मिर्च की खेती करने वाले किसान हो जाएं सावधान, यह छोटा कीट कर सकता है पूरी फसल बर्बाद..जानिए बचाव के आसान उपाय
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शिवशंकर वर्मा के मुताबिक इस कीट से बचाव के लिए एडमायर इमिडाक्लोप्रिड 70% डब्ल्यूजी का पौधे पर छिड़काव करें. संक्रमण ज्यादा होने पर प्रभावित पौधों को खेत से निकलकर जमीन में दबा दें. स्पिनोसैड 45% एससी 75 मिली दवा को भी 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ की दर से छिड़काव कर सकते हैं.
रायबरेली: रसोई में मिलने वाली हरी मिर्च स्वाद में जितनी तीखी होती है. इसे तैयार करने में उतनी करनी पड़ती है, क्योंकि हरी मिर्च की फसल अन्य फसलों की तुलना में अधिक समय में तैयार होने के साथ उसमें कीट और रोग लगने का खतरा भी ज्यादा रहता है. कई कीट ऐसे भी होते हैं जो पूरी फसल को बर्बाद कर देते हैं. इनसे बचने के लिए किसान कई तरह के रासायनिक कीटनाशकों का इस्तेमाल करते हैं, परंतु फिर भी पूरी तरह से इनसे छुटकारा नहीं मिलता है.
दरअसल, रायबरेली जिले के राजकीय कृषि केंद्र शिवगढ़ के प्रभारी अधिकारी शिव शंकर वर्मा ( बीएससी एग्रीकल्चर डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद) लोकल 18 से बात करते हुए बताते हैं कि मिर्च की खेती करने वाले किसानों के लिए सबसे बड़ी चुनौती अपनी फसल को कीट से बचाने की होती है. मिर्च में कीट लगने का खतरा ज्यादा बना रहता है. सबसे ज्यादा खतरा थ्रिप्स कीट का रहता है. यह एक ऐसा कीट है, जो फसल की नर्सरी से लेकर फसल कटाई (मिर्च की तुड़ाई) तक पौधे को नुकसान पहुंचाता रहता है.
ऐसे करें पहचान
यह कीट को दिखने में काले, पीले, नारंगी या सफेद पीले रंग के होते हैं. इनके पंख झिल्लीदार होते हैं. यह कीट आकार में हल्के लंबे और पतले होने के साथ छोटी उड़ान वाले होते हैं. यह लंबी दूरी का प्रवास हवा के माध्यम से पूरा करते हैं. इनकी लंबाई औसतन 1 से 2 एमएम होती है. वयस्क नर कीट से वयस्क मादा कीट आकार में बड़े होते हैं. ये कीट लगने पर पौधे की पत्तियां नाव के आकार की होकर ऊपर की ओर मुड़ जाती हैं. फूलों और फलों पर भी इसका असर तेजी से दिखाई देता है.
मौसम में परिवर्तन से बढ़ता है खतरा
शिवशंकर वर्मा के मुताबिक इस कीट से बचाव के लिए एडमायर इमिडाक्लोप्रिड 70% डब्ल्यूजी का पौधे पर छिड़काव करें. संक्रमण ज्यादा होने पर प्रभावित पौधों को खेत से निकलकर जमीन में दबा दें. स्पिनोसैड 45% एससी 75 मिली दवा को भी 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ की दर से छिड़काव कर सकते हैं.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें