PM Narendra Modi Talks with Iran President Masoud Pezeshkian | Iran Israel War: पीएम मोदी और ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियन के बीच क्या-क्या बात हुई?
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PM Modi Iran President talks: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियान के साथ क्षेत्र की बढ़ती गंभीर स्थिति पर चर्चा की. प्रधानमंत्री ने संवाद और कूटनीति के माध्यम से समाधान की आवश्यकता पर भी जोर दिया. बता दें कि ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच 28 फरवरी को युद्ध शुरू हुआ. तब से यह जंग जारी है. अब तक ईरान जंग में हजारों लोग मारे गए हैं. होर्मुज के बंद होने से दुनिया भर में तेल संकट गहराता जा रहा है.

PM मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से की बात (फाइल फोटो-पीटीआई)
पश्चिम एशिया में तनाव जारी है. ईरान और इजरायल-अमेरिका अब भी जंग लड़ रहे हैं. ईरान जंग की वजह से पूरी दुनिया में खलबली है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से तेल संकट भी है. ऐसे में पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के मकसद से पीएम मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से बातचीत की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान से बातचीत में ईरान और इस क्षेत्र की स्थिति पर अपना नजरिया साझा किया. फोन पर बातचीत के दौरान पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान ने मिडिल ईस्ट यानी पश्चिम एशिया की गंभीर स्थिति पर चर्चा की और शांति स्थापित करने के उपायों पर चर्चा की. पीएम मोदी ने साफ कहा कि भारत शांति का पक्षधर है और भारतीयों की सुरक्षा प्राथमिकता.
पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति के बीच क्या-क्या बात हुई?
- पीएम मोदी ने बातचीत और कूटनीति के जरिए सभी मुद्दों को सुलझाने पर भारत के हमेशा से रहे रुख को दोहराया.
- पीएम मोदी ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और भलाई, साथ ही ऊर्जा और सामान के बिना किसी रुकावट के आवागमन को लेकर भारत की प्राथमिकता पर ज़ोर दिया.
- ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान ने प्रधानमंत्री मोदी को ईरान की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी और इस क्षेत्र में हाल के घटनाक्रमों पर अपना नज़रिया साझा किया.
- प्रधानमंत्री ने इस क्षेत्र में बदलती सुरक्षा स्थिति पर गहरी चिंता ज़ाहिर की और भारत के हमेशा से रहे इस रुख को दोहराया कि सभी मुद्दों को बातचीत और कूटनीति के ज़रिए ही सुलझाया जाना चाहिए.
- प्रधानमंत्री मोदी ने इस क्षेत्र में जिसमें ईरान भी शामिल है, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और भलाई को लेकर भारत की प्राथमिकता पर ज़ोर दिया; साथ ही ऊर्जा और सामान के बिना किसी रुकावट के आवागमन के महत्व को भी रेखांकित किया.
- पीएम मोदी ने बेहद सख्त और स्पष्ट लहजे में आम नागरिकों की मौत और नागरिक बुनियादी ढांचे को पहुंच रहे नुकसान पर कड़ा विरोध दर्ज कराया. प्रधानमंत्री ने साफ किया कि किसी भी युद्ध में बेगुनाह लोगों और सार्वजनिक संपत्ति को निशाना बनाना अस्वीकार्य है.
- दोनों नेता एक-दूसरे के संपर्क में बने रहने पर सहमत हुए.
पीएम मोदी ने एक्स पर क्या लिखा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ‘ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियान से इलाके के गंभीर हालात पर बात की. बढ़ते तनाव और आम लोगों की जान जाने के साथ-साथ सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर को हुए नुकसान पर गहरी चिंता जताई. भारतीय नागरिकों की सेफ्टी और सिक्योरिटी, साथ ही सामान और एनर्जी के बिना रुकावट आने-जाने की जरूरत, भारत की टॉप प्रायोरिटी बनी हुई है.’
PM मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से की बात (फाइल फोटो-पीटीआई)
पीएम मोदी-राष्ट्रपति पेजेशकियeन की बातचीत पर ईरान का बयान
- ईरान-अमेरिका तनाव पर मोदी-पेजेशकियन की बातचीत पर ईरान ने कहा कि भारत ने संतुलित भूमिका निभाई है और भारत ने कहा कि ईरान दोस्त है.
- ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने फोन पर हुई बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताया कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर संतुलित और रचनात्मक भूमिका निभाई है और तनाव कम करने की कोशिश की है.
- उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत के रास्ते पर था और कूटनीति से मुद्दों को हल करना चाहता था. लेकिन इसी बीच अमेरिका और इजराइल ने हमला कर दिया, जो अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय सिद्धांतों के खिलाफ है. इस हमले में इस्लामी क्रांति के नेता, कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और मिनाब के एक स्कूल के 168 मासूम छात्र मारे गए.
- उन्होंने कहा कि मारे गए नेता सिर्फ राजनीतिक नेता ही नहीं बल्कि दुनिया भर के मुसलमानों के आध्यात्मिक नेता भी थे, इसलिए उनके खून का न्याय मांगना पूरी इस्लामी उम्मा का अधिकार है.
- पेजेशकियान ने कहा कि ईरान ने युद्ध शुरू नहीं किया और वह इसे आगे बढ़ाना भी नहीं चाहता। लेकिन आत्मरक्षा के अपने अधिकार के तहत ईरान ने उन देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया, जहां से हमले हुए थे.
- उन्होंने इजराइल द्वारा निर्दोष लोगों की हत्या की कड़ी निंदा करते हुए इसे राज्य प्रायोजित आतंकवाद बताया. साथ ही कहा कि ईरान क्षेत्र में अस्थिरता नहीं चाहता. हालिया हमलों में बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने के बावजूद ईरान भारत और अन्य मित्र देशों के साथ ब्रिक्स और शंघाई सहयोग संगठन जैसे मंचों के जरिए सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है.
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई और कहा कि भारत ईरान का दोस्त है. उन्होंने कहा कि भारत कूटनीति को आगे बढ़ाने में अपनी पूरी कोशिश करेगा, क्योंकि किसी भी क्षेत्र में संघर्ष बढ़ना किसी के हित में नहीं है.
क्यों अहम है यह बातचीत?
चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शांति और स्टेबिलिटी के लिए भारत का कमिटमेंट दोहराया और बातचीत और डिप्लोमेसी की अपील की. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भी भारत सभी से अपने संबंध मधुर बनाए हुए है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ये बताचीत ऐसे समय हुई है जब ईरान बहुत ही संघर्ष की स्थिति में है. इजरायल के साथ उसकी जंग अभी भी खतरनाक बनी हुई है.
ईरान और इजरायल में जंग जारी
गुरुवार को भी ईरान ने इजरायल पर मिसाइलों से हमला किया. ईरान की ओर से इजरायल की राजधानी येरुशलम पर मिसाइलें दागी गईं. एक मिसाइल पुराने शहर, वेस्टर्न वॉल, अल-अक्सा मस्जिद और चर्च ऑफ द होली सेपुलकर से कुछ सौ मीटर दूर गिरी. इसी कारण आज नमाज़ कुछ समय के लिए रोक दी गई. वहीं, इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) ने गुरुवार की शाम को ईरान की ओर मिसाइलें दागने का दावा किया.
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