मार्च की गर्मी में सीजनल फ्लू से बचाव के आसान उपाय, तुरंत राहत दिलाएंगे ये घरेलू नुस्खे

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मार्च के महीने में भारी दवाइयों के अधिक सेवन से शरीर में डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए इस मौसम में तरल पदार्थों का सेवन अधिक करना चाहिए. तुलसी और काली मिर्च से बना काढ़ा शरीर में जमी जकड़न को दूर करने में मदद करता है.

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सीतामढ़ी: मार्च का महीना शुरू होते ही सूरज की तपिश बढ़ने लगी है. बदलते मौसम के साथ मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है. दोपहर की तेज धूप और सुबह-शाम की हल्की ठंडक के कारण इन दिनों सीजनल फ्लू, सर्दी-जुकाम और गले से जुड़ी समस्याओं के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं. अचानक तापमान में बदलाव के कारण शरीर खुद को जल्दी अनुकूल नहीं कर पाता, जिससे गला खराब होना, सिरदर्द, नाक बंद होना और हल्की खांसी जैसी परेशानियां आम हो जाती हैं. वहीं, विशषज्ञों का कहना है कि बाजार में मिलने वाली दवाइयां इन बीमारियों से राहत तो देती हैं, लेकिन कई बार उनसे सुस्ती और थकान जैसी समस्या भी हो सकती है. ऐसे में रसोई में मौजूद दादी-नानी के पारंपरिक घरेलू नुस्खे इस मौसम में काफी कारगर साबित होते हैं.

अदरक-शहद का मिश्रण देता है राहत
आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. सुनील सिंह बताते हैं कि तेज धूप से आने के बाद तुरंत ठंडा पानी पीना या सीधे एसी में बैठ जाना गले को प्रभावित कर सकता है. ऐसी स्थिति में अदरक और शहद का मिश्रण काफी लाभदायक माना जाता है. अदरक में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण गले की सूजन को कम करते हैं, जबकि शहद प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है. एक चम्मच अदरक के रस में थोड़ा शहद मिलाकर सेवन करने से खांसी में राहत मिलती है. यह धूल भरी हवाओं से होने वाली एलर्जी से भी बचाव करता है. साथ ही, इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है.

तुलसी का काढ़ा और भाप भी है असरदार
डॉ. सुनील सिंह के अनुसार, मार्च के महीने में भारी दवाइयों के अधिक सेवन से शरीर में डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए इस मौसम में तरल पदार्थों का सेवन अधिक करना चाहिए. तुलसी और काली मिर्च से बना काढ़ा शरीर में जमी जकड़न को दूर करने में मदद करता है. तुलसी के औषधीय गुण संक्रमण से लड़ने में सहायक होते हैं. जबकि काली मिर्च बंद नाक को खोलने में मदद करती है. अगर नाक ज्यादा बंद हो, तो गर्म पानी में अजवाइन डालकर भाप लेना भी काफी लाभदायक होता है. यह उपाय श्वसन तंत्र को साफ करता है और जुकाम से जल्दी राहत दिलाता है.

हल्दी वाला दूध देता है शरीर को मजबूती
दिनभर की गर्मी और धूल के बाद रात में सोने से पहले हल्दी वाला दूध पीना भी फायदेमंद माना जाता है. हल्दी में मौजूद ‘करक्यूमिन’ प्राकृतिक एंटीबायोटिक की तरह काम करता है. यह वायरल संक्रमण से लड़ने में मदद करता है. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सर्दी-जुकाम के साथ तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए. ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए.

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Amita kishor

न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें

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