गैस एजेंसी पर भीड़ खत्म! नहीं करना पड़ेगा घंटों इंतजार, ऐसे करें बुकिंग, झट से मिल जाएगा सिलेंडर
Last Updated:
ECA Act on LPG: भारत में गैस की किल्लत हो गई है. देश के कई शहरों में होटलों, रेस्टोरेंट्स को गैस की सप्लाई नहीं मिल रही है. कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पर सबसे ज्यादा संकट है. मिडिल ईस्ट टेंशन की बीच सरकार ने गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए, बुकिंग की समयसीमा भी बढ़ी दी. उसके बाद सरकार ने एलपीजी पर ईसीए एक्ट लागू कर दिया. अब बदायूं में डिलीवरी प्रोसेस में बदलाव किया है.

बदायूं में मिलेगा गैस सिलेंडर. (सांकेतिक तस्वीर)
यह हैं तरीके, जिससे हो जाएगी बुकिंग
इंडियन ऑयल कंपनी के नोडल अधिकारी मधु वृक्ष चौहान ने कहा कि कस्टमर को ज्यादातर ऑनलाइन ही बुकिंग करनी है. उसके लिए कई सारे तरीके बनाए गए हैं. अभी तक उपभोक्ता सिर्फ मिस्ड कॉल के माध्यम से गैस बुक कर करता था. मगर, अब ऑनलाइन बुकिंग की जा सकती है. इसके अलावा उन्होंने बताया कि उपभोक्ता व्हाट्सएप पर बुकिंग कर सकता है. इंडियन ऑयल का ऐप डाउनलोड करके बुकिंग की जा सकती है. साथ ही पेटीएम और फोन पे , अमेजॉन, जैसे ऐप से भी गैस बुक की जा सकती है.
उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वह मिस्ड कॉल की जगह अन्य एप से बुकिंग करें. उन पर इस समय लोड कम है. गैस आराम से बुक हो जाएगी पैनिक ना हों. सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बुकिंग ना करें. सर्वर पर ज्यादा लोड है. इसीलिए शाम के टाइम या सुबह के समय बुकिंग करना आसान होगा.
नहीं जल पा रहा चूल्हा
गौरतलब है, एजेंसी के बाहर सुबह 8 बजे से ही लोग लंबी-लंबी लाइनों में लग जाते हैं. महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे-छोटे बच्चे तेज धूप में घंटों खड़े होकर अपनी-अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं. लेकिन दोपहर होने तक भी उनके हाथ सिर्फ निराशा लगती है. लोगों का कहना है कि सर्वर की समस्या के कारण सिलेंडर बुक नहीं हो पा रहा है और अगर बुक हो भी रहा है तो एजेंसी पर सिलेंडर उपलब्ध नहीं है. इससे कई घरों में चूल्हा तक नहीं जल पा रहा है और परिवार को खाना बनाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
क्या हुए हैं नियम में बदलाव?
- सरकार ने मौजूदा संकट को देखते हुए ECA लागू करने का फैसला किया है.
- आवश्यक वस्तु कानून के तहत गैस कंपनियों को प्राथमिकता के तहत गैस की सप्लाई करने का आदेश दिया है.
- इस कानून के तहत सरकार को ये अधिकार मिलता है को वो किसी भी जरूरी सामान की सप्लाई और कीमत को कंट्रोल कर सके.
- खासकर जामखोरी को रोकने के लिए सरकार इस कानून का इस्तेमाल करती है.
- जब भी सप्लाई प्रभावित होती है या कीमत बेलगाम होने लगती है तो इस कानून का इस्तेमाल किया जाता है.
- इस कानून का इस्तेमाल कर घरेलू उपभोक्ताओं, CNG-PNG और इमरजेंसी सर्विसेस को इसमें प्राथमिकता दी है.
- जबकि होटल, रेस्टोरेंट, उद्योगों को सीमित गैस आपूर्ति की जाएगी.
- सरकार इमरजेंसी के हालात में सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन को कंट्रोल कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश करती है.
About the Author
Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें