Kavya Maran Education Qualification Latest News: काव्या मारन कितनी पढ़ी-लिखी हैं? दुनिया के टॉप बिजनेस स्कूल से ली एमबीए की डिग्री
नई दिल्ली (Kavya Maran Educational Qualification). क्रिकेट के मैदान पर सनराइजर्स हैदराबाद की हर जीत-हार पर काव्या मारन के चेहरे के हाव-भाव वायरल हो जाते हैं. कैमरे के पीछे काव्या मारन बेहद पढ़ी-लिखी और मंझी हुई बिजनेस लीडर हैं. काव्या मारन की इस स्ट्रैटेजिक सोच और बिजनेस सूझबूझ के पीछे वारविक बिजनेस स्कूल की वर्ल्ड-क्लास ट्रेनिंग है. चेन्नई के स्टेला मारिस कॉलेज से बीकॉम करने के बाद काव्या ने यूके का रुख किया और वहां से एमबीए की डिग्री हासिल की.
कौन हैं काव्या मारन?
काव्या मारन भारत के दिग्गज मीडिया घराने ‘सन ग्रुप’ (Sun Group) के संस्थापक कलानिधि मारन की इकलौती बेटी हैं. चेन्नई में 3 नवंबर 1991 को जन्मी काव्या का परिवार व्यापार और राजनीति, दोनों में ही बेहद शक्तिशाली माना जाता है. उनकी मां कावेरी मारन सन टीवी नेटवर्क की सीईओ हैं और देश की सबसे अधिक वेतन पाने वाली महिला अधिकारियों में से एक हैं. इसके अलावा, काव्या तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि की परपोती और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरासोली मारन की पोती हैं.
काव्या मारन कितनी पढ़ी-लिखी हैं?
चेन्नई के बाद काव्या मारन की पढ़ाई-लिखाई विदेश के टॉप संस्थान से हुई. स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने चेन्नई के स्टेला मारिस कॉलेज से बीकॉम की डिग्री हासिल की. फिर उच्च शिक्षा के लिए वह विदेश चली गईं और यूनाइटेड किंगडम में स्थित वारविक बिजनेस स्कूल से एमबीए की डिग्री हासिल की. यह मजबूत शैक्षणिक आधार ही उन्हें सन ग्रुप के मीडिया और स्पोर्ट्स वर्टिकल को संभालने में मदद करता है.
काव्या मारन चर्चा में क्यों हैं?
हाल ही में हुई ‘द हंड्रेड’ लीग की नीलामी में काव्या की टीम सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तानी गेंदबाज अबरार अहमद को ₹2.34 करोड़ (190,000 पाउंड) में खरीदा. भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे राजनीतिक तनाव के कारण लंबे समय से पाकिस्तानी खिलाड़ी आईपीएल से बाहर हैं. ऐसे में उन्हें विदेशी फ्रेंचाइजी के लिए चुनना कई प्रशंसकों को रास नहीं आया.
काव्या मारन की नेट वर्थ कितनी है?
काव्या मारन वर्तमान में सन टीवी नेटवर्क की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं और ग्रुप के स्पोर्ट्स वर्टिकल (SRH, सनराइजर्स ईस्टर्न केप, सनराइजर्स लीड्स) की पूरी जिम्मेदारी संभालती हैं. वह भारत की सबसे कम उम्र की महिला अचीवर्स में गिनी जाती हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, काव्या मारन की निजी नेट वर्थ ₹400 करोड़ से अधिक है, जबकि उनके परिवार का कुल साम्राज्य ₹19,000 करोड़ से भी ज्यादा का है.
वारविक बिजनेस स्कूल: काव्या का ट्रेनिंग ग्राउंड
काव्या मारन को असली ग्लोबल एक्सपोजर यूके के वारविक बिजनेस स्कूल से मिला. यहां उन्होंने इंटरनेशनल बिजनेस, लीडरशिप और स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट जैसे विषयों में महारत हासिल की. वारविक से एमबीए करने का मतलब है कि काव्या के पास बाजार की अनिश्चितताओं को समझने और संकट के समय टीम को लीड करने की खास ट्रेनिंग है, जो सनराइजर्स की कप्तानी और ऑक्शन स्ट्रैटेजी में साफ झलकती है.
ब्यूटी विद ब्रेन्स: डिग्री ने बना दिया खास
काव्या मारन को ज्यादातर लोग सिर्फ सन ग्रुप की वारिस मानते हैं, लेकिन उनकी असली ताकत उनकी पढ़ाई-लिखाई है. यूके से मैनेजमेंट की डिग्री लेने की वजह से उनकी सोच काफी मॉडर्न है. उन्होंने सीखा कि कैसे पुराने बिजनेस करने के तरीकों में नई टेक्नोलॉजी और डेटा का सही इस्तेमाल किया जाता है. यही वजह है कि आईपीएल हो या साउथ अफ्रीका की SA20 लीग, खिलाड़ियों को चुनने और टीम चलाने में काव्या का तरीका बहुत ही प्रोफेशनल और सुलझा हुआ नजर आता है.