Suryakumar Yadav: अपने घर में वर्ल्ड कप डिफेंड करना नहीं था आसान, सूर्यकुमार बोले – एक तरफ खुशी तो दूसरी ओर…
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Suryakumar Yadav cnbc tv18 india business leader awards 2026: सूर्यकुमार यादव ने CNBC TV18 इंडिया बिजनेस लीडर अवार्ड्स के मंच से कहा कि अपने घर पर टी20 वर्ल्ड कप खेलने की खुशी तो थी ही लेकिन टीम नर्वस भी थी. सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम ने अहमदाबाद में हुए टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड को 96 रन से शिकस्त देकर तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठाई. भारत तीन बार यह टूर्नामेंट जीतने वाली पहली टीम है.

सूर्यकुमार ने कहा कि घर पर टी20 वर्ल्ड कप खेलने को लेकर थोड़ी घबराहट भी थी.
नई दिल्ली. भारतीय टीम अपने घर पर टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम है. जैसे ही टीम इंडिया ने आठ मार्च को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए टूर्नामेंट के फाइनल में न्यूजीलैंड को हराया, उसने इतिहास रच दिया. कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बताया है कि घर पर टी20 वर्ल्ड कप खेलने की खुशी तो थी ही, लेकिन साथ में नर्वसनेस भी थी. सूर्यकुमार यादव ने CNBC TV18 इंडिया बिजनेस लीडर अवार्ड्स के मंच से यह बयान दिया. सूर्यकुमार यादव को स्पोर्ट्स लीडर ऑफ द ईयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया.
सूर्यकुमार यादव ने कहा कि घर में टूर्नामेंट खेलना टीम के लिए जितना खुशी की बात थी, उतना ही थोड़ा दबाव भी था, लेकिन उन्होंने कहा कि यही दबाव खेल को और मजेदार बना देता है. CNBC-TV18 के इंडिया बिजनेस लीडर अवॉर्ड 2026 में खास बातचीत के दौरान कहा, ‘जब हमें पता चला कि टूर्नामेंट भारत में होगा, तो हम बहुत खुश थे. लेकिन थोड़ी घबराहट भी थी. अगर दबाव नहीं होगा तो खेल में मज़ा भी नहीं आएगा. जैसे ही हमें पता चला कि मैच भारत में होंगे, पूरी टीम और ड्रेसिंग रूम में खुशी का माहौल था. दबाव था, लेकिन सभी खिलाड़ी भारत में खेलने को लेकर बहुत उत्साहित थे.’
सूर्यकुमार ने कहा कि घर पर टी20 वर्ल्ड कप खेलने को लेकर थोड़ी घबराहट भी थी.
अपनी कप्तानी को लेकर क्या कहा?
जब उनसे कप्तानी के मंत्र के बारे में पूछा गया, तो सूर्यकुमार ने कहा, ‘ड्रेसिंग रूम में हर खिलाड़ी को अपनी बात कहने की आजादी होना बहुत जरूरी है.’ उन्होंने यह भी कहा, ‘मैदान की बातों को मैदान तक ही रखना चाहिए और उन्हें घर या निजी जीवन में नहीं ले जाना चाहिए.’ उन्होंने कहा, ‘मेरे हिसाब से मैदान पर जो भी होता है, वह वहीं खत्म हो जाना चाहिए. जब आप मैदान से बाहर आते हैं, तो आप बस एक सामान्य इंसान होते हैं. चाहे आप अच्छा खेलें या नहीं, उसे घर, दोस्तों या परिवार तक नहीं ले जाना चाहिए. छोटी-छोटी चीजें ही सबसे ज्यादा मायने रखती हैं. ड्रेसिंग रूम में सबकी बात सुनना बहुत जरूरी है और हर किसी को अपनी बात रखने की आजादी होनी चाहिए. आखिर में हमारा लक्ष्य एक ही होता है.’
ड्रेसिंग रूम के माहौल पर क्या बोले?
उन्होंने आगे कहा, ‘कभी-कभी सबकी अलग-अलग राय सुनना थोड़ा मुश्किल भी होता है, लेकिन यह अच्छी बात भी है. सबके अलग-अलग विचार और योजनाएं होती हैं, लेकिन हमें आखिर में एक ही दिशा में आगे बढ़ना होता है, क्योंकि लक्ष्य एक ही है. ड्रेसिंग रूम में काफी मजाक, बातचीत और अच्छे फैसले होते हैं. कभी-कभी कुछ खिलाड़ी खुश नहीं भी होते, लेकिन फिर भी हमारा ड्रेसिंग रूम बहुत खुश रहता है.’ अंत में सूर्यकुमार यादव ने कहा कि उनका अगला बड़ा लक्ष्य भारत को 2028 ओलंपिक में गोल्ड मेडल जिताना है.
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नवंबर 2025 से नेटवर्क 18 ग्रुप में सब एडिटर के पद पर कार्यरत. पत्रकारिता में 3 साल का अनुभव. जी न्यूज से खेल पत्रकारिता में डेब्यू किया. क्रिकेट के साथ-साथ हॉकी और बैडमिंटन के बारे में भी लिखने में दिलचस्पी. मा…और पढ़ें