Sonam Wangchuk Supreme Court Case: सुप्रीम कोर्ट में छिड़ी थी सोनम वांगचुक की हिरासत पर कानूनी जंग, अचानक बिगड़ी SG तुषार मेहता की तबीयत

Share to your loved once


नई दिल्ली: लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज उस वक्त नाटकीय स्थिति पैदा हो गई जब केंद्र सरकार का पक्ष रख रहे सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता की तबीयत अचानक बिगड़ गई. जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी.बी. वराले की बेंच के सामने मामले की दलीलें शुरू ही हुई थीं कि सॉलिसिटर जनरल ने असहजता महसूस की जिसके बाद कार्यवाही को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा. वांगचुक को लद्दाख में राज्य के दर्जे की मांग और विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिया गया था, जिसे लेकर शीर्ष अदालत में तीखी बहस की उम्मीद थी.

पूर्ण राज्य की मांग
पेश मामले में एक तरफ जहां सोनम वांगचुक की हिरासत को लेकर सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन के आरोप लग रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार की ओर से सबसे मजबूत कानूनी पैरवी करने वाले एसजी तुषार मेहता की अनुपलब्धता या खराब स्वास्थ्य सुनवाई की दिशा और समय सीमा को प्रभावित कर सकता है. लद्दाख का मुद्दा पहले से ही केंद्र सरकार के लिए एक जटिल चुनौती बना हुआ है, जहां अनुच्छेद 370 के हटने के बाद से छठी अनुसूची और पूर्ण राज्य की मांग को लेकर असंतोष है.

छह महीने पहले गिरफ्तारी
लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा दिलाने के लिए सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर थे. 24 सितंबर 2025 को लेह में हिंसा भड़कने और 4 लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने उनपर भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाया. 26 सितंबर 2025 को उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत गिरफ्तार कर जोधपुर जेल भेज दिया गया.

कानूनी लड़ाई और वर्तमान स्थिति
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने सुप्रीम कोर्ट में उनकी रिहाई के लिए याचिका दायर की. याचिका में तर्क दिया गया कि वांगचुक ने हमेशा शांति की अपील की है और सरकार चुनिंदा वीडियो क्लिप्स का इस्तेमाल कर उन्हें फंसा रही है. कोर्ट ने हाल ही में उनके स्वास्थ्य पर चिंता जताई है और अब मामला साक्ष्यों की जांच और हिरासत की वैधता पर टिका है.

सवाल-जवाब

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान क्या अनहोनी हुई?

सोनम वांगचुक केस की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार का पक्ष रख रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की तबीयत अचानक खराब हो गई.

इस मामले की सुनवाई कौन से जज कर रहे हैं?

इस मामले की सुनवाई जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी.बी. वराले की बेंच कर रही है.

सोनम वांगचुक को क्यों हिरासत में लिया गया था?

लद्दाख को राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों और वहां कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए उन्हें हिरासत में लिया गया था.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP