‘खामेनेई को भारत से बहुत प्यार था’, जंग के बीच ईरान ने दिखाई दोस्‍ती, अमेरि‍का को मैसेज-घुटने नहीं टेकेंगे

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‘खामेनेई को भारत से बहुत प्यार था’, जंग के बीच ईरान ने दिखाई दोस्‍ती

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ईरान के नेता अयातुल्ला खामेनेई के निधन पर भारत में ईरान के प्रतिनिधि ने उनके भारत प्रेम को याद किया और ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए कहा कि ईरान युद्ध के लिए तैयार है.

'खामेनेई को भारत से बहुत प्यार था', जंग के बीच ईरान ने दिखाई दोस्‍तीZoom

भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रत‍िन‍िध‍ि अब्दुल मजीद हकीम इलाही.

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद भारत में ईरान के प्रतिनिधि ने बड़ा और अहम बयान दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि खामेनेई भारत से बहुत प्यार करते थे और दोनों देशों के बीच हमेशा मजबूत और गहरे रिश्ते चाहते थे. इसके साथ ही ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि तेहरान अब बातचीत के लिए बेताब है. ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपने दुश्मनों के आगे घुटने नहीं टेकेगा और जरूरत पड़ी तो अगले पांच साल तक युद्ध लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है.

भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने एक इंटरव्‍यू में भारत और ईरान के बीच पांच हजार साल पुराने कल्‍चरल और ऐतिहासिक संबंधों को याद किया. उन्होंने बताया कि अयातुल्ला उज़मा सैय्यद अली खामेनेई ने अपने जीवन की पहली किताब भारत पर ही लिखी थी, जो दो खंडों में प्रकाशित हुई थी. यह भारत के प्रति उनके गहरे प्रेम और सम्मान को दर्शाता है. इलाही ने यह भी साझा किया कि जब भी वह भारत से वापस ईरान जाते थे, तो सर्वोच्च नेता और उनके बेटे हमेशा भारत के साथ अच्छे सहयोग पर जोर देते थे. वे भारतीयों की ईमानदारी, वफादारी, दयालुता और बुद्धिमत्ता की जमकर तारीफ करते थे. प्रतिनिधि ने स्पष्ट किया कि ईरान भारत के साथ अपने ऐतिहासिक और मैत्रीपूर्ण रिश्तों में कभी भी कोई टकराव या समस्या नहीं चाहता है और यह दोस्ती आगे भी जारी रहेगी.

शुरुआत उन्होंने ही की है…

अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे मौजूदा खूनी संघर्ष पर कड़ा रुख अपनाते हुए, इलाही ने वाशिंगटन के दावों को झूठा करार दिया. उन्होंने दो टूक कहा कि ईरान इस समय अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत नहीं करना चाहता क्योंकि इस युद्ध की शुरुआत उन्होंने ही की है. उन्होंने अतीत का हवाला देते हुए कहा कि जब भी ईरान ने बातचीत की मेज पर आने की कोशिश की, उसे धोखा मिला और उस पर जानबूझकर हमले किए गए.

हमें थकाऊ युद्ध लड़ने का पूरा अनुभव

इलाही ने 1980 के दशक के आठ साल लंबे ‘ईरान-इराक युद्ध’ का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके देश को लंबे और थकाऊ युद्ध लड़ने का पूरा अनुभव है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें इस युद्ध की कोई समयसीमा नहीं पता, लेकिन ईरान इसे अंत तक, यहां तक कि पांच साल तक जारी रखने के लिए तैयार है. सड़कों पर उतरकर बदला लेने की मांग कर रही ईरानी जनता के आक्रोश का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज पूरा ईरान एक साथ खड़ा है; वे अपना खून देने को तैयार हैं, लेकिन अपनी जमीन का एक इंच भी नहीं देंगे.

जंग टालने की कई बार कोश‍िश हुई

ईरानी प्रतिनिधि का दावा है कि तेहरान ने इस युद्ध को टालने की कई बार कोशिश की थी. उन्होंने पड़ोसी देशों से भी मध्य पूर्व को युद्ध की आग से बचाने की अपील की थी, क्योंकि यह क्षेत्र अब और अस्थिरता बर्दाश्त करने की स्थिति में नहीं है. इस बीच, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी इस बढ़ते संकट पर बेहद गहरी चिंता व्यक्त की है. गुटेरेस ने चेतावनी दी है कि यह स्थिति वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन चुकी है. उन्होंने नागरिकों की पीड़ा का जिक्र करते हुए सभी पक्षों से तुरंत युद्ध रोकने और कूटनीतिक बातचीत की ओर लौटने की सख्त अपील की है.

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Gyanendra Mishra

Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें

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