2026 का छुपारुस्तम 2027 में भी दिखाएगा चुपचाप दम, टीम मैनेजमेंट को क्यों रहता है शक, नहीं मिलता इस खिलाड़ी को हक

Share to your loved once


नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट में जब सबसे चमकदार सितारों की चर्चा होती है तो अक्सर कुछ ऐसे खिलाड़ी भी पीछे छूट जाते हैं, जिनका योगदान बेहद अहम होता है. टीम की जीत में उनकी भूमिका बड़ी होती है, लेकिन सुर्खियां अक्सर किसी और के हिस्से में चली जाती हैं. भारतीय टीम के भरोसेमंद ऑलराउंडर अक्षर भी ऐसे ही खिलाड़ियों में गिने जाते हैं.

गेंदबाजी, बल्लेबाजी और फील्डिंगती नों विभागों में अहम योगदान देने वाले अक्षर पटेल कई बार ऐसे प्रदर्शन कर जाते हैं जो शायद उतनी चर्चा नहीं बटोर पाते, जितने के वे हकदार होते हैं. लेकिन कप्तान के लिए वह वही खिलाड़ी हैं, जो मुश्किल वक्त में काम आते हैं और टीम के संतुलन को मजबूती देते हैं.

क्यों सूर्यकुमार यादव को मांगनी पड़ी थी माफी?

भारतीय टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने एक दिलचस्प खुलासा किया था कि एक बार टीम चयन के फैसले के कारण अक्षर पटेल उनसे नाराज हो गए थे. यह मामला वर्ल्ड कप के दौरान भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच हुए मैच से जुड़ा था. उस मुकाबले में अक्षर पटेल को टीम से बाहर रखा गया था और भारत को 70 से ज्यादा रन से हार का सामना करना पड़ा. उस मैच में भारतीय गेंदबाजी बिखरी हुई नजर आई और करीब 200 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम सिर्फ 111 रन पर सिमट गई. बाद में सूर्यकुमार यादव ने स्वीकार किया कि अक्षर उस फैसले से काफी नाराज थे और उन्हें यह बात समझ में आती है. उन्होंने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से कहा,वह बहुत गुस्से में थे और होना भी चाहिए था. वह अनुभवी खिलाड़ी हैं और एक फ्रेंचाइजी की कप्तानी भी करते हैं. मैंने उनसे माफी मांगी.मैंने कहा कि मुझसे गलती हो गई और मुझे खेद है, लेकिन यह फैसला टीम के हित में लिया गया था.”

आंकड़ों से कहीं बड़ा है अक्षर का योगदान

अगर केवल टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बात करें तो अक्षर पटेल के आंकड़े भी उनके महत्व को दर्शाते हैं. 94 मैचों में उन्होंने 7.40 की शानदार इकॉनमी से 97 विकेट लिए हैं, जबकि बल्लेबाजी में 133 के स्ट्राइक रेट से 702 रन भी बनाए हैं. हालांकि सिर्फ आंकड़ों से उनके योगदान को पूरी तरह नहीं समझा जा सकता. उदाहरण के तौर पर वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले को याद किया जा सकता है, जहां भारत की सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें टिकी हुई थीं. उस मैच में अक्षर ने भले ही 0/35 के आंकड़े दर्ज किए, लेकिन जब बाकी गेंदबाजों की इकॉनमी 9 से ऊपर थी, तब उन्होंने रन गति पर काफी हद तक नियंत्रण रखा.

सेमीफाइनल में भी निभाई बड़ी भूमिका

इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में भी अक्षर ने अहम भूमिका निभाई. जब जैकब बीथल और टॉम बैनटॉन के बीच साझेदारी बन रही थी, तब उन्होंने बैंटन को आउट कर भारत को राहत दिलाई.इसके अलावा फील्डिंग में भी उन्होंने कमाल दिखाया. हैरी ब्रूक और सॉल्ट के शानदार कैच लेकर उन्होंने भारत को मैच में बनाए रखा. यहां तक कि शिवम दुबे के साथ मिलकर एक बेहतरीन साझेदारी कैच भी पकड़ा. जब पूरे टूर्नामेंट में टीम से 15 कैच छूटे, तब अक्षर सबसे भरोसेमंद फील्डर बनकर उभरे.

फाइनल में भी किया अपना काम

टूर्नामेंट के फाइनल में भी अक्षर पटेल चुपचाप आए और अपना काम कर गए. जहां सबकी नजरें बुमराह के चार विकेटों पर थीं, वहीं अक्षर ने भी 3/27 के शानदार आंकड़े दर्ज किए. उन्होंने खतरनाक बल्लेबाज फिन एलन, ग्लेन फिलिप्स और डैरल मिचेल को पवेलियन भेजकर मैच का रुख बदल दिया.

2024 विश्व कप में भी निभाई अहम भूमिका

इससे पहले टी20 वर्ल्ड कप 2024 में भी अक्षर पटेल ने भारत की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. आठ मैचों में उन्होंने नौ विकेट लिए और उनकी इकॉनमी भी 8 से कम रही. फाइनल में जब भारत का स्कोर 3 विकेट पर 34 रन था और टीम दबाव में थी, तब अक्षर पटेल ने 31 गेंदों पर 37 रन की महत्वपूर्ण पारी खेलकर टीम को संभाला. यह टी20 अंतरराष्ट्रीय में उनकी सबसे अहम पारियों में से एक मानी जाती है.

हमेशा रहेंगे ‘अंडररेटेड’?

इस बार के टी20 विश्व कप में भी अक्षर पटेल ने वही किया, जो वह हमेशा करते आए हैं चुपचाप अपना काम. शायद यही वजह है कि उन्हें अक्सर ‘अंडररेटेड’ खिलाड़ी कहा जाता है. लेकिन जब तक उनके प्रदर्शन इसी तरह टीम को जीत दिलाते रहेंगे, तब तक शायद यह शब्द उनके साथ जुड़ा रहेगा. हो सकता है कि वर्ल्ड कप 2027 के बाद भी हम अक्षर पटेल के बारे में ठीक इसी तरह बात कर रहे हों.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP