cameron cuffy: न कोई रन बनाया, न विकेट लिया और न ही कैच, फिर भी इस खिलाड़ी को मिला प्लेयर ऑफ द मैच

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न रन बनाया, न विकेट लिया और न ही कैच, फिर भी इस खिलाड़ी को मिला प्लेयर ऑफ द मैच

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cameron cuffy man of the match: 2001 में जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए एक वनडे मैच में कैमरन कफी प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था. वेस्टइंडीज के इस क्रिकेटर ने मैच में न तो कोई रन बनाया था, न ही कोई विकेट चटकाया और न ही कोई कैच लपका, बावजूद इसके उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया. इसके पीछे की कहानी बड़ी दिलचस्प है. चलिए हम आपको बताते हैं.

न रन बनाया, न विकेट लिया और न ही कैच, फिर भी इस खिलाड़ी को मिला प्लेयर ऑफ द मैचZoom

कैमरन कफी को उनकी किफायती गेंदबाजी के लिए 2001 में चुना गया था मैन ऑफ द मैच.

नई दिल्ली. प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड किसी भी क्रिकेटर के लिए एक मैच का सबसे बड़ा अवॉर्ड होता है. इसी वजह से प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड किसी भी क्रिकेटर के लिए खास हो जाता है. यह अवॉर्ड आमतौर उन्हें दिया जाता है, जो फील्ड पर बहुत अच्छा परफॉर्म करते हैं, चाहे वह बैट से हो या बॉल से. कभी-कभी फील्डिंग में भी जादुई परफॉर्मेंस किसी प्लेयर को मैच का हीरो बना देती है, लेकिन एक प्लेयर ऐसा भी है जिसके बल्ले से न तो कोई रन निकला, न ही उसने गेंदबाजी करते हुए कोई विकेट चटकाया और तो और फील्डिंग में भी कुछ खास नहीं किया, बावजूद इसके प्लेयर ऑफ द मैच बना गया. चलिए जानते हैं इस क्रिकेटर के बारे में और उसके प्लेयर ऑफ द मैच बनने की दिलचस्प कहानी भी.

यहां हम उस प्लेयर की बात कर रहे हैं जिसकी चर्चा आज भी क्रिकेट की दुनिया में होती है. इस खिलाड़ी का नाम कैमरन कफी है. वेस्टइंडीज के इस पूर्व तेज गेंदबाज ने 2001 में प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीता था. कफी जिम्बाब्वे के खिलाफ 2001 के एक वनडे मैच में प्लेयर ऑफ द मैच बने थे. दरअसल, कफी को यह अवॉर्ड उनकी बॉलिंग परफॉर्मेंस की वजह से मिला था.

कैमरन कफी को उनकी किफायती गेंदबाजी के लिए 2001 में चुना गया था मैन ऑफ द मैच.

हुआ यूं कि कैमरन कफी ने मुकाबले में सबसे किफायती गेंदबाजी की, जिसका इनाम उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच के रूप में मिला. भले ही वह विकेट नहीं चटका सके, लेकिन उनके आगे बल्लेबाजों के लिए रन बनाना बेहद मुश्किल साबित हुआ. उन्होंने 10 ओवर फेंके और सिर्फ 20 रन दिए, जिसमें दो मेडन ओवर शामिल थे. उनकी इस गेंदबाजी ने मैच का नतीजा तय करने में अहम भूमिका निभाई.

ऐसा रहा मैच का हाल
हरारे में खेले गए मैच में पहले बैटिंग करने वाली वेस्टइंडीज ने 50 ओवर में 5 विकेट खोकर 266 रन बनाए. जवाब में, वेस्टइंडीज ने जिम्बाब्वे को नौ विकेट पर 239 रन पर रोक दिया और 27 रन से जीत हासिल की. ​जिम्बाब्वे ने जीत के लिए बहुत मेहनत की, लेकिन वेस्टइंडीज ने भी हार नहीं मानी. वह कफी ही थे, जिन्होंने विकेट न मिलने के बावजूद रन देने में कंजूसी दिखाई और वेस्टइंडीज को जीत दिलाई.

कफी का इंटरनेशनल करियर
कफी के इंटरनेशनल करियर की बात करें तो, वह दाएं हाथ के मीडियम फास्ट बॉलर थे. कफी 1995 से 2002 तक वेस्टइंडीज टीम का हिस्सा थे. इस दौरान उन्होंने नेशनल टीम के लिए कुछ शानदार परफॉर्मेंस भी दी हैं. अच्छी स्विंग के साथ बॉल को मूव करने की उनकी काबिलियत ने कफी को खतरनाक बना दिया. वह नई बॉल से अच्छे विकेट लेने वाले बॉलर थे. कफी ने वेस्टइंडीज के लिए 15 टेस्ट मैचों में 45 विकेट लिए हैं. उनका बेस्ट परफॉर्मेंस 102 रन देकर पांच विकेट लेना था. कफी बल्लेबाजी भी कर लेते थे, जो नीचे आकर अच्छा कंट्रीब्यूशन दे सकते थे. उन्होंने टेस्ट मैचों में 400 से ज्यादा रन बनाए. ODI की बात करें तो, कफी ने 41 मैचों में 41 विकेट लिए.

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Shivam Upadhyay

नवंबर 2025 से नेटवर्क 18 ग्रुप में सब एडिटर के पद पर कार्यरत. पत्रकारिता में 3 साल का अनुभव. जी न्यूज से खेल पत्रकारिता में डेब्यू किया. क्रिकेट के साथ-साथ हॉकी और बैडमिंटन के बारे में भी लिखने में दिलचस्पी. मा…और पढ़ें

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