स्वयं सहायता समूह से बदल रही महिलाओं की किस्मत, घर पर बना रहीं हार्पिक और कमा रहीं अच्छा मुनाफा
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लोकल 18 से बातचीत करते हुए अंशिका ने बताया कि समूह में जोड़ने के लिए गांव की रहने वाली महिला बुशरा खान ने हमें प्रेरित किया और उसके बाद हम समूह में जुड़े समूह में जोड़ने के बाद हमारी ट्रेनिंग हुई ट्रेनिंग के बाद हम करीब 11 महिलाएं इस समय स्वच्छता किट तैयार कर रहे हैं. इस समय हमारा समूह हार्पिक तैयार कर रहा है.
लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में स्वयं सहायता समूह से जुड़कर महिलाएं और बालिकाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं जिससे महिलाओं को अच्छा खासा मुनाफा भी हो रहा है. स्वयं सहायता समूह में ट्रेनिंग मिलने के बाद महिलाएं जरूरत के हिसाब से उत्पाद तैयार कर रही हैं जिसके बाद उन्हें मार्केट में सेल कर रही हैं. कई महिलाओं की स्वयं सहायता समूह से जुड़कर किस्मत बदल गई है जिस कारण महिलाएं अन्य महिलाओं को समूह में जोड़ने के लिए प्रेरित भी कर रही हैं.
खीरी जिले के मोहम्मदी तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम धमौला की रहने वाले अंशिका पढ़ाई के साथ-साथ स्वयं सहायता समूह में जुड़कर आत्मनिर्भर हो रही है. अंशिका समूह की महिलाओं के साथ घर पर ही हार्पिक और अन्य सफाई करने वाले उत्पाद तैयार कर रही हैं. जिससे उन्हें अच्छा रोजगार मिल रहा है. और उनकी आय में भी बढ़ोतरी हो रही है.
स्वच्छता किट तैयार करने की ट्रेनिंग
लोकल 18 से बातचीत करते हुए अंशिका ने बताया कि समूह में जोड़ने के लिए गांव की रहने वाली महिला बुशरा खान ने हमें प्रेरित किया और उसके बाद हम समूह में जुड़े समूह में जोड़ने के बाद हमारी ट्रेनिंग हुई ट्रेनिंग के बाद हम करीब 11 महिलाएं इस समय स्वच्छता किट तैयार कर रहे हैं. इस समय हमारा समूह हार्पिक तैयार कर रहा है. मार्केट में मिलने वाले टॉयलेट क्लीनर से कोहिनूर का हार्पिक बेहतरीन है. समूह की महिलाएं स्वयं प्रोडक्ट तैयार करने के बाद मार्केटिंग भी करती हैं जिससे उन्हें अच्छा खासा मुनाफा हो रहा है वही हार्पिक की एक बोतल ₹50 की सेल की जाती है.
स्थानीय बाजारों में इन उत्पादों की अच्छी मांग
बुशरा खान ने जानकारी देते हुए बताया कि जहां गांव की महिलाएं पहले सिर्फ घरेलू कामों तक की सीमित थी, लेकिन अब स्वयं सहायता समूह से जोड़ने के बाद उन्हें प्रशिक्षण मिला और स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मिलकर सफाई उत्पाद तैयार कर रही हैं. स्थानीय बाजार में इन उत्पादों की अच्छी मांग है जिससे समूह की महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है ग्रामीण क्षेत्र में या पहला महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की एक बेहतरीन मिसाल बनती जा रही है.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें