुई है. इस डील के तहत भारत आ रहे दो तेल टैंकर शिवालिक और नंदा देवी को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करने की अनुमति मिली है. क्या है वो डील, बता रहे हैं सामरिक मामलों के जानकार ब्रह्मा चेलानी.

सामरिक मामलों के जानकार ब्रह्मा चेलानी ने भारत और ईरान के बीच डील की बात कही है.
Brahma Chellaney Analysis: पश्चिम एशिया की स्थिति भयानक बनी हुई है. ईरानी द्वीप खर्ग पर अमेरिकी के अब तक सबसे बड़े हमले ने जंग का रुख बदल दिया है. इस द्वीप पर हमले के कारण सीधे तौर पर चीन के हितों पर चोट हुआ है. इस बीच ईरान के साथ भारत के कूटनीतिक संबंधों में काफी सुधार हुआ है. दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर बातचीत हुई है. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारत के दो टैंकरों को जाने दिया है. ये दोनों टैंकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर भारत पहुंच गए हैं. लेकिन, सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान कब्जा करके बैठा है वहां से उसने भारतीय टैंकरों को जाने की अनुमति क्यों दी.
ईरान के साथ डील
इसके पीछे की कहानी सामरिक मामलों के जाने माने विशेषज्ञ ब्रह्मा चेलानी बताते हैं. उन्होंने एक्स और फेसबुक पर एक पोस्ट में लिखा है कि भारत और ईरान के बीच एक डील हुई है. इस डील के तहत ही दो तेल टैंकर शिवालिक और नंदा देवी भारत पहुंचे हैं. हालांकि इंडियन एक्सप्रेस की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अभी भी भारत के 22 टैंकर फंसे हुए हैं.
ब्रह्मा चेलानी का पोस्ट.
श्रीलंका ने नाविको को नहीं भेजा, क्यों?
हालांकि यह घटना भारतीय जल क्षेत्र से बाहर हुई थी. इस घटना में ईरान के 87 नाविक मारे गए. 61 अब भी लापता हैं और 32 को बचा लिया गया था. डेना श्रीलंका के पास अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में था. यह जहाज भारत में आयोजित एक नौसैनिक अभ्यास से लौट रहा था. इस जहाज के नाविकों के शव श्रीलंका के पास थे. उसने इसे ईरान को सौंप दिया है. लेकिन उसने इसके 208 अन्य क्रू मेंबर्स और 32 बचाए गए नाविकों यानी जीवित बचे लोगों को ईरान नहीं भेजा है. दूसरी तरफ भारत ने ईरानी आईआरआईएस लवान को मानवीय आधार पर शेलटर दिया और उसके क्रू को वापस ईरान भेज दिया गया है.
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न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें