असली-नकली का खेल; लाल किले से गायब नेताजी सुभाष की टोपी वापस तो आई, पर परिवार बोला- ये ओरिजिनल नहीं!

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लाल किले से गायब नेताजी सुभाष की टोपी वापस तो आई, पर परिवार बोला- ओरिजिनल नहीं

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लाल किले के संग्रहालय से गायब हुई नेताजी सुभाष चंद्र बोस की टोपी वापस रख दी गई है, लेकिन विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है. नेताजी के परपोते चंद्र कुमार बोस ने टोपी के ‘असली’ होने पर संदेह जताया है और इसकी जांच की मांग की है. वहीं ASI का कहना है कि ताला खराब होने के कारण टोपी को हटाकर सुरक्षित रखा गया था. यह विवाद 10 मार्च को तब शुरू हुआ जब दर्शकों को गैलरी खाली मिली थी.

लाल किले से गायब नेताजी सुभाष की टोपी वापस तो आई, पर परिवार बोला- ओरिजिनल नहींZoom

नेता जी की टोपी का लाल किले के म्यूजियम से खोने और मिलने के पीछे का राज क्या है?

नई दिल्ली. नेताजी सुभाष चंद्र बोस की टोपी को लेकर पिछले कुछ दिनों से मचा घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है. गायब होने और मिलने का हाई-वोल्टेज ड्रामा पीएमओ तक पहुंच गया है. जहां एक तरफ प्रशासन ने टोपी के वापस मिलने का दावा किया है, वहीं शुक्रवार को नेताजी के परिवार ने इसकी असली होने पर ही गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. नेताजी के परपोते चंद्र कुमार बोस ने इसकी वैज्ञानिक और ऐतिहासिक जांच की मांग की है

चंद्र कुमार बोस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा करते हुए सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि पीएम के हस्तक्षेप के बाद टोपी को दोबारा नेताजी एंड आईएनए म्यूजियम (लाल किला) में रख दिया गया है. हालांकि, उन्होंने टोपी को लेकर संदेह जताया. बोस का कहना है, ‘जिन्होंने इस टोपी को पहले करीब से देखा है और जो नेताजी पर शोध कर रहे हैं, उनका मानना है कि यह वह मूल टोपी नहीं है जो परिवार ने प्रधानमंत्री को सौंपी थी.’ उन्होंने मांग की है कि इसे प्रमाणित (Verify) किया जाए ताकि देश को पता चले कि यह वास्तव में नेताजी की ही टोपी है या कोई डुप्लिकेट.

ताला खराब था, टोपी नहीं

इस पूरे विवाद पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने अपनी सफाई पेश की है. ASI के अनुसार, टोपी कहीं गायब नहीं हुई थी. इसे पराक्रम दिवस समारोह के लिए 19 से 25 जनवरी 2026 तक श्री विजयपुरम (अंडमान) में प्रदर्शनी के लिए ले जाया गया था. वापसी के बाद जिस डिस्प्ले केस में इसे रखा जाना था, उसका ताला खराब हो गया था. सुरक्षा के लिहाज से इसे सुरक्षित स्थान पर रखा गया था. ताला ठीक होते ही टोपी वापस रख दी गई है.

टोपी चोरी का शोर

यह मामला 10 मार्च 2026 को तब सुर्खियों में आया जब वकील नवीन बामल संग्रहालय पहुंचे. उन्हें वह गैलरी खाली मिली जहां नेताजी की टोपी रखी जाती थी. जब उन्होंने अधिकारियों से पूछा, तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला. इसके बाद चंद्र कुमार बोस ने गुरुवार शाम को सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया कि संग्रहालय से ऐतिहासिक धरोहर गायब है. यह पहली बार नहीं है जब लाल किले से सामान गायब होने की खबरें आई हों, लेकिन नेताजी की भावनाओं से जुड़ी इस टोपी के गायब होने की खबर ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया था.

About the Author

Deep Raj Deepak

दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें

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