timber trees benefits | business idea for farmers | किसानों की आय बढ़ाने का तरीका | किसानों के लिए फायदेमंद खेती |
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Profitable Farming for Farmers: लखीमपुर खीरी में किसान अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ यूकेलिप्टस के पेड़ लगाकर अपनी आमदनी दोगुना कर रहे हैं. कम लागत और कम मेहनत में ये पेड़ सालों बाद मोटा मुनाफा देते हैं. यूकेलिप्टस की लकड़ी, पत्ते और तेल की हमेशा बाजार में मांग रहती है, जिससे किसानों को बिक्री में कभी दिक्कत नहीं होती. इसके अलावा खेत के चारों ओर लगाए जाने से फसल आवारा जानवरों से भी सुरक्षित रहती है. यही वजह है कि लखीमपुर के किसान बड़े पैमाने पर यूकेलिप्टस की खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं और यह उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने में मददगार साबित हो रहा है.
लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में खेती-किसानी के तरीके अब बदल रहे हैं. यहां किसान अब अपनी पारंपरिक फसलों के साथ-साथ खेत के चारों ओर यूकेलिप्टस के पेड़ लगाकर अपनी आमदनी को दोगुना करने में जुटे हैं. यूकेलिप्टस एक ऐसा पेड़ है जो कम लागत और कम मेहनत में किसानों को मोटा मुनाफा देता है. यही वजह है कि अब जिले के किसान बड़ी संख्या में इस पेड़ की ओर आकर्षित हो रहे हैं.
कम निवेश में किसानों के लिए बड़ा मुनाफा
यूकेलिप्टस लगाने का गणित बहुत ही सरल और फायदेमंद है. इसका एक छोटा पौधा बाजार में आसानी से 6 से 7 रुपये में मिल जाता है. इसे तैयार होने में करीब 5 से 6 साल का समय लगता है और मैच्योर होने के बाद एक पेड़ की कीमत लगभग 3000 रुपये तक पहुंच जाती है. अगर किसान अपने खेत के चारों ओर मेड़ पर इसे लगाते हैं, तो बिना किसी अतिरिक्त खर्च के कुछ ही सालों में वे लाखों रुपये की अतिरिक्त आय कमा सकते हैं.
बहुउपयोगी है यूकेलिप्टस, हर हिस्से की है भारी मांग
इस पेड़ की सबसे बड़ी खासियत इसकी बाजार में लगातार बनी रहने वाली मांग है. यूकेलिप्टस की लकड़ी का उपयोग घर के फर्नीचर, प्लाईवुड, दरवाजे और पार्टिशन बोर्ड बनाने में किया जाता है. इतना ही नहीं, इसके पत्तों से कीमती तेल और दवाइयां भी तैयार की जाती हैं. इसकी जड़ से लेकर पत्तियों तक का इस्तेमाल होने के कारण किसानों को इसे बेचने में कभी कोई दिक्कत नहीं आती है.
फसल की सुरक्षा और आवारा पशुओं से बचाव
लखीमपुर के किसान अमित मिश्रा ने लोकल 18 को बताया कि यूकेलिप्टस लगाने के दोहरे फायदे हैं. एक तरफ जहां इससे भविष्य में मोटा पैसा मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ यह आवारा जानवरों के आतंक से फसल को बचाता है. खेत के चारों ओर घने पेड़ होने से जानवर आसानी से अंदर नहीं घुस पाते. अमित ने खुद अपने खेत की मेड़ पर 300 पेड़ लगाए हैं और आने वाले समय में वे 1000 और पेड़ लगाने की तैयारी कर रहे हैं.
लगाने का सही तरीका और देखभाल
यूकेलिप्टस लगाने के लिए बरसात का मौसम सबसे उपयुक्त माना जाता है. अगर किसान इसे खेत के किनारे मेड़ पर लगाना चाहते हैं, तो एक पौधे से दूसरे पौधे की दूरी करीब डेढ़ मीटर रखनी चाहिए. इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि इसे अलग से पानी देने की जरूरत नहीं पड़ती. जब किसान अपनी फसल की सिंचाई करते हैं, तो पेड़ों को अपने आप पानी मिल जाता है. इस तरह बिना किसी अतिरिक्त लागत के किसान अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं.
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सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें