तुस्याना गांव में विकास बना मुसीबत, धूल और गंदगी के बीच जीने को मजबूर ग्रामीण

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ग्रेटर नोएडा के तुस्याना गांव में अथॉरिटी की लापरवाही और अव्यवस्थित विकास कार्यों से ग्रामीण बेहाल हैं. बिना योजना के पहले सड़कें बनाना और फिर नालियां खोदने से सड़कों पर मिट्टी और धूल का अंबार लग गया है. चोक नालियों का गंदा पानी और खराब स्ट्रीट लाइट निवासियों के लिए मुसीबत बन गए हैं. प्रशांत भाटी और अन्य ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद अधिकारी ठोस कदम नहीं उठा रहे, जिससे गांव में प्रदूषण और बीमारियां बढ़ रही हैं.

ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा के तुस्याना गांव में अधूरे और अव्यवस्थित विकास कार्यों के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. गांव के लोगों का कहना है कि अथॉरिटी द्वारा विकास कार्य तो किए जा रहे हैं, लेकिन उन्हें सही क्रम और योजना के अनुसार पूरा नहीं किया जा रहा, जिसके कारण समस्याएं कम होने के बजाय और बढ़ती जा रही हैं. गांव में चोक नालियां, सड़कों पर फैली मिट्टी, उड़ती धूल और खराब स्ट्रीट लाइट जैसी कई समस्याएं लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं.

स्थानीय निवासी प्रशांत भाटी ने बताया कि गांव में पहले सड़कों का निर्माण कर दिया गया, जबकि नालियों का काम बाद में शुरू किया गया. नालियों के निर्माण के दौरान खोदी गई मिट्टी दोबारा सड़कों पर आ गई है. इसके कारण सड़कों पर हर समय धूल उड़ती रहती है और प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि गांव के अंदर बैठना भी मुश्किल हो गया है और लोगों को रोजाना धूल और गंदगी के बीच रहना पड़ रहा है. खासकर बुजुर्गों और बच्चों को इससे ज्यादा परेशानी हो रही है.

चोक नालियां और जलभराव से ग्रामीण त्रस्त
प्रशांत भाटी ने यह भी बताया कि गांव में कुछ जगहों पर 6 प्रतिशत योजना के तहत नाली निर्माण का काम शुरू तो कर दिया गया है, लेकिन अभी भी कई जगह नालियों की स्थिति बेहद खराब है. अधिकतर नालियां चोक पड़ी हैं और उनका पानी सड़कों पर बह रहा है. पानी के निकास की कोई सही व्यवस्था नहीं होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर जमा हो जाता है, जिससे लोगों को आवाजाही में भी दिक्कत होती है.

गांव निवासी विक्रांत भाटी का कहना है कि नालियों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण वे पूरी तरह से चोक हो चुकी हैं. नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है, जिससे आसपास गंदगी और बदबू फैलती है. उन्होंने बताया कि गांव में प्रदूषण का स्तर भी लगातार बढ़ रहा है, जिसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है. आए दिन लोग खांसी, सर्दी और अन्य बीमारियों से जूझ रहे हैं.

कई गलियों में खराब पड़ी हैं स्ट्रीट लाइट
वहीं, स्थानीय निवासी संदीप भाटी ने गांव में स्ट्रीट लाइट की समस्या भी उठाई. उन्होंने बताया कि गांव की कई गलियों में स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी हैं, जिसके कारण रात के समय अंधेरा छा जाता है. इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है और दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है. संदीप भाटी ने कहा कि सबसे बड़ी समस्या गांव में बढ़ता प्रदूषण है. सड़कों पर फैली मिट्टी और धूल के कारण जब भी कोई वाहन गुजरता है तो धूल का गुबार उठता है, जिससे लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत होती है.

पहले बनी सड़कें, अब नाली खोदकर फैलाई मिट्टी
स्थानीय निवासी प्रमोद चौधरी ने भी विकास कार्यों की योजना पर सवाल उठाए. उनका कहना है कि यदि पहले नालियों का निर्माण किया जाता और उसके बाद सड़क बनाई जाती तो यह समस्या पैदा नहीं होती. अभी स्थिति यह है कि नाली निर्माण के कारण सड़कों पर मिट्टी फैल गई है और वाहन गुजरने पर धूल का गुबार उड़ता है. इससे पूरे इलाके में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है और ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों का यह भी कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है अधिकारी मौके पर आकर केवल औपचारिकता निभाकर चले जाते हैं और समस्याएं जस की तस बनी रहती हैं.

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Rahul Goel

राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें

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